फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Acquittal of accused of assault in land dispute upheld

Bilaspur News: जमीन विवाद में मारपीट के आरोपियों की दोषमुक्ति बरकरार

Wed, 07 Oct 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
Acquittal of accused of assault in land dispute upheld
गवाहों के बयानों में तारीख, समय और घटनास्थल को लेकर विरोधाभास, मेडिकल साक्ष्य भी नहीं हुआ साबित
विज्ञापन

अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने शिकायतकर्ता की अपील खारिज कर निचली अदालत का फैसला रखा कायम


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जमीन विवाद को लेकर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के करीब 11 साल पुराने मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय बिलासपुर ने आरोपियों को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने शिकायतकर्ता की अपील खारिज करते हुए कहा कि प्रमुख गवाहों के बयानों में घटना की तारीख, समय, घटनास्थल और मौके पर मौजूद लोगों को लेकर महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं। ऐसे में निचली अदालत का आरोपियों को संदेह का लाभ देना उचित है।
मामला वर्ष 2015 में सदर थाना क्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जमीन के आदान-प्रदान के बाद उसे एक भूखंड मिला था, जिस पर दूसरे पक्ष की ईंटें और रेत पड़ी थीं। सामग्री नहीं हटाए जाने पर जब वह इसे हटाने लगा तो आरोपी मौके पर पहुंचे और उसके तथा उसकी पत्नी के साथ मारपीट की। गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था। मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। निचली अदालत ने 24 जून 2022 को आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था। इसके खिलाफ शिकायतकर्ता ने अपील दायर की। अपील की सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मृत्यु होने से उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई थी। शेष आरोपियों के संबंध में अदालत ने अब अपील खारिज कर दी है।
विज्ञापन

अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता ने घटना 7 जून 2015 को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच होने की बात कही, जबकि उसकी पत्नी ने घटना की तारीख 7 जुलाई 2015 और समय सुबह करीब 10 बजे बताया। शिकायतकर्ता ने घटनास्थल को घर से करीब 750 मीटर दूर बताया और वहां पहुंचने में 20 से 25 मिनट लगने की बात कही। पत्नी के अनुसार घटनास्थल घर से करीब 10 मिनट की दूरी पर था। शिकायतकर्ता ने घटना के बाद रास्ते में किसी व्यक्ति के मिलने से इनकार किया, जबकि उसकी पत्नी ने कहा कि मौके पर रिश्तेदार मौजूद थे और उन्होंने बीच-बचाव किया था। अदालत ने इन विरोधाभासों को मामूली भूल नहीं माना।
विज्ञापन
विज्ञापन

अदालत ने कहा कि केवल चिकित्सक के बयान के अभाव में मारपीट का मामला खारिज नहीं किया जा सकता। घायल गवाह की विश्वसनीय गवाही भी चोट साबित कर सकती है। लेकिन इस मामले में दोनों मुख्य गवाहों के बयानों में अन्य महत्वपूर्ण अंतर थे। शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी का चिकित्सकीय परीक्षण करने वाले डॉक्टर को गवाह नहीं बनाया गया और मेडिकल दस्तावेज भी विधि के अनुसार साबित नहीं हुए।
मामले में कथित रूप से इस्तेमाल दराट भी घटना के करीब तीन महीने बाद बरामद हुई। पुलिस गवाह ने माना कि ऐसे दराट गांवों में सामान्य रूप से पाए जाते हैं। दराट को घटना से जोड़ने वाला कोई वैज्ञानिक साक्ष्य भी नहीं मिला। जांच अधिकारी ने घटनास्थल के आसपास 10 से 15 घर होने की बात कही थी, लेकिन किसी स्वतंत्र व्यक्ति को गवाह नहीं बनाया गया।
अदालत ने कहा कि मुख्य गवाहों के बयानों में विरोधाभास होने की स्थिति में स्वतंत्र गवाही का अभाव महत्वपूर्ण हो जाता है। अदालत ने यह भी पाया कि खुले भूखंड में प्रवेश के आरोप से घर में अनधिकृत प्रवेश की धारा के आवश्यक तत्व साबित नहीं होते। वहीं पांच या अधिक लोगों की गैरकानूनी सभा और साझा उद्देश्य भी भरोसेमंद साक्ष्य से साबित नहीं हुआ। क्रॉस केस को लेकर अदालत ने माना कि ऐसे मामलों को एक ही न्यायाधीश द्वारा एक के बाद एक सुनकर अलग-अलग फैसला करना उचित प्रक्रिया है। हालांकि, केवल इस प्रक्रिया का पालन न होने से दोबारा सुनवाई का आदेश नहीं दिया जा सकता। इसके लिए वास्तविक अन्याय साबित होना जरूरी है।

अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि निचली अदालत का फैसला उचित और कानून के अनुरूप है। आरोपियों को संदेह का लाभ दिया जाना सही है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता की अपील खारिज करते हुए 24 जून 2022 का दोषमुक्ति आदेश बरकरार रखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed