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बिलासपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों का टोटा, सैकड़ों मरीज परेशान
Updated Sat, 11 Nov 2017 09:50 PM IST
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- फोटो : डेमो
बिलासपुर। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के न होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों के न होने से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। छोटी से छोटी बीमारी से ग्रस्त मरीजों को यहां से रेफर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में हर रोज करीब 350 से 400 की ओपीडी रहती है।
इस समय अस्पताल में एमडी, सर्जन, ईएनटी सहित अन्य डॉक्टरों के पद खाली हैं। ऐसा पहली बार नहीं है जब बिलासपुर अस्पताल में डॉक्टरों का टोटा हुुआ है। इससे पहले भी यहां पर करीब तीन माह तक कोई भी एमडी नहीं था। इसके लिए भाजपा नेता ने आमरण अनशन भी किया था जो आठ दिनों तक चला था। इसके बाद यहां पर शिमला से एमडी व सर्जन भेजे गए थे। उस समय दो सर्जन भेजे गए थे, लेकिन दोनों ने एक माह के अंदर ही यहां से अपनी पोस्टिंग दूसरी जगह करवा ली।
इससे यहां पर कोई भी ऑपरेशन नहीं हो रहा है। इन्हीं के साथ यहां पर एमडी की भी पोस्टिंग की गई थी। जो यहां पर कार्यरत हैं। अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि एमडी चंडीगढ़ गए हैं। अभी यहां पर कार्यरत एमडी को चंडीगढ़ गए कुछ दिन ही हुए हैं, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ना शुरू हो गई हैं। गंभीर बीमार से पीड़ित मरीजों को यहां से रेफर कर दिया जाता है, लेकिन अब तो हालत यह हो गई है कि बुखार, सर्दी से ग्रस्त मरीजों को भी रेफर किया जाने लगा है। अधिकारी व अस्पताल प्रशासन भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे अस्पताल की स्वयं तबीयत दिनों-दिन बिगड़ती जा रही है। इससे आम लोग परेशान हो रहे हैं। इस समय अस्पताल सफेद हाथी बनकर रह गया है।
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एमएस डॉक्टर राजेश आहलुवालिया का कहना है कि इस बारे में उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट दे दी गई है। चुनावों के बाद डॉक्टरों के यहां आने की उम्मीद है। मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए प्रबंध किए जा रहे हैं। सोमवार को एमडी यहां आ जाएंगे।
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इस समय अस्पताल में एमडी, सर्जन, ईएनटी सहित अन्य डॉक्टरों के पद खाली हैं। ऐसा पहली बार नहीं है जब बिलासपुर अस्पताल में डॉक्टरों का टोटा हुुआ है। इससे पहले भी यहां पर करीब तीन माह तक कोई भी एमडी नहीं था। इसके लिए भाजपा नेता ने आमरण अनशन भी किया था जो आठ दिनों तक चला था। इसके बाद यहां पर शिमला से एमडी व सर्जन भेजे गए थे। उस समय दो सर्जन भेजे गए थे, लेकिन दोनों ने एक माह के अंदर ही यहां से अपनी पोस्टिंग दूसरी जगह करवा ली।
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इससे यहां पर कोई भी ऑपरेशन नहीं हो रहा है। इन्हीं के साथ यहां पर एमडी की भी पोस्टिंग की गई थी। जो यहां पर कार्यरत हैं। अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि एमडी चंडीगढ़ गए हैं। अभी यहां पर कार्यरत एमडी को चंडीगढ़ गए कुछ दिन ही हुए हैं, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ना शुरू हो गई हैं। गंभीर बीमार से पीड़ित मरीजों को यहां से रेफर कर दिया जाता है, लेकिन अब तो हालत यह हो गई है कि बुखार, सर्दी से ग्रस्त मरीजों को भी रेफर किया जाने लगा है। अधिकारी व अस्पताल प्रशासन भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे अस्पताल की स्वयं तबीयत दिनों-दिन बिगड़ती जा रही है। इससे आम लोग परेशान हो रहे हैं। इस समय अस्पताल सफेद हाथी बनकर रह गया है।
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एमएस डॉक्टर राजेश आहलुवालिया का कहना है कि इस बारे में उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट दे दी गई है। चुनावों के बाद डॉक्टरों के यहां आने की उम्मीद है। मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए प्रबंध किए जा रहे हैं। सोमवार को एमडी यहां आ जाएंगे।