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जिला में 90 तक पहुंचा डेंगू के मरीजों का आंकड़ा, हालात बेकाबू
Updated Fri, 06 Jul 2018 08:28 PM IST
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जिला में 90 तक पहुंचा डेंगू के मरीजों का आंकड़ा, हालात बेकाबू
घरों के कुलरों के भरे पानी में मिले विभाग को मच्छर के लारवा
बिलासपुर में डेंगू का पहला मामला 28 मई को सामने आया था
शहर की सफाई और लचर सीवरेज सिस्टम बना परेशानी कारण
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। जिला में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस समय डेंगू पूरी तरह से बेकाबू हो गया है। विभाग व प्रशासन के पास लोगों को जागरूक करने व साफ-सफाई रखने के अलावा कुछ नहीं रह गया है। जबकि जिला अस्पताल में रोजाना डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अब विभाग के लिए डेंगू पर नियंत्रण करना चिंता का विषय बन गया है।
जिला में अभी तक डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 90 के करीब पहुंच गया है। शुक्रवार को अस्पताल में डेंगू का कोई भी मामला नहीं पहुंचा। जबकि सात लोग डेंगू के बुखार से ग्रस्त जिला अस्पताल में उपचाराधीन है जिनका इलाज चल रहा है। इनमें से तीन बच्चे, दो आदमी व दो औरतें हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि सभी का स्वास्थ्य ठीक हो रहा है। जबकि कई लोग ठीक होकर घर भी जा चुके हैं लेकिन गंभीर पहलु यह है कि बिलासपुर में डेंगू का पहला मामला 28 मई को आया था। इसके बाद मरीजों की संख्या बढ़ती ही चली गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार फोगिंग भी की जा रही है। शहर के सभी वार्डों में फोगिंग की जा रही है लेकिन चौकाने वाली बात यह सामने आई है कि शिमला से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पाया कि लोगों के घरों में लगे कुलरों में मच्छरों के लारवे पाए गए हैं जो डेंगू को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में लोग भी मच्छरों को पनपने में सहारा दे रहे हैं।
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वहीं शिमला से आई पब्लिक हेल्थ केयर टीम का कहना है कि डेंगू का मच्छर 300 मीटर तक जा सकता है। सात दिन तक खड़े पानी में डेंगू का मच्छर पैदा हो सकता है। कूलरों में लारवा मिला है, जो डेंगू के मच्छर को बढ़ावा दे रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि डेंगू का पहला मामला बैंगलोर से आई युवती में पाया गया था। इसके दस दिन बाद डेंगू का प्रकोप पूरे डियारा सेक्टर में फैल गया। एक माह का समय बीत गया है लेकिन डेंगू से ग्रस्त मरीजों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।
एमओएच डॉ. परविंद्र शर्मा का कहना है कि अभी किसी तरह की आपातकाल घोषित नहीं की गई है। शुक्रवार को कोई भी मामला अस्पताल नहीं पहुंचा है। स्वास्थ्य विभाग लगातार नजर बनाए हुए है।
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....खेमराज शर्मा।
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जिला में 90 तक पहुंचा डेंगू के मरीजों का आंकड़ा, हालात बेकाबू
घरों के कुलरों के भरे पानी में मिले विभाग को मच्छर के लारवा
बिलासपुर में डेंगू का पहला मामला 28 मई को सामने आया था
शहर की सफाई और लचर सीवरेज सिस्टम बना परेशानी कारण
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। जिला में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस समय डेंगू पूरी तरह से बेकाबू हो गया है। विभाग व प्रशासन के पास लोगों को जागरूक करने व साफ-सफाई रखने के अलावा कुछ नहीं रह गया है। जबकि जिला अस्पताल में रोजाना डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अब विभाग के लिए डेंगू पर नियंत्रण करना चिंता का विषय बन गया है।
जिला में अभी तक डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 90 के करीब पहुंच गया है। शुक्रवार को अस्पताल में डेंगू का कोई भी मामला नहीं पहुंचा। जबकि सात लोग डेंगू के बुखार से ग्रस्त जिला अस्पताल में उपचाराधीन है जिनका इलाज चल रहा है। इनमें से तीन बच्चे, दो आदमी व दो औरतें हैं।
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डॉक्टरों का कहना है कि सभी का स्वास्थ्य ठीक हो रहा है। जबकि कई लोग ठीक होकर घर भी जा चुके हैं लेकिन गंभीर पहलु यह है कि बिलासपुर में डेंगू का पहला मामला 28 मई को आया था। इसके बाद मरीजों की संख्या बढ़ती ही चली गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार फोगिंग भी की जा रही है। शहर के सभी वार्डों में फोगिंग की जा रही है लेकिन चौकाने वाली बात यह सामने आई है कि शिमला से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पाया कि लोगों के घरों में लगे कुलरों में मच्छरों के लारवे पाए गए हैं जो डेंगू को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में लोग भी मच्छरों को पनपने में सहारा दे रहे हैं।
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वहीं शिमला से आई पब्लिक हेल्थ केयर टीम का कहना है कि डेंगू का मच्छर 300 मीटर तक जा सकता है। सात दिन तक खड़े पानी में डेंगू का मच्छर पैदा हो सकता है। कूलरों में लारवा मिला है, जो डेंगू के मच्छर को बढ़ावा दे रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि डेंगू का पहला मामला बैंगलोर से आई युवती में पाया गया था। इसके दस दिन बाद डेंगू का प्रकोप पूरे डियारा सेक्टर में फैल गया। एक माह का समय बीत गया है लेकिन डेंगू से ग्रस्त मरीजों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।
एमओएच डॉ. परविंद्र शर्मा का कहना है कि अभी किसी तरह की आपातकाल घोषित नहीं की गई है। शुक्रवार को कोई भी मामला अस्पताल नहीं पहुंचा है। स्वास्थ्य विभाग लगातार नजर बनाए हुए है।
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....खेमराज शर्मा।