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राज्यसभा में पारित कृषि बिल पूरी तरह किसान विरोधी
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बिलासपुर। कृषि उपज विपणन समिति बिलासपुर के पूर्व चेयरमैन व सचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी विवेक कुमार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्यसभा में पारित कृषि बिल का कड़े शब्दों में विरोध किया है। विवेक कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बिल किसान विरोधी है। सरकार इसे किसान हितैषी बता रही है। कोरोना काल में जहां सारे व्यापार ठप हो गए हैं, वहीं कई नौजवान बेरोजगार हो गए हैं और कृषि ही एकमात्र आजीविका कमाने का साधन रहा है। वहीं सरकार ने कोरोना काल में यह बिल पारित कर तुगलकी फरमान जारी कर किसान विरोधी कार्य किया है।
इस बिल के प्रावधान के अनुसार किसानों और व्यापारियों को मंडी से बाहर अनाज बेचने की अनुमति होगी। जिससे किसानों को अपनी फसल को एक मंडी से दूसरी मंडी में बेहतर मूल्य पाने की होड़ में किराया भी पूरा नहीं होगा। इससे कालाबाजारी भी बढ़ेगी। यही नहीं पूंजीपति और बड़े व्यापारी किसानों की उपज को कम दाम में खरीदेंगे। सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही है। इस बिल से पहले किसानों को मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित होता था किंतु अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म कर दिया है जिसका सीधा लाभ बड़े उद्योगपतियों व पूंजीपतियों को होगा। पूंजीपति किसानों को उनकी फसल को कम से कम मूल्य पर बेचने के लिए विवश कर देंगे और किसानों को मजबूर होकर अपना अनाज कम मूल्य पर बेचना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस बिल पर पुनर्विचार करने को कहा है।
इस मौके पर राकेश मेहता जिला महासचिव कांग्रेस कमेटी, कर्मदेव, अशरफ, राजकुमार कौशल, ओमकार चौधरी आदि मौजूद रहे।
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इस बिल के प्रावधान के अनुसार किसानों और व्यापारियों को मंडी से बाहर अनाज बेचने की अनुमति होगी। जिससे किसानों को अपनी फसल को एक मंडी से दूसरी मंडी में बेहतर मूल्य पाने की होड़ में किराया भी पूरा नहीं होगा। इससे कालाबाजारी भी बढ़ेगी। यही नहीं पूंजीपति और बड़े व्यापारी किसानों की उपज को कम दाम में खरीदेंगे। सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही है। इस बिल से पहले किसानों को मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित होता था किंतु अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म कर दिया है जिसका सीधा लाभ बड़े उद्योगपतियों व पूंजीपतियों को होगा। पूंजीपति किसानों को उनकी फसल को कम से कम मूल्य पर बेचने के लिए विवश कर देंगे और किसानों को मजबूर होकर अपना अनाज कम मूल्य पर बेचना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस बिल पर पुनर्विचार करने को कहा है।
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इस मौके पर राकेश मेहता जिला महासचिव कांग्रेस कमेटी, कर्मदेव, अशरफ, राजकुमार कौशल, ओमकार चौधरी आदि मौजूद रहे।