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Bilaspur News: 10.50 ग्राम चिट्टा बरामदगी में आरोपी को मिली जमानत
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विशेष न्यायाधीश-दो बिलासपुर की अदालत ने सुनाया फैसला
दोबारा ऐसे अपराध में शामिल होने पर रद्द हो सकती है जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्वारघाट थाना क्षेत्र में 10.50 ग्राम हेरोइन बरामदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश-दो बिलासपुर की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि बरामदगी वाणिज्यिक मात्रा से काफी कम है और आरोपी के व्यक्तिगत कब्जे से कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। हालांकि आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने को अदालत ने गंभीरता से लिया और उसे कड़ी शर्तों पर जमानत दी।
मामला सात सितंबर 2026 का है। पुलिस दल स्वारघाट क्षेत्र में गश्त और नाकाबंदी पर था। शाम करीब 6:40 बजे कीरतपुर की ओर से आई कार को जांच के लिए रोका गया। कार में तीन लोग सवार थे। पुलिस के अनुसार तलाशी के दौरान परिचालक सीट के आगे बने स्थान के पास से पारदर्शी पॉलीथिन में एक अन्य पॉलीथिन मिली, जिसमें भूरे रंग का पदार्थ था। पुलिस ने इसे हेरोइन या चिट्टा बताया और कुल वजन 10.50 ग्राम दर्ज किया। इसके बाद तीनों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया। अदालत ने जांच पूरी होने, रासायनिक जांच रिपोर्ट प्राप्त होने और आरोपी की पुलिस व न्यायिक हिरासत पूरी होने को भी ध्यान में रखा। साथ ही स्पष्ट किया कि पूर्व आपराधिक मामले जमानत पर विचार का महत्वपूर्ण पहलू हैं, लेकिन केवल इनके आधार पर अनिश्चित अवधि तक आरोपी को जेल में नहीं रखा जा सकता।
आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए गए हैं। उसे बिना अदालत की अनुमति देश छोड़ने, दोबारा इसी तरह के अपराध में शामिल होने और गवाहों को प्रभावित या धमकाने से रोक दिया गया है। शर्तों का उल्लंघन होने पर पुलिस जमानत रद्द कराने के लिए आवेदन कर सकेगी।
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दोबारा ऐसे अपराध में शामिल होने पर रद्द हो सकती है जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्वारघाट थाना क्षेत्र में 10.50 ग्राम हेरोइन बरामदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश-दो बिलासपुर की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि बरामदगी वाणिज्यिक मात्रा से काफी कम है और आरोपी के व्यक्तिगत कब्जे से कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। हालांकि आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने को अदालत ने गंभीरता से लिया और उसे कड़ी शर्तों पर जमानत दी।
मामला सात सितंबर 2026 का है। पुलिस दल स्वारघाट क्षेत्र में गश्त और नाकाबंदी पर था। शाम करीब 6:40 बजे कीरतपुर की ओर से आई कार को जांच के लिए रोका गया। कार में तीन लोग सवार थे। पुलिस के अनुसार तलाशी के दौरान परिचालक सीट के आगे बने स्थान के पास से पारदर्शी पॉलीथिन में एक अन्य पॉलीथिन मिली, जिसमें भूरे रंग का पदार्थ था। पुलिस ने इसे हेरोइन या चिट्टा बताया और कुल वजन 10.50 ग्राम दर्ज किया। इसके बाद तीनों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया। अदालत ने जांच पूरी होने, रासायनिक जांच रिपोर्ट प्राप्त होने और आरोपी की पुलिस व न्यायिक हिरासत पूरी होने को भी ध्यान में रखा। साथ ही स्पष्ट किया कि पूर्व आपराधिक मामले जमानत पर विचार का महत्वपूर्ण पहलू हैं, लेकिन केवल इनके आधार पर अनिश्चित अवधि तक आरोपी को जेल में नहीं रखा जा सकता।
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आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए गए हैं। उसे बिना अदालत की अनुमति देश छोड़ने, दोबारा इसी तरह के अपराध में शामिल होने और गवाहों को प्रभावित या धमकाने से रोक दिया गया है। शर्तों का उल्लंघन होने पर पुलिस जमानत रद्द कराने के लिए आवेदन कर सकेगी।
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