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बच्ची की मौत के बाद स्क्रीनिंग को गांव पहुंचा स्वास्थ्य विभाग
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बिलासपुर। जिला में स्वाइन फ्लू से हुई तीसरी मौत पर स्वास्थ्य विभाग फिर अलर्ट हो गया है। कुछ दिनों से जिला में एक भी मामला स्वाइन फ्लू का सामने न आने के बाद विभाग ने कुछ राहत की सांस ली थी। लेकिन बच्ची की मौत के बाद विभाग हरकत में आ गया है। इसी कड़ी में वीरवार को विभाग की टीम ने मंडी भराड़ी गांव जा कर जहां मृतक के परिवार के लोगों की स्क्रीनिंग की। वहीं आसपास के लोगों का भी स्वास्थ्य जांचा। जिसके बाद विभाग की टीम ने परिवार के सदस्यों को टेमीफ्लू की दवा भी खिलाई है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को कोठीपुरा के मंडी भराड़ी गांव से एक बच्ची की स्वाइन फ्लू से आईजीएमसी शिमला में मौत हो गई थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को बच्ची के माता-पिता सहित पूरे परिवार की स्क्रीनिंग की है। अभी तक की रिपोर्ट बता रही है कि किसी में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं है। इसके साथ ही प्रतिदिन टीम संबंधित गांव में जाकर डोर-टू-डोर ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांच कर रही है।
गौरतलब है कि बिलासपुर में 17 मार्च से नलवाड़ी मेला शुरू होने जा रहा है। जिसके चलते बाहरी राज्यों से यहां पर लोग व्यापार करने के लिए पहुंचते हैं। वहीं, अब जिला में स्वाइन फ्लू की एक बार फिर से दस्तक देने से स्थानीय लोगों में भी भय का माहौल है। मेले के दौरान भी लोगों को इस बीमारी से बचाव व लक्षण बताए जाएंगे।
स्वाइन फ्लू से हुई बच्ची की मौत के बाद परिवार वालों को टेमीफ्लू दवा दी गई है। पूरे गांव के लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। लोगों को स्वाइन फ्लू और डेंगू के बचाव व लक्षण बताए जा रहे हैं।
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-डॉ. परविंद्र सिंह, जिला चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर।
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गौरतलब है कि बिलासपुर में 17 मार्च से नलवाड़ी मेला शुरू होने जा रहा है। जिसके चलते बाहरी राज्यों से यहां पर लोग व्यापार करने के लिए पहुंचते हैं। वहीं, अब जिला में स्वाइन फ्लू की एक बार फिर से दस्तक देने से स्थानीय लोगों में भी भय का माहौल है। मेले के दौरान भी लोगों को इस बीमारी से बचाव व लक्षण बताए जाएंगे।
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स्वाइन फ्लू से हुई बच्ची की मौत के बाद परिवार वालों को टेमीफ्लू दवा दी गई है। पूरे गांव के लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। लोगों को स्वाइन फ्लू और डेंगू के बचाव व लक्षण बताए जा रहे हैं।
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-डॉ. परविंद्र सिंह, जिला चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर।