{"_id":"6ae4e9b89174b088a507c732","slug":"a-digital-record-of-facilities-in-villages-and-towns-will-be-created-for-the-2027-census-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-170940-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: जनगणना-2027 के लिए गांवों और शहरों की सुविधाओं का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: जनगणना-2027 के लिए गांवों और शहरों की सुविधाओं का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
विज्ञापन
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के बैठक कक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते जिला राजस्व अध
सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और बैंकिंग सेवाओं का जुटाया जाएगा ब्योरा
मोबाइल एप पर दर्ज होंगे आंकड़े
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के किस गांव में सड़क, पेयजल और बिजली की सुविधा उपलब्ध है और कहां स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, बैंकिंग व कृषि सेवाएं मौजूद हैं, इसका पूरा ब्योरा अब डिजिटल रूप में दर्ज किया जाएगा। जनगणना-2027 के तहत जिला जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार करने के लिए जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके लिए प्रत्येक राजस्व गांव और नगर निकाय से आंकड़े एकत्र कर मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे।
इस कार्य को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के बैठक कक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उपमंडल श्री नयना देवी जी और सदर के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आंकड़े एकत्र करने और उन्हें ऑनलाइन दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। जिला राजस्व अधिकारी नीलाक्ष शर्मा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न चार्ज जनगणना अधिकारियों की ओर से नामित कर्मचारियों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के लिए आवश्यक जानकारियों और उन्हें निर्धारित प्रारूप में दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई। मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन आंकड़े दर्ज करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इस कार्य में पटवारी, कार्यपालक सहायक, पर्यवेक्षक, राजस्व कर्मचारियों और खंड स्तर के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका रहेगी।
विज्ञापन
आंकड़ा संग्रहण के दौरान जिले के प्रत्येक राजस्व गांव और नगर निकाय में उपलब्ध विद्युत आपूर्ति, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, बैंकिंग सेवाओं, पेयजल व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्रों और कृषि सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों का ब्योरा भी निर्धारित प्रारूप में दर्ज होगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से सभी जानकारियां ऑनलाइन संकलित की जाएंगी। इससे जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा।
सटीक आंकड़ों से तय होंगी विकास की प्राथमिकताएं
जिला राजस्व अधिकारी नीलाक्ष शर्मा ने कहा कि जनगणना से जुड़े आंकड़े देश और प्रदेश की विकास योजनाओं तथा नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका उपयोग जनकल्याणकारी योजनाएं बनाने, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने और भविष्य की जरूरतों के अनुसार प्रशासनिक निर्णय लेने में किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण में बताई गई प्रक्रिया और निर्धारित मानकों का पालन करते हुए सही एवं विश्वसनीय आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए। साथ ही ऑनलाइन प्रविष्टियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करने और प्रत्येक जानकारी की शुद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
विज्ञापन
मोबाइल एप पर दर्ज होंगे आंकड़े
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के किस गांव में सड़क, पेयजल और बिजली की सुविधा उपलब्ध है और कहां स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, बैंकिंग व कृषि सेवाएं मौजूद हैं, इसका पूरा ब्योरा अब डिजिटल रूप में दर्ज किया जाएगा। जनगणना-2027 के तहत जिला जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार करने के लिए जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके लिए प्रत्येक राजस्व गांव और नगर निकाय से आंकड़े एकत्र कर मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे।
इस कार्य को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के बैठक कक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उपमंडल श्री नयना देवी जी और सदर के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आंकड़े एकत्र करने और उन्हें ऑनलाइन दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। जिला राजस्व अधिकारी नीलाक्ष शर्मा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
विज्ञापन
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न चार्ज जनगणना अधिकारियों की ओर से नामित कर्मचारियों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के लिए आवश्यक जानकारियों और उन्हें निर्धारित प्रारूप में दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई। मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन आंकड़े दर्ज करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इस कार्य में पटवारी, कार्यपालक सहायक, पर्यवेक्षक, राजस्व कर्मचारियों और खंड स्तर के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका रहेगी।
विज्ञापन
आंकड़ा संग्रहण के दौरान जिले के प्रत्येक राजस्व गांव और नगर निकाय में उपलब्ध विद्युत आपूर्ति, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, बैंकिंग सेवाओं, पेयजल व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्रों और कृषि सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों का ब्योरा भी निर्धारित प्रारूप में दर्ज होगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से सभी जानकारियां ऑनलाइन संकलित की जाएंगी। इससे जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा।
सटीक आंकड़ों से तय होंगी विकास की प्राथमिकताएं
जिला राजस्व अधिकारी नीलाक्ष शर्मा ने कहा कि जनगणना से जुड़े आंकड़े देश और प्रदेश की विकास योजनाओं तथा नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका उपयोग जनकल्याणकारी योजनाएं बनाने, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने और भविष्य की जरूरतों के अनुसार प्रशासनिक निर्णय लेने में किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण में बताई गई प्रक्रिया और निर्धारित मानकों का पालन करते हुए सही एवं विश्वसनीय आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए। साथ ही ऑनलाइन प्रविष्टियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करने और प्रत्येक जानकारी की शुद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।