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तूफान की चपेट में आने से गेहूं की फसल तबाह
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झंडूता क्षेत्र में तूफान से बरबाद हुई गेहूं की फसल।
- फोटो : BILASPUR
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झंडूता(बिलासपुर)। झंडूता क्षेत्र में बीते दिन आए तूफान से किसानों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज तूफान के कारण फसल को करीब 45 फीसदी तक का नुकसान पहुंचा है जिससे किसानों की बंपर फसल की उम्मीद को भी झटका लगा है। हालांकि विभाग का दावा है कि जिन किसानों ने फसल बीमा करवा रखा है उन्हें इसका लाभ मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि गत रोज आए तूफान के कारण विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बैहना ब्रह्मणा के गांव बेहरन कोली के किसान भूरी सिंह ठाकुर, बासु देव, शंकर सिंह, विमला देवी, जय देव, भाग सिंह, सुरेंद्र सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि बीते दिन आए तूफान से गेहूं की फसल को 40 से 45 प्रतिशत का नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि इस बार खेतों में बंपर फसल होने की पूरी उम्मीद थी लेकिन तूफान से मेहनत पर पानी फिर गया है जिस कारण किसानों पर अब आर्थिक संकट खड़ा होने का भी डर सता रहा है। उक्त किसानों ने कृषि विभाग और राज्य सरकार से मांग की है कि तूफान से हुए नुकसान की भरपाई की जाए।
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वहीं कृषि विभाग झंडूता के विषयवाद विशेषज्ञ अशोक कुमार के अनुसार जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा करवाया है उनका उपमंडल स्तर पर फसल के नुकसान का जायजा लिया जाएगा। और प्रतिशतता के हिसाब से नुकसान की भरपाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोमवार को ही कृषि प्रसार अधिकारी को मौके पर नुकसान का जायजा लेने के लिए कहा गया है जिसके बाद आगामी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि गत रोज आए तूफान के कारण विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बैहना ब्रह्मणा के गांव बेहरन कोली के किसान भूरी सिंह ठाकुर, बासु देव, शंकर सिंह, विमला देवी, जय देव, भाग सिंह, सुरेंद्र सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि बीते दिन आए तूफान से गेहूं की फसल को 40 से 45 प्रतिशत का नुकसान पहुंचा है।
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उन्होंने बताया कि इस बार खेतों में बंपर फसल होने की पूरी उम्मीद थी लेकिन तूफान से मेहनत पर पानी फिर गया है जिस कारण किसानों पर अब आर्थिक संकट खड़ा होने का भी डर सता रहा है। उक्त किसानों ने कृषि विभाग और राज्य सरकार से मांग की है कि तूफान से हुए नुकसान की भरपाई की जाए।
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वहीं कृषि विभाग झंडूता के विषयवाद विशेषज्ञ अशोक कुमार के अनुसार जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा करवाया है उनका उपमंडल स्तर पर फसल के नुकसान का जायजा लिया जाएगा। और प्रतिशतता के हिसाब से नुकसान की भरपाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोमवार को ही कृषि प्रसार अधिकारी को मौके पर नुकसान का जायजा लेने के लिए कहा गया है जिसके बाद आगामी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।