{"_id":"5c338859bdec2256d4376901","slug":"91546881113-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए सभी वर्गों का सहयोग जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए सभी वर्गों का सहयोग जरूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
श्री नयना देवी (बिलासपुर)। प्रदेश में बेसहारा पशुओं की समस्या अत्यंत गंभीर है इसके निवारण के लिए सभी वर्गों के सहयोग की नितांत आवश्यकता है। वर्तमान में चल रही गोशालाओं में क्षमता को बढ़ाने की संभावनाओं तलाशने के अतिरिक्त नई गोशालाएं व काऊ सैंचुरी बनाने के लिए भूमि चयन की प्रक्रियाओं में तेजी लाई जानी आवश्यक है।
ग्रामीण विकास पंचायती राज, पशुपालन एवं मत्स्य मंत्री वीरेंद्र कंवर ने श्रीनयना देवी के मातृ आंचल के सभागार में अधिकारियों के साथ जिला की विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के बारे में चर्चा करते हुए यह विचार प्रकट किए।
वर्तमान में चलाई जा रही गोशालाओं में अतिरिक्त 50 से 100 पशुओं को रखने की क्षमता की संभावना को बनाने के लिए शेड व फैंसिंग की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इन गोशालाओं और काऊ सैंचुरी में पीने के पानी के लिए वन सरोबरों, चेकडैम और आश्रय के लिए साधारण शेड निर्माण की दिशा में कार्य करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
विज्ञापन
संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि गोशालाओं में पेयजल और विद्युत व्यवस्था की आवश्यक सुविधाएं तथा सर्वे करवाकर चेकडैम व वन सरोबर बनाने के लिए उपयुक्त कार्यवाही अमल में लाएं।
जिला की शुष्क भौगोलिक स्थिति के चलते चेकडैम व वन सरोबर जलस्तर को बढ़ाने व पशुओं को पीने के लिए जल की उपलब्धता में कारगर सिद्ध होंगे। युवाओं के लिए अधिक से अधिक स्वरोजगार के साधन उपलब्ध करवाने के लिए कृषि, बागवानी, मत्स्य, पशुपालन व सेरी कल्चर विभाग अपनी अहम भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं।
----------------------
विज्ञापन
श्री नयना देवी (बिलासपुर)। प्रदेश में बेसहारा पशुओं की समस्या अत्यंत गंभीर है इसके निवारण के लिए सभी वर्गों के सहयोग की नितांत आवश्यकता है। वर्तमान में चल रही गोशालाओं में क्षमता को बढ़ाने की संभावनाओं तलाशने के अतिरिक्त नई गोशालाएं व काऊ सैंचुरी बनाने के लिए भूमि चयन की प्रक्रियाओं में तेजी लाई जानी आवश्यक है।
ग्रामीण विकास पंचायती राज, पशुपालन एवं मत्स्य मंत्री वीरेंद्र कंवर ने श्रीनयना देवी के मातृ आंचल के सभागार में अधिकारियों के साथ जिला की विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के बारे में चर्चा करते हुए यह विचार प्रकट किए।
विज्ञापन
वर्तमान में चलाई जा रही गोशालाओं में अतिरिक्त 50 से 100 पशुओं को रखने की क्षमता की संभावना को बनाने के लिए शेड व फैंसिंग की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इन गोशालाओं और काऊ सैंचुरी में पीने के पानी के लिए वन सरोबरों, चेकडैम और आश्रय के लिए साधारण शेड निर्माण की दिशा में कार्य करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
विज्ञापन
संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि गोशालाओं में पेयजल और विद्युत व्यवस्था की आवश्यक सुविधाएं तथा सर्वे करवाकर चेकडैम व वन सरोबर बनाने के लिए उपयुक्त कार्यवाही अमल में लाएं।
जिला की शुष्क भौगोलिक स्थिति के चलते चेकडैम व वन सरोबर जलस्तर को बढ़ाने व पशुओं को पीने के लिए जल की उपलब्धता में कारगर सिद्ध होंगे। युवाओं के लिए अधिक से अधिक स्वरोजगार के साधन उपलब्ध करवाने के लिए कृषि, बागवानी, मत्स्य, पशुपालन व सेरी कल्चर विभाग अपनी अहम भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं।
----------------------