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एम्स साइट का मलबा बारिश्ा होने से बहकर खेतों में पहुंचा, भड़के ग्रामीण
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बिलासपुर। जिले के कोठीपुरा में निर्माणाधीन एम्स साइट का मलबा बारिश के कारण लोगों के खेतों में पहुंच गया है। खेत खराब होने पर ग्रामीण भड़क गए हैं। उन्होंने सोमवार को एम्स गेट को बंद कर प्रशासन और एम्स प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्थानीय लोगों ने अपनी मांगों को लेकर करीब पांच घंटे तक गेट बंद कर विरोध-प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा और बिजली महंत भी लोगों के साथ धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए।
बता दें कि कुछ दिन पहले हुई भारी बारिश के बाद निर्माणाधीन एम्स साइट पर डंप किए मलबे से लोगों के खेत खराब हो गए हैं। सोमवार को राजपुरा और कोठीपुरा पंचायतों के करीब 70 ग्रामीणों ने एम्स के सभी गेट बंद करके प्रशासन व एम्स प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान न तो गाड़ी को बाहर आने दिया और न ही अंदर जाने दिया गया। कहा मलबे के कारण कई लोगों की फसल बर्बाद हो गई। कई लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इस बारे मेें 7 जून को जिला प्रशासन के पास भी मांग उठाई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मिट्टी को डंप करने के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए हैं। एम्स साइट का मलबा इधर-उधर फेंका जा रहा है। इसके कारण पानी के प्राकृतिक जलस्रोत भी खराब हो गए हैं। लोगों को दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
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वहीं एम्स का कंस्ट्रक्शन कर रही कंपनी एनसीसी के अधिकारी मौके पर आए और लोगों को समझाने की कोशिश की। एसडीएम सदर ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुना।
पंचायत प्रधान राजपुरा हेमा ठाकुर, उपप्रधान सत्यदेव शर्मा, बीडीसी रेखा कुमारी, कोठीपुरा प्रधान पिंकी देवी, उपप्रधान जगदीश कुमार, पूर्व उपप्रधान राजपुरा कुलदीप ने एसडीएम के समक्ष ग्रामीणों की समस्याएं रखीं।
एसडीएम सदर ने लोगों को आश्वस्त किया कि 15 दिन में गांव के रास्ते ठीक कर दिए जाएंगे और ग्रामीणों के नुकसान की भरपाई भी कर दी जाएगी। लोगों ने कहा कि अगर प्रशासन और एम्स प्रबंधन ने नुकसान की भरपाई नहीं की और मिट्टी डंप करने के लिए कोई सही प्रबंध नहीं किए तो कोठीपुरा के पास शिमला-हमीरपुर एनएच को बंद करके विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
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स्थानीय लोगों ने अपनी मांगों को लेकर करीब पांच घंटे तक गेट बंद कर विरोध-प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा और बिजली महंत भी लोगों के साथ धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए।
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बता दें कि कुछ दिन पहले हुई भारी बारिश के बाद निर्माणाधीन एम्स साइट पर डंप किए मलबे से लोगों के खेत खराब हो गए हैं। सोमवार को राजपुरा और कोठीपुरा पंचायतों के करीब 70 ग्रामीणों ने एम्स के सभी गेट बंद करके प्रशासन व एम्स प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान न तो गाड़ी को बाहर आने दिया और न ही अंदर जाने दिया गया। कहा मलबे के कारण कई लोगों की फसल बर्बाद हो गई। कई लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इस बारे मेें 7 जून को जिला प्रशासन के पास भी मांग उठाई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मिट्टी को डंप करने के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए हैं। एम्स साइट का मलबा इधर-उधर फेंका जा रहा है। इसके कारण पानी के प्राकृतिक जलस्रोत भी खराब हो गए हैं। लोगों को दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
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वहीं एम्स का कंस्ट्रक्शन कर रही कंपनी एनसीसी के अधिकारी मौके पर आए और लोगों को समझाने की कोशिश की। एसडीएम सदर ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुना।
पंचायत प्रधान राजपुरा हेमा ठाकुर, उपप्रधान सत्यदेव शर्मा, बीडीसी रेखा कुमारी, कोठीपुरा प्रधान पिंकी देवी, उपप्रधान जगदीश कुमार, पूर्व उपप्रधान राजपुरा कुलदीप ने एसडीएम के समक्ष ग्रामीणों की समस्याएं रखीं।
एसडीएम सदर ने लोगों को आश्वस्त किया कि 15 दिन में गांव के रास्ते ठीक कर दिए जाएंगे और ग्रामीणों के नुकसान की भरपाई भी कर दी जाएगी। लोगों ने कहा कि अगर प्रशासन और एम्स प्रबंधन ने नुकसान की भरपाई नहीं की और मिट्टी डंप करने के लिए कोई सही प्रबंध नहीं किए तो कोठीपुरा के पास शिमला-हमीरपुर एनएच को बंद करके विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।