{"_id":"5c87e5d2bdec2214696157c5","slug":"71552410066-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद्य आपूर्ति विभाग ने भरे खाद्य पदार्थों के एक दर्जन सैंपल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद्य आपूर्ति विभाग ने भरे खाद्य पदार्थों के एक दर्जन सैंपल
विज्ञापन
jgh
- फोटो : getty images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। खाद्य आपूर्ति विभाग ने मार्च माह में जिले भर से विभिन्न खाद्य वस्तुओं के सैंपल भरे हैं जिन्हें जांच के लिए शिमला भेजा गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इंस्पेक्टर व अधिकारी लगातार फील्ड में जाकर सैंपल भर कर जांच के लिए भेज रहे हैं।
खाद्य आपूर्ति मंत्री के सरकारी गोदामों में औचक निरीक्षण के बाद से अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं। जो विभागीय अधिकारी पहले एक माह में 11 से 15 सैंपल भरते थे उन्होंने अब 11 दिनों के भीतर ही करीब एक दर्जन सैंपल भर लिए हैं जो जांच के लिए भी भेज दिए हैं।
विभाग ने जिला के विभिन्न डिपुओं, थोक विक्रेताओं व अन्य जगहों से दाल, चावल, गेहूं, चीनी के सैंपल भरे हैं। इन सैंपलों को भेज कर यह पता लगाया जाएगा कि इनमें कोई रंग तो नहीं शामिल किया गया है। चीनी के सैंपल में यह पता किया जाएगा कि चीनी में नमी कितनी है और इसे तय प्रक्रिया में बनाया गया है या नहीं, जबकि गेहूं की क्वालिटी को भी जांचा जाता है।
विज्ञापन
इसके अलावा दालों में शामिल किए गए रंग की भी जांच की जाएगी ताकि पता लग सके कि जो रंग दालों में मिलाया गया है वह लोगों के लिए हानिकारक तो नहीं है।
जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी प्रताप सिंह चौहान का कहना है कि मार्च माह में अभी तक 11 से ज्यादा विभिन्न सैंपल भरे गए हैं जो जांच के लिए शिमला भेजे गए हैं। लोगों के स्वास्थ्य को लेकर विभाग सचेत है।
इनसेट...
फरवरी माह में भी भरे थे विभाग ने सैंपल
खाद्य आपूर्ति विभाग ने फरवरी माह में भी इसी तरह डिपुओं, थोक विक्रेताओं व एफसीआई के स्टोर से गेहूं, चावल, दालें व आटे के सैंपल भरे थे। जोकि जांच के लिए शिमला भेजे गए हैं जिनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। इसके अलावा विभाग लगातार चेकिंग करता रहता है।
विज्ञापन
बिलासपुर। खाद्य आपूर्ति विभाग ने मार्च माह में जिले भर से विभिन्न खाद्य वस्तुओं के सैंपल भरे हैं जिन्हें जांच के लिए शिमला भेजा गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इंस्पेक्टर व अधिकारी लगातार फील्ड में जाकर सैंपल भर कर जांच के लिए भेज रहे हैं।
खाद्य आपूर्ति मंत्री के सरकारी गोदामों में औचक निरीक्षण के बाद से अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं। जो विभागीय अधिकारी पहले एक माह में 11 से 15 सैंपल भरते थे उन्होंने अब 11 दिनों के भीतर ही करीब एक दर्जन सैंपल भर लिए हैं जो जांच के लिए भी भेज दिए हैं।
विज्ञापन
विभाग ने जिला के विभिन्न डिपुओं, थोक विक्रेताओं व अन्य जगहों से दाल, चावल, गेहूं, चीनी के सैंपल भरे हैं। इन सैंपलों को भेज कर यह पता लगाया जाएगा कि इनमें कोई रंग तो नहीं शामिल किया गया है। चीनी के सैंपल में यह पता किया जाएगा कि चीनी में नमी कितनी है और इसे तय प्रक्रिया में बनाया गया है या नहीं, जबकि गेहूं की क्वालिटी को भी जांचा जाता है।
विज्ञापन
इसके अलावा दालों में शामिल किए गए रंग की भी जांच की जाएगी ताकि पता लग सके कि जो रंग दालों में मिलाया गया है वह लोगों के लिए हानिकारक तो नहीं है।
जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी प्रताप सिंह चौहान का कहना है कि मार्च माह में अभी तक 11 से ज्यादा विभिन्न सैंपल भरे गए हैं जो जांच के लिए शिमला भेजे गए हैं। लोगों के स्वास्थ्य को लेकर विभाग सचेत है।
इनसेट...
फरवरी माह में भी भरे थे विभाग ने सैंपल
खाद्य आपूर्ति विभाग ने फरवरी माह में भी इसी तरह डिपुओं, थोक विक्रेताओं व एफसीआई के स्टोर से गेहूं, चावल, दालें व आटे के सैंपल भरे थे। जोकि जांच के लिए शिमला भेजे गए हैं जिनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। इसके अलावा विभाग लगातार चेकिंग करता रहता है।