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Bilaspur News: स्कूलों के सोशल ऑडिट की 23 जून को होगी जिला स्तरीय जनसुनवाई
Thu, 18 Jun 2026 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:46 PM IST
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डीसी बिलासपुर, लोक निर्माण, विद्युत विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी लेंगे भाग
उद्देश्य : स्कूलों के शैक्षणिक प्रदर्शन, बुनियादी ढांचे, छात्र सुरक्षा की स्थिति का मूल्यांकन करना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। समग्र शिक्षा के तहत जिले के 20 प्रतिशत स्कूलों के सोशल ऑडिट की जिला स्तरीय जनसुनवाई 23 जून को भाषा एवं संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम बिलासपुर में होगी।
जनसुनवाई में उपायुक्त बिलासपुर, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विसेज, जल शक्ति विभाग के अधिकारियों सहित डाइट जुखाला के प्राचार्य और अन्य संबंधित अधिकारी भाग लेंगे। यह सोशल ऑडिट केवल वित्तीय अभिलेखों के निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समुदाय की सहभागिता से संचालित एक पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों के शैक्षणिक प्रदर्शन, बुनियादी ढांचे, छात्र सुरक्षा और समावेशी शिक्षा की स्थिति का मूल्यांकन करना है। इस प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों के अधिकारों का आकलन, स्कूली सुविधाओं की समीक्षा, छात्र सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का परीक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों का मूल्यांकन किया जाता है। सोशल ऑडिट रिपोर्ट एवं ऑडिट कार्ड यू-डाइस प्लस के आंकड़ों, समुदाय से प्राप्त फीडबैक और स्कूलों में किए गए सर्वेक्षण पर आधारित होंगे।
जनसुनवाई के दौरान इन निष्कर्षों को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा और विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा की जाएगी। 23 जून को होने वाली इस जनसुनवाई में विद्यालय प्रबंधन समितियों, मुख्याध्यापकों, अभिभावकों, स्थानीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच सीधा संवाद होगा। इस संवाद का उद्देश्य स्कूलों में पाई गई कमियों की पहचान कर उनके समाधान के लिए ठोस सुझाव प्राप्त करना, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को सुदृढ़ करना और विद्यार्थियों के हित में प्रभावी कदम सुनिश्चित करना है।
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जिला परियोजना अधिकारी निशा गुप्ता ने बताया कि सोशल ऑडिट शिक्षा प्रणाली को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और जनभागीदारी आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से जनसुनवाई में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लक्ष्य को और अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सके।
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उद्देश्य : स्कूलों के शैक्षणिक प्रदर्शन, बुनियादी ढांचे, छात्र सुरक्षा की स्थिति का मूल्यांकन करना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। समग्र शिक्षा के तहत जिले के 20 प्रतिशत स्कूलों के सोशल ऑडिट की जिला स्तरीय जनसुनवाई 23 जून को भाषा एवं संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम बिलासपुर में होगी।
जनसुनवाई में उपायुक्त बिलासपुर, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विसेज, जल शक्ति विभाग के अधिकारियों सहित डाइट जुखाला के प्राचार्य और अन्य संबंधित अधिकारी भाग लेंगे। यह सोशल ऑडिट केवल वित्तीय अभिलेखों के निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समुदाय की सहभागिता से संचालित एक पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों के शैक्षणिक प्रदर्शन, बुनियादी ढांचे, छात्र सुरक्षा और समावेशी शिक्षा की स्थिति का मूल्यांकन करना है। इस प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों के अधिकारों का आकलन, स्कूली सुविधाओं की समीक्षा, छात्र सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का परीक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों का मूल्यांकन किया जाता है। सोशल ऑडिट रिपोर्ट एवं ऑडिट कार्ड यू-डाइस प्लस के आंकड़ों, समुदाय से प्राप्त फीडबैक और स्कूलों में किए गए सर्वेक्षण पर आधारित होंगे।
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जनसुनवाई के दौरान इन निष्कर्षों को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा और विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा की जाएगी। 23 जून को होने वाली इस जनसुनवाई में विद्यालय प्रबंधन समितियों, मुख्याध्यापकों, अभिभावकों, स्थानीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच सीधा संवाद होगा। इस संवाद का उद्देश्य स्कूलों में पाई गई कमियों की पहचान कर उनके समाधान के लिए ठोस सुझाव प्राप्त करना, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को सुदृढ़ करना और विद्यार्थियों के हित में प्रभावी कदम सुनिश्चित करना है।
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जिला परियोजना अधिकारी निशा गुप्ता ने बताया कि सोशल ऑडिट शिक्षा प्रणाली को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और जनभागीदारी आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से जनसुनवाई में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लक्ष्य को और अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सके।