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नयनादेवी में 50 हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:18 PM IST
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- फोटो : amarujala
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श्रीनयनादेवी (बिलासपुर)। विख्यात तीर्थस्थल नयनादेवी मंदिर में चैत्र नवरात्रों के पहले दिन रविवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुले। इसके बाद माथा टेकने का सिलसिला शुरू हो गया। शाम तक करीब 50 हजार श्रद्धालु मां के दर पर माथा टेक चुके थे। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
हर वर्ष की भांति लाखों श्रद्धालुओं के मां के दरबार में पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए मंदिर प्रशासन, नगर परिषद तथा जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। चैत्र नवरात्रे के पहले दिन नववर्ष (नया संवत) और ज्येष्ठ रविवार होने के चलते मां के दर्शनों के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। 26 मार्च तक चलने वाले नवरात्रों के लिए नयनादेवी नगर क्षेत्र को सजाया गया है।
मेला पुलिस अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि लगभग 350 सुरक्षा कर्मचारियों को नयनादेवी में चप्पे-चप्पे पर तैनात किया है। रंग-बिरंगी और दुधिया रोशनी से मां के मंदिर को सजाया गया है। शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की सहायता ली जा रही है। सशस्त्र पुलिस के जवान तैनात हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए तलाशी ली जा रही है। तलाशी के बाद ही श्रद्धालुओं को माता के दरबार में भेजा जा रहा है।
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न्यास एवं मेला अधिकारी अनिल चौहान ने बताया कि न्यास मंदिर में 120 अस्थाई कर्मचारियों का चयन किया गया है। हर कर्मचारी को यात्रिओं की श्रद्धा व भावना का ध्यान रखना एवं हर सुविधा प्रदान करने को कहा गया है। कोताही बरतने वाले कर्मचारी पर तुरंत कार्रवाई होगी। मंदिर सुबह 2 बजे खुलेगा और 12 बजे रात को बंद होगा। यात्रियों को पहली बार एलईडी के माध्यम से सूचना उपलब्ध करवाई जा रही है।
उधर, नगर प्रशासन के कहा कि नगर में सफाई व्यवस्था के लिए इस बार 30 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जो समय-समय पर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं। दुकानदारों से कहा कि पॉलीथिन का प्रयोग न करें और ध्वनि प्रदूषण न फैलाएं। आदेश न मानने वाले दुकानदार पर सख्त कार्रवाई होगी।
आईपीएच के एसडीओ ने कहा कि मेले में पानी की व्यवस्था सुचारु रूप से की जा रही है। लगभग 10 लाख लीटर पानी प्रतिदिन लोगों को मुहैया करवाया जा रहा है। कर्मचारी दिनरात जुटे हुए हैं। मेले के दौरान लंगरों को अस्थाई रूप से कनेक्शन दिए गए हैं। समय-समय पर उन्हें पानी दिया जा रहा है।
उधर, बिजली बोर्ड के एसडीओ शमशेर सिंह ने बताया कि नयनादेवी में मेलों के दौरान विद्युत व्यवस्था के लिए विभाग के लगभग 15 कर्मचारी दिनरात तैनात हैं। मेले के दौरान नयनादेवी में 11-11 केवी की तीन सप्लाइयां दी जा रही हैं। ग्वाल्थाई से 11 केवी को स्टैंड बाई रखा गया है। आपात स्थिति में इस लाइन को चालू किया जाएगा।
उधर, रज्जू मार्ग प्रशासन ने भी शारदीय नवरात्रों के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है। हर वर्ष की भांति इस बार ही रज्जू मार्ग सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक चलेगा। यात्रियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था यथावत रहेगी।
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हर वर्ष की भांति लाखों श्रद्धालुओं के मां के दरबार में पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए मंदिर प्रशासन, नगर परिषद तथा जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। चैत्र नवरात्रे के पहले दिन नववर्ष (नया संवत) और ज्येष्ठ रविवार होने के चलते मां के दर्शनों के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। 26 मार्च तक चलने वाले नवरात्रों के लिए नयनादेवी नगर क्षेत्र को सजाया गया है।
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मेला पुलिस अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि लगभग 350 सुरक्षा कर्मचारियों को नयनादेवी में चप्पे-चप्पे पर तैनात किया है। रंग-बिरंगी और दुधिया रोशनी से मां के मंदिर को सजाया गया है। शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की सहायता ली जा रही है। सशस्त्र पुलिस के जवान तैनात हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए तलाशी ली जा रही है। तलाशी के बाद ही श्रद्धालुओं को माता के दरबार में भेजा जा रहा है।
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न्यास एवं मेला अधिकारी अनिल चौहान ने बताया कि न्यास मंदिर में 120 अस्थाई कर्मचारियों का चयन किया गया है। हर कर्मचारी को यात्रिओं की श्रद्धा व भावना का ध्यान रखना एवं हर सुविधा प्रदान करने को कहा गया है। कोताही बरतने वाले कर्मचारी पर तुरंत कार्रवाई होगी। मंदिर सुबह 2 बजे खुलेगा और 12 बजे रात को बंद होगा। यात्रियों को पहली बार एलईडी के माध्यम से सूचना उपलब्ध करवाई जा रही है।
उधर, नगर प्रशासन के कहा कि नगर में सफाई व्यवस्था के लिए इस बार 30 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जो समय-समय पर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं। दुकानदारों से कहा कि पॉलीथिन का प्रयोग न करें और ध्वनि प्रदूषण न फैलाएं। आदेश न मानने वाले दुकानदार पर सख्त कार्रवाई होगी।
आईपीएच के एसडीओ ने कहा कि मेले में पानी की व्यवस्था सुचारु रूप से की जा रही है। लगभग 10 लाख लीटर पानी प्रतिदिन लोगों को मुहैया करवाया जा रहा है। कर्मचारी दिनरात जुटे हुए हैं। मेले के दौरान लंगरों को अस्थाई रूप से कनेक्शन दिए गए हैं। समय-समय पर उन्हें पानी दिया जा रहा है।
उधर, बिजली बोर्ड के एसडीओ शमशेर सिंह ने बताया कि नयनादेवी में मेलों के दौरान विद्युत व्यवस्था के लिए विभाग के लगभग 15 कर्मचारी दिनरात तैनात हैं। मेले के दौरान नयनादेवी में 11-11 केवी की तीन सप्लाइयां दी जा रही हैं। ग्वाल्थाई से 11 केवी को स्टैंड बाई रखा गया है। आपात स्थिति में इस लाइन को चालू किया जाएगा।
उधर, रज्जू मार्ग प्रशासन ने भी शारदीय नवरात्रों के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है। हर वर्ष की भांति इस बार ही रज्जू मार्ग सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक चलेगा। यात्रियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था यथावत रहेगी।