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बारिश और तूफान से गेहूं की फसल 60 फीसदी तबाह
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झंडूता क्षेत्र में भारी बारिश से बरबाद हुई गेहूं की फसल।
- फोटो : BILASPUR
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झंडूता(बिलासपुर)। बीते दिनों से झंडूता क्षेत्र में हो रही लगातार भारी बारिश से जहां लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है वहीं तूफान और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। बारिश और तूफान के कारण 60 फीसदी तक गंदम की फसल तबाह हो चुकी है जिस कारण सैकड़ों किसानों पर आर्थिक संकट खड़ा होता नजर आ रहा है।
इस बार मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि किसानों की कड़ी मेहनत पर पानी फेर दिया। भारी बारिश और तूफान से खेतों में लहरा रही गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई हैं। मार्च माह में हो रही भारी बारिश किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि आंधी, तूफान के साथ हुई भारी बारिश से करीब 60 फीसदी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। इन दिनों क्षेत्र के किसानों ने गेहूं, चना, सरसों की फसल के अलावा लहसुन, प्याज, धनिया, मेथी और अजवाइन जैसे कई फसलें अपने खेतों में बिजी हुई थीं। किसानों ने इस बार बंपर फसल की उम्मीद जताई थी लेकिन कुदरत के खेल ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया। फसलों के बर्बाद होने से किसानों को अपने परिवार के भरण पोषण की चिंता सताने लगी है। किसानों ने प्रदेश सरकार से मुआवजे की मांग की है।
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इस बार मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि किसानों की कड़ी मेहनत पर पानी फेर दिया। भारी बारिश और तूफान से खेतों में लहरा रही गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई हैं। मार्च माह में हो रही भारी बारिश किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
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क्षेत्र के किसानों का कहना है कि आंधी, तूफान के साथ हुई भारी बारिश से करीब 60 फीसदी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। इन दिनों क्षेत्र के किसानों ने गेहूं, चना, सरसों की फसल के अलावा लहसुन, प्याज, धनिया, मेथी और अजवाइन जैसे कई फसलें अपने खेतों में बिजी हुई थीं। किसानों ने इस बार बंपर फसल की उम्मीद जताई थी लेकिन कुदरत के खेल ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया। फसलों के बर्बाद होने से किसानों को अपने परिवार के भरण पोषण की चिंता सताने लगी है। किसानों ने प्रदेश सरकार से मुआवजे की मांग की है।
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