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Bilaspur News: पंचायतों से पॉलिथीन उठाने के लिए माह में एक बार जाएगी गाड़ी

Sun, 28 Dec 2025 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 28 Dec 2025 11:34 PM IST
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A vehicle will go once a month to collect polythene from the panchayats.
बीडीओ ऑफिस झंडूता में जलवायु परिवर्तन पर आयोजित कार्यशाला में उपस्थित आशा सामाजिक कार्यकर्ताएं
उद्देश्य : पर्यावरण को साफ-सुथरा रखना और लोगों को जागरूक करना
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बीडीओ कार्यालय में जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों पर कार्यशाला आयोजित

संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जलवायु परिवर्तन के गंभीर दुष्प्रभावों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन बीडीओ ऑफिस में किया गया। इसकी अध्यक्षता स्वच्छता कोऑर्डिनेटर रमेश चंद और स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने की।

स्वच्छता कोऑर्डिनेटर रमेश चंद ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत खंड झंडूता की सभी पंचायत से सभी प्रकार के पॉलिथीन को उठाने का अभियान चल रहा है, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च किया जा रहा है। इस अभियान के तहत एक गाड़ी हर पंचायत में महीने में एक बार जाएगी, जहां से वह सभी प्रकार के पॉलिथीन को उठाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को साफ-सुथरा रखना और लोगों में यह जागृति पैदा करना कि हमारा पर्यावरण अगर स्वच्छ होगा तो बहुत-सी बीमारियों से हम सब लोग बच सकते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सभी अपने घर के पॉलिथीन को इकट्ठा कर रखें और महीने में एक बार गाड़ी वालों के पास उसको जमा करवा दें। स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने बताया कि भारत में ही नहीं दुनिया में जलवायु परिवर्तन एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसमें पर्यावरण, कृषि, मानव के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है और बहुत सारी बीमारियों बढ़ रही हैं। अत्यधिक गर्मी, भीषण बाढ़, सूखा और बेमौसमी बारिश हो रही है जिससे जान माल का भारी नुकसान हो रहा है व लोग विस्थापित हो रहे हैं। मानसूनी बारिश में बहुत परिवर्तन हो रहा है और पानी की कमी बढ़ रही है या तो अधिक बारिश हो रही है या फिर कम बारिश हो रही है। ग्लेशियर पिघलने से बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह बढ़ते तापमान से कृषि पर विपरीत असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन से वेक्टर बोर्न डिजीज बढ़ रही है। तापमान और वर्षा की अधिकता के कारण अनेक प्रकार के मच्छर, डेंगू, मलेरिया या अन्य प्रकार के मच्छर बढ़ रहे हैं। इस तरह जल जनित रोग भी अधिक बढ़ रहे हैं। जलवायु परिवर्तन से व्यक्ति में मानसिक समस्याएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने बताया कि आज समय की मांग है कि सभी लोगों, प्रतिनिधियों, स्कूल कॉलेज व अन्य संस्थाएं पर्यावरण/जलवायु परिवर्तन के प्रति चिंतन करें और पर्यावरण को साफ रखने में सभी अपना सहयोग करें, ताकि आने वाली पीढि़यों का भविष्य सुरक्षित रहें व अधिक से अधिक पेड़ लगाए। प्लास्टिक, पॉलिथीन का कम प्रयोग करें और सभी प्रकार के पॉलिथीन को इकट्ठा कर उन्हें उचित तरीके से उनका निपटारा करें। इस अवसर पर महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, बीडीसी मेंबर, प्रधान, सदस्य, आशा सामाजिक कार्यकर्ता आदि उपस्थित रहे।
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