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बड़गांव, बरठीं और सुन्हाणी में लगातार बारिश से गेहूं की फसल
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बरठीं(बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के तहत ग्राम पंचायत बड़गांव, बरठीं, सुन्हाणी, बलोह और छत के किसानों की मेहनत पर लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने पानी फेर दिया है। इन पंचायतों में किसानों की गेहूं की फसल पूरी तरह से जमीन पर लेट गई है जिस कारण किसानों को हजारों रुपये का नुकसान हो गया है। जबकि आने वाले समय में आर्थिक संकट भी खड़ा होने का खतरा मंडरा रहा है।
क्षेत्र के किसानों सुभाष चंदेल, हरी सिंह, जय सिंह चंदेल, वासुदेव ठाकुर, प्रकाश चंद, देवी सिंह, ओंकार सिंह चंदेल, रोशन लाल खजूरिया, बलदेव दास सहित अन्य किसानों ने बताया कि उन्होंने हजारों रुपये लगाकर गेहूं की फसल तैयार की थी लेकिन लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने उनकी सारी गेहूं की फसल बर्र्बाद कर दी है।
किसानों ने बताया कि क्षेत्र में बंदर, सूअर, लावारिस बैल, अंधड़, बारिश और ओलों की मार झेल रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से इन सभी विपत्तियों से निपटने के लिए किसानों को कोई भी राहत नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि उनको दो वक्त की रोटी के लाले पड़ने वाले हैं। उन्होंने बताया कि बैलों से फसलों को बचाने के लिए उन्होंने अपनी जमीन में कंटीली तार का प्रबंध खुद किया है लेकिन बारिश, अंधड़ और ओलों की मार उन पर पड़ी है जिसकी भरपाई सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनकी फसलों का जायजा लेकर उनको उचित मुआवजा दिया जाए जिससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
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क्षेत्र के किसानों सुभाष चंदेल, हरी सिंह, जय सिंह चंदेल, वासुदेव ठाकुर, प्रकाश चंद, देवी सिंह, ओंकार सिंह चंदेल, रोशन लाल खजूरिया, बलदेव दास सहित अन्य किसानों ने बताया कि उन्होंने हजारों रुपये लगाकर गेहूं की फसल तैयार की थी लेकिन लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने उनकी सारी गेहूं की फसल बर्र्बाद कर दी है।
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किसानों ने बताया कि क्षेत्र में बंदर, सूअर, लावारिस बैल, अंधड़, बारिश और ओलों की मार झेल रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से इन सभी विपत्तियों से निपटने के लिए किसानों को कोई भी राहत नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि उनको दो वक्त की रोटी के लाले पड़ने वाले हैं। उन्होंने बताया कि बैलों से फसलों को बचाने के लिए उन्होंने अपनी जमीन में कंटीली तार का प्रबंध खुद किया है लेकिन बारिश, अंधड़ और ओलों की मार उन पर पड़ी है जिसकी भरपाई सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनकी फसलों का जायजा लेकर उनको उचित मुआवजा दिया जाए जिससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
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