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जेजवीं पंचायत की प्रधान ने उपायुक्त को सौंपा इस्तीफा
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। विकास खंड झंडूता के तहत पड़ने वाली ग्राम पंचायत जेजवीं की प्रधान रीना पुंडीर ने उन पर लगाए गए भ्रष्टाचार के झूठे आरोपों तथा विभाग की ओर से गई गलत छानबीन तथा उनसे कारण बताओ नोटिस बार-बार जारी करने को लेकर सोमवार को डीसी बिलासपुर के समक्ष पेश होकर प्रधान के पद से इस्तीफा सौंप दिया है।
प्रधान का कहना है कि यदि उनके पर लगाए गए आरोप सत्य हैं तो वे किसी भी सजा को भुगतने के लिए राजी हैं, लिहाजा इस मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आए। त्यागपत्र की प्रति डीसी को सौंपने के बाद रीना पुंडीर ने स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों को संबोधित भी किया।
पुंडीर ने कहा कि जो आरोप उन पर लगाए जा रहे हैं वह उनके कार्यकाल से पहले के हैं। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी 2016 को उन्होंने प्रधान पद का कार्यभार संभाला था। आरोप लगाया कि पंचायत सचिव ने उनसे पिछली पंचायत के कार्यकाल में करवाए गए कार्यों की अदायगी के लिए चेक पर कैश बुक पर अंकित राशि को दिखाकर हस्ताक्षर करवा लिए।
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प्रधान का कहना है कि इस बात का उन्हें तब पता चला जब विभाग ने उनके खिलाफ जांच शुरू की। इस दौरान उन्हें ज्ञात हुआ कि प्रधान पद ग्रहण करने से पूर्व की गई गलत अदायगियों का ठीकरा भी उनके सिर फोड़ दिया गया है। जबकि उन्होंने चेक पर हस्ताक्षर करने से पहले बिल, कैश बुक व कार्यस्थल की जांच की है।
पुंडीर ने कहा कि विभागीय जांच शुरू होने के बाद हस्ताक्षर करना बंद कर दिए। बावजूद इसके
पंचायत सचिव की ओर से कार्यों की अदायगियां बदस्तूर जारी रहीं। ऐसे कई मद हैं जिन पर संदेह है तथा राशि बिना उनके हस्ताक्षरों के जारी हो चुकी है, जबकि कई ऐसे काम हैं जिनका उल्लेख केवल कागजों तक ही है और राशि दावेदारों को जारी हो चुकी है। लिहाजा इस मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले के सूत्रधार व्यक्ति के खिलाफ वे अदालत में मानहानि का मामला दायर करेंगी।
इस दौरान उनके साथ पूर्व विधायक डॉ. बीरू राम किशोर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप, जुखाला ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष सरपाल सिंह ठाकुर सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
बाक्स...
मामले की निष्पक्षता से जांच हो
महिला प्रधान से धोखे से हस्ताक्षर करवाकर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। मामला जनता के पैसे से जुड़ा है इसलिए गंभीर है। मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉ. बीरू राम किशोर, पूर्व विधायक, झंडूता विधानसभा क्षेत्र
बाक्स...
प्रशासन मामले को गंभीरता से
इस मामले में सचिव की ओर से प्रधान को सहयोग करने की बजाए गुमराह किया गया है। इस मामले को प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए।
सरपाल सिंह ठाकुर, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अध्यक्ष जुखाला ब्लॉक कांग्रेस
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बिलासपुर। विकास खंड झंडूता के तहत पड़ने वाली ग्राम पंचायत जेजवीं की प्रधान रीना पुंडीर ने उन पर लगाए गए भ्रष्टाचार के झूठे आरोपों तथा विभाग की ओर से गई गलत छानबीन तथा उनसे कारण बताओ नोटिस बार-बार जारी करने को लेकर सोमवार को डीसी बिलासपुर के समक्ष पेश होकर प्रधान के पद से इस्तीफा सौंप दिया है।
प्रधान का कहना है कि यदि उनके पर लगाए गए आरोप सत्य हैं तो वे किसी भी सजा को भुगतने के लिए राजी हैं, लिहाजा इस मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आए। त्यागपत्र की प्रति डीसी को सौंपने के बाद रीना पुंडीर ने स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों को संबोधित भी किया।
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पुंडीर ने कहा कि जो आरोप उन पर लगाए जा रहे हैं वह उनके कार्यकाल से पहले के हैं। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी 2016 को उन्होंने प्रधान पद का कार्यभार संभाला था। आरोप लगाया कि पंचायत सचिव ने उनसे पिछली पंचायत के कार्यकाल में करवाए गए कार्यों की अदायगी के लिए चेक पर कैश बुक पर अंकित राशि को दिखाकर हस्ताक्षर करवा लिए।
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प्रधान का कहना है कि इस बात का उन्हें तब पता चला जब विभाग ने उनके खिलाफ जांच शुरू की। इस दौरान उन्हें ज्ञात हुआ कि प्रधान पद ग्रहण करने से पूर्व की गई गलत अदायगियों का ठीकरा भी उनके सिर फोड़ दिया गया है। जबकि उन्होंने चेक पर हस्ताक्षर करने से पहले बिल, कैश बुक व कार्यस्थल की जांच की है।
पुंडीर ने कहा कि विभागीय जांच शुरू होने के बाद हस्ताक्षर करना बंद कर दिए। बावजूद इसके
पंचायत सचिव की ओर से कार्यों की अदायगियां बदस्तूर जारी रहीं। ऐसे कई मद हैं जिन पर संदेह है तथा राशि बिना उनके हस्ताक्षरों के जारी हो चुकी है, जबकि कई ऐसे काम हैं जिनका उल्लेख केवल कागजों तक ही है और राशि दावेदारों को जारी हो चुकी है। लिहाजा इस मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले के सूत्रधार व्यक्ति के खिलाफ वे अदालत में मानहानि का मामला दायर करेंगी।
इस दौरान उनके साथ पूर्व विधायक डॉ. बीरू राम किशोर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप, जुखाला ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष सरपाल सिंह ठाकुर सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
बाक्स...
मामले की निष्पक्षता से जांच हो
महिला प्रधान से धोखे से हस्ताक्षर करवाकर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। मामला जनता के पैसे से जुड़ा है इसलिए गंभीर है। मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉ. बीरू राम किशोर, पूर्व विधायक, झंडूता विधानसभा क्षेत्र
बाक्स...
प्रशासन मामले को गंभीरता से
इस मामले में सचिव की ओर से प्रधान को सहयोग करने की बजाए गुमराह किया गया है। इस मामले को प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए।
सरपाल सिंह ठाकुर, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अध्यक्ष जुखाला ब्लॉक कांग्रेस
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