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58 साल के बाद कारोबारियों को टैक्स के हिसाब से मिले पेंशन

Fri, 12 Apr 2019 11:15 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2019 11:15 PM IST
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58 साल के बाद कारोबारियों को टैक्स के हिसाब से मिले पेंशन
घुमारवीं (बिलासपुर)। अमर उजाला की ओर से घुमारवीं में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर के कारोबारियों का कहना है कि घुमारवीं भले की एक बड़े व्यापार केंद्र के रूप में उभरा है। लेकिन, आज दिन तक सरकार की ओर से यहां कोई सुविधा नहीं मिल पाई। मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण ग्राहकों को गाड़ी पार्क करने तक का स्थान नहीं है। जीएसटी गलत नहीं है, लेकिन सरकार को जीएसटी लागू करने से पहले कारोबारियों को शिविर लगाकर जागरूक करना चाहिए था। व्यापार मंडल के मीडिया प्रभारी अजय पजियाला, कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा, दयाराम सोहता, राहुल चौहान, विशाल सोनी, मंजीत ठाकुर, अश्विनी चौहान आदि कारोबारियों ने कहा कि सबसे अधिक टैक्स व्यापारी वर्ग देता है। लेकिन, सरकार की ओर से कारोबारियों के उत्थान के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कहा कि जिस प्रकार से कारोबारी हर साल टैक्स अदा करते हैं उसका एक से तीन फीसदी कमीशन के रूप में ए, बी और सी श्रेणी में कारोबारियों को देना चाहिए। वहीं 58 साल की उम्र पूरी कर चुके कारोबारियों को अदा किए गए टैक्स के हिसाब से पेंशन दी जाए। विधायक एक बार जितने पर पेंशन का हकदार बन जाता है और व्यापारी सबसे ज्यादा टैक्स भरने पर भी पेंशन का हकदार नहीं है। व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर पेंशन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।
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व्यापारिक दृष्टि से घुमारवीं अग्रणी शहर बन गया है। लेकिन, यहां के व्यापारी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। शहर में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोग गाड़ी सड़क किनारे पार्क करने के लिए मजबूर हैं। इससे कई बार जाम व लड़ाई-झगड़े की नौबत बन जाती है। शहर में निरंतर सफाई और शौचालयों का निर्माण होना चाहिए।
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घुमारवीं नगर परिषद ने टीसीपी एक्ट लगा दिया गया है। लेकिन, उस एक्ट के तहत पूरे शहर में अब व्यवस्था होनी चाहिए। इससे शहर में तंग गलियों से छुटकारा मिलेगा। इस तरह से नए मकान बनने चाहिए।
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प्रदीप गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों के दर्द को किसी भी सरकार ने नहीं समझा। सरकार व्यापारियों के लिए ठोस योजना बनाए। हर व्यापारी वर्ग को टैक्स के अनुसार पेंशन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।अनूप पराशर ने कहा कि सरकार को जीएसटी वहां लगा देना चाहिए जहां पर सामान तैयार होता है। छोटे-बड़े कारोबारी को कंपनी में सामान एक रेट पर दिया जा।

सुरेश कुमार ने कहा कि नगर परिषद भी हाउस टैक्स वसूलने तक ही सीमित रह गई है। सुविधाओं के नाम पर मात्र छलावा हो रहा है। नगर परिषद शहर में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पाई।प्रमोद शर्मा ने कहा कि जीएसटी बेशक व्यापारियों की सुविधाओं के लिए है। लेकिन, इसमें जो खामियां हैं उन्हें एक बार ही दूर कर देना चाहिए। व्यापारी सीए व अकांउंटेंट के पास दौड़ा रहता है। जीएसटी को सरल बनाया जाए।अमित कुमार ने कहा कि जीएसटी को सरल बनाने की जरूरत है। रिटर्न भरने की प्रक्रिया को सरल किया जाए।पंकज शर्मा ने कहा कि जो व्यापारी अपना नया जीएसटी नंबर लेना चाहता है उसको कुछ दिन की ट्रेनिंग देनी चाहिए। अगर विभाग को लगता है कि यह अपना कारोबार भली भांति चला सकता है तभी जीएसटी नंबर देना चाहिए।
ये हैं कारोबारियों के मुख्य मुद्दे
-घुमारवी जैसे विकसित शहर में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
-शहर में शौचालयों का निर्माण होना चाहिए।
-शहर में एक भी खेल मैदान नहीं है।
-शहर को टीसीपी एक्ट के तहत तैयार किया जाना चाहिए। इससे शहर की सुंदरता में निखार आएगा।
-शहर में अधिकतर बिजली तार लोगों के घरों के ऊपर से गुजर रहे हैं, उनको अंडरग्राउंड करना चाहिए। बिजली तारों की चपेट में आने से कई मौतें हो चुकी हैं।
-शहर और आसपास के क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना चाहिए। इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
-शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए।
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