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उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
Updated Sat, 04 Aug 2018 08:44 PM IST
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उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन समिति का आरोप
वन विभाग जानबूझ कर लटका रहा है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद भी भूमि अधिग्रहण प्लान और रोड लाइनमेंट मामले की जांच के लिए वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति का कहना है कि अतिरिक्त मुख्य अरण्यपाल वन विभाग ने 21-6-2018 को एक सप्ताह के पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे लेकिन उसके बाद भी इस संबंध में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
फोरलेन समिति का कहना है कि इस संबंध में आठ अगस्त को दिल्ली में एनजीटी में सुनवाई है जिसको लेकर इस जांच के दस्तावेज भी जरूरी थे। समिति का आरोप है कि वन विभाग जानबूझ कर इस मामले की जांच में देरी कर रहा है।
फोरलेन समिति के उपप्रधान राकेश कुमार, सीता राम, जगदीश राम, श्रवण कुमार, बलदेव कुमार और महासचिव मदन लाल ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य अरण्यपाल वन विभाग ने 21-6-2018 को पहला और दूसरा पत्र 26 जुलाई को भेजा था। इसमें आदेश दिए गए थे कि मामले की पूरी जांच सात दिन के अंदर कर के दें लेकिन अभी तक इस मामले में कोई जांच नहीं हुई है। उक्त लोगों का कहना है कि कमेटी के लोग दो अगस्त को भी वन विभाग के अधिकारियों से बिलासपुर में मिले थे लेकिन इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि अभी समय नहीं है। पूरे मामले को समझने के बाद भी कोई कार्रवाई हो पाएगी। समिति ने आरोप लगाया है कि वन विभाग जानबूझ कर कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए मामले की जांच में देरी कर रही है।
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इधर, इस संबंध में डीएफओ बिलासपुर सरोज भाई पटेल का कहना है कि शिकायत आई है। वन विभाग इस संबंध में कार्रवाई कर रहा है। लोगों की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
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....जारी
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन समिति का आरोप
वन विभाग जानबूझ कर लटका रहा है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद भी भूमि अधिग्रहण प्लान और रोड लाइनमेंट मामले की जांच के लिए वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति का कहना है कि अतिरिक्त मुख्य अरण्यपाल वन विभाग ने 21-6-2018 को एक सप्ताह के पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे लेकिन उसके बाद भी इस संबंध में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
फोरलेन समिति का कहना है कि इस संबंध में आठ अगस्त को दिल्ली में एनजीटी में सुनवाई है जिसको लेकर इस जांच के दस्तावेज भी जरूरी थे। समिति का आरोप है कि वन विभाग जानबूझ कर इस मामले की जांच में देरी कर रहा है।
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फोरलेन समिति के उपप्रधान राकेश कुमार, सीता राम, जगदीश राम, श्रवण कुमार, बलदेव कुमार और महासचिव मदन लाल ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य अरण्यपाल वन विभाग ने 21-6-2018 को पहला और दूसरा पत्र 26 जुलाई को भेजा था। इसमें आदेश दिए गए थे कि मामले की पूरी जांच सात दिन के अंदर कर के दें लेकिन अभी तक इस मामले में कोई जांच नहीं हुई है। उक्त लोगों का कहना है कि कमेटी के लोग दो अगस्त को भी वन विभाग के अधिकारियों से बिलासपुर में मिले थे लेकिन इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि अभी समय नहीं है। पूरे मामले को समझने के बाद भी कोई कार्रवाई हो पाएगी। समिति ने आरोप लगाया है कि वन विभाग जानबूझ कर कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए मामले की जांच में देरी कर रही है।
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इधर, इस संबंध में डीएफओ बिलासपुर सरोज भाई पटेल का कहना है कि शिकायत आई है। वन विभाग इस संबंध में कार्रवाई कर रहा है। लोगों की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
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