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Bilaspur News: चिट्टा मामले में आरोपी को मिली जमानत
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अदालत ने कहा- कब्जे से नहीं हुई मादक पदार्थ की बरामदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश-II बिलासपुर की अदालत ने 31 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में आरोपी को जमानत दे दी। आरोपी के खिलाफ स्वारघाट थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार 24 जुलाई की रात फोरलेन कैंची मोड़ के पास एचआरटीसी बस की जांच के दौरान सीट नंबर 43 पर बैठे व्यक्ति के पास से 31 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। पूछताछ में उसने चिट्टा सीट नंबर एक पर बैठे जमानत याचिकाकर्ता से मिलने की बात कही थी। पुलिस ने आरोपी के बैग से इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन बरामद करने का दावा किया था। अदालत ने कहा कि 31 ग्राम चिट्टा आरोपी के प्रत्यक्ष या भौतिक कब्जे से बरामद नहीं हुआ। अभियोजन का मामला मुख्य रूप से सह आरोपी के कथित बयान पर आधारित है, जिसकी साक्ष्यात्मक जांच मुकदमे के दौरान होगी। अदालत ने यह भी कहा कि केवल अन्य आपराधिक मामलों के लंबित होने के आधार पर जमानत से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती पर जमानत दी। साथ ही देश छोड़ने, गवाहों को प्रभावित करने और दोबारा समान अपराध में शामिल होने पर रोक सहित अन्य शर्तें लगाई गई हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश-II बिलासपुर की अदालत ने 31 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में आरोपी को जमानत दे दी। आरोपी के खिलाफ स्वारघाट थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार 24 जुलाई की रात फोरलेन कैंची मोड़ के पास एचआरटीसी बस की जांच के दौरान सीट नंबर 43 पर बैठे व्यक्ति के पास से 31 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। पूछताछ में उसने चिट्टा सीट नंबर एक पर बैठे जमानत याचिकाकर्ता से मिलने की बात कही थी। पुलिस ने आरोपी के बैग से इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन बरामद करने का दावा किया था। अदालत ने कहा कि 31 ग्राम चिट्टा आरोपी के प्रत्यक्ष या भौतिक कब्जे से बरामद नहीं हुआ। अभियोजन का मामला मुख्य रूप से सह आरोपी के कथित बयान पर आधारित है, जिसकी साक्ष्यात्मक जांच मुकदमे के दौरान होगी। अदालत ने यह भी कहा कि केवल अन्य आपराधिक मामलों के लंबित होने के आधार पर जमानत से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती पर जमानत दी। साथ ही देश छोड़ने, गवाहों को प्रभावित करने और दोबारा समान अपराध में शामिल होने पर रोक सहित अन्य शर्तें लगाई गई हैं।