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जिले में हिम कृषि योजना के अंतर्गत होंगे 80 लाख रुपये खर्च : उपायुक्त

Sat, 06 Sep 2025 05:52 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sat, 06 Sep 2025 05:52 PM IST
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80 lakh rupees will be spent under Him Krishi Yojana in the district: Deputy Commissioner
बचत भवन में हिम कृषि योजना को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त। स्रोत: डीपीआरओ
किसानों को मिलेगा तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और विपणन की सुविधाएं
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72 क्लस्टरों में से इस साल 8 क्लस्टरों का हुआ चयन, प्रत्येक पर व्यय होंगे 10 लाख रुपये

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में हिम कृषि योजना के तहत चालू वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शनिवार को बचत भवन में हिम कृषि योजना को लेकर हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने यह जानकारी दी।
उपायुक्त ने बताया कि यह योजना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे वर्ष 2023 में शुरू किया गया था।
योजना का उद्देश्य कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का विकास करना है। इसके लिए क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाया गया है ताकि किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप हस्तक्षेप किए जा सके। कहा कि जिला में कुल 72 क्लस्टर चिह्नित किए गए हैं। इनमें से प्रत्येक विकास खंड में 18-18 क्लस्टर शामिल हैं। चालू वित्त वर्ष में प्रत्येक विकास खंड से 2-2 क्लस्टरों का चयन किया गया है। इस प्रकार कुल 8 क्लस्टरों का चयन हुआ है, जिन पर प्रति क्लस्टर 10 लाख रुपये की दर से 80 लाख रुपये खर्च होंगे। कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को संगठित कर उनकी उत्पादकता बढ़ाना, थोक उत्पादन सुनिश्चित करना और विपणन योग्य अधिशेष तैयार करना है। योजना के तहत किसानों के लिए क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और प्रदर्शन यात्राओं का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही, तकनीकी सहयोग और आवश्यकता आधारित सुविधाएं भी दी जाएंगी।
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बैठक में बताया गया कि योजना के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में कई गैप्स (अंतराल) की पहचान हुई है। इनमें जल भंडारण की अपर्याप्त व्यवस्था, जल दक्षता तकनीकों का सीमित प्रयोग, किसानों को सतत तकनीकी सहयोग की जरूरत, निर्णय प्रक्रिया में उनकी सीमित भागीदारी और डिजिटल तकनीकों का कम उपयोग शामिल हैं। इसके अलावा, अनाज फसलों की कम उत्पादकता और सब्जी व चारा उत्पादन की संभावनाओं को भी योजना के दायरे में लाया गया है। कहा कि हिम कृषि योजना को विभिन्न विभागीय योजनाओं के साथ जोड़ा गया है। इनमें खाद्यान्न उत्पादकता बढ़ाने हेतु मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना, गेहूं बीज उत्पादन हेतु सब्मिशन ऑफ सीड एंड प्लांटिंग मेटेरियल, सब्जी व हल्दी उत्पादन हेतु राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, मृदा परीक्षण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और खरपतवार नियंत्रण हेतु नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन शामिल हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का क्रियान्वयन धरातल पर प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए ताकि किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके और तय उद्देश्यों को हासिल किया जा सके।
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