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रिपोर्ट दबाकर रखने से मछुआरों को करोड़ों का नुकसान
Updated Fri, 13 Apr 2018 11:34 PM IST
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बिलासपुर। फोरलेन विस्थपित एवं प्रभावित समिति ने कानूनगो कार्यालय के खिलाफ एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है। कानूनगो ने मत्स्य विभाग की अवैध डंपिंग रिपोर्ट को कानूनगो कार्यालय द्वारा एसडीएम को नहीं सौंपने पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
समिति के महासचिव एवं पूर्व सैनिक मदन लाल शर्मा ने कहा है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण से निकलने वाली मिट्टी को आईएल एंड एफएस कंपनी ने अवैध तरीके से नदी, नालों व गोबिंद सागर झील में डंप किया है। इसको लेकर एक आठ सदस्यों की संयुक्त निरीक्षण समिति बनाई गई थी। इसके बाद समिति ने रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे एसडीएम कार्यालय को भेजा गया। लेकिन कार्यालय कानूनगो ने उस रिपोर्ट को एसडीएम के समक्ष नहीं रखा। इससे प्रशासन अवैध डंपिंग को लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। मदन लाल शर्मा का कहना है कि इस तरह अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये से मछुआरों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। वहीं पर्यावरण के साथ-साथ वन भूमि को भी नुकसान हुआ है। मदन का कहना है कि इस बात का खुलासा आरटीआई से प्राप्त सूचना से हुआ है।
उन्होंने एसडीएम सदर से मांग की है कि रिपोर्ट 18 अप्रैल से पहले दी जाए, ताकि 26 अप्रैल से पहले इसको एनजीटी की अंतिम सुनवाई में लगाया जा सके।
गौरतलब है कि सड़क निर्माण कर रही कंपनी लगातार अवैध तरीके से गोबिंद सागर झील और नदी नालों में डंपिंग कर रही है। फोरलेन विस्थापित समिति के महासचिव मदन का कहना है कि एसडीएम सदर ने इस पर जल्द ही उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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समिति के महासचिव एवं पूर्व सैनिक मदन लाल शर्मा ने कहा है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण से निकलने वाली मिट्टी को आईएल एंड एफएस कंपनी ने अवैध तरीके से नदी, नालों व गोबिंद सागर झील में डंप किया है। इसको लेकर एक आठ सदस्यों की संयुक्त निरीक्षण समिति बनाई गई थी। इसके बाद समिति ने रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे एसडीएम कार्यालय को भेजा गया। लेकिन कार्यालय कानूनगो ने उस रिपोर्ट को एसडीएम के समक्ष नहीं रखा। इससे प्रशासन अवैध डंपिंग को लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। मदन लाल शर्मा का कहना है कि इस तरह अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये से मछुआरों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। वहीं पर्यावरण के साथ-साथ वन भूमि को भी नुकसान हुआ है। मदन का कहना है कि इस बात का खुलासा आरटीआई से प्राप्त सूचना से हुआ है।
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उन्होंने एसडीएम सदर से मांग की है कि रिपोर्ट 18 अप्रैल से पहले दी जाए, ताकि 26 अप्रैल से पहले इसको एनजीटी की अंतिम सुनवाई में लगाया जा सके।
गौरतलब है कि सड़क निर्माण कर रही कंपनी लगातार अवैध तरीके से गोबिंद सागर झील और नदी नालों में डंपिंग कर रही है। फोरलेन विस्थापित समिति के महासचिव मदन का कहना है कि एसडीएम सदर ने इस पर जल्द ही उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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