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सालों से बरठीं को नहीं मिल पाया बस अड्डा और टैक्सी स्टैंड
Updated Sun, 29 Oct 2017 12:02 AM IST
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बरठीं(बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के बरठीं में बनने वाला बस अड्डा और टैक्सी स्टैंड राजनीति की भेंट चढ़ता रहा है। लगभग 25 वर्षों से बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए लोगों ने भाजपा व कांग्रेस से बरठीं में टैक्सी स्टैंड व बस अड्डा बनाने की कई बार गुहार लगाई है। लेकिन, आज दिन तक समस्या जस की तस बनी हुई है। गाड़ियों में लगभग चार गुना इजाफा होने के कारण आए दिन जाम से परेशान होना पड़ता है।
मात्र खोखले वायदों के झांसे में आकर यहां के लोग वोट देते रहे हैं। बाद में इनकी समस्याओं पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जाता है। हिमाचल पथ परिवहन व स्थानीय नेता मुख्य चौक पर बस अड्डा व टैक्सी स्टैंड बनाने के वायदे से हर बार मुकर जाते हैं। लगभग दो दशक पहले बस अड्डा बनाने के लिए निगम की मांग पर स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन बिना मुआवजे के दी थी। लेकिन, निगम नेताओं के आदेश का इंतजार करता रहा और नेताओं ने अपनी रुचि नहीं दिखाई। कुछ वर्ष बाद जमीन के मालिकों ने उस पर अपना कारोबार शुरू कर दिया।
भूमि के निरीक्षण के लिए तत्कालीन एसडीएम व निगम अधिकारी भी आए थे। लेकिन, धन के अभाव में यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। दुकानदारों सहित व्यापार मंडल का कहना है कि यदि बस स्टैंड व टैक्सी स्टैंड की समस्या को सुलझाने के लिए दोनों ही पार्टियों के नेता अपनी रुचि दिखाते तो यह समस्या कब की हल हो गई होती। उन्होंने मात्र वोट बैंक की राजनीति की है।
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ग्रामीणों ने कहा कि बरठीं बाजार में लगभग एक हजार गाड़ियों का प्रतिदिन आना-जाना रहता है। बरठीं बाजार बिलासपुर भाखड़ा सड़क पर स्थित है। सड़क के दोनों ओर टैक्सियों सहित निजी वाहनों के खड़े रहने से बसें खड़ी करने में दिक्कत पेश आती है। बसें मुख्य चौक पर अपना जमावड़ा लगाए रहती हैं। इस कारण यहां अकसर जाम लगा रहता है। बड़गांव चौक पर सड़क को चौड़ा किया गया है। जहां गाड़ियों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। लेकिन, यह योजना भी धरी की धरी ही रह गई। स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि जो दल इन समस्याओं को निपटाएगा उसी को वे अपना वोट देंगे।
भाजपा के प्रत्याशी जेआर कटवाल का कहना है कि लोगों ने इस मुद्दे को ध्यान में लाया है। अगर वह सत्ता में आते हैं तो इस समस्या का प्रमुखता के आधार पर समाधान किया जाएगा। सरकार बनते ही सबसे पहले यह कार्य किया जाएगा।
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मात्र खोखले वायदों के झांसे में आकर यहां के लोग वोट देते रहे हैं। बाद में इनकी समस्याओं पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जाता है। हिमाचल पथ परिवहन व स्थानीय नेता मुख्य चौक पर बस अड्डा व टैक्सी स्टैंड बनाने के वायदे से हर बार मुकर जाते हैं। लगभग दो दशक पहले बस अड्डा बनाने के लिए निगम की मांग पर स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन बिना मुआवजे के दी थी। लेकिन, निगम नेताओं के आदेश का इंतजार करता रहा और नेताओं ने अपनी रुचि नहीं दिखाई। कुछ वर्ष बाद जमीन के मालिकों ने उस पर अपना कारोबार शुरू कर दिया।
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भूमि के निरीक्षण के लिए तत्कालीन एसडीएम व निगम अधिकारी भी आए थे। लेकिन, धन के अभाव में यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। दुकानदारों सहित व्यापार मंडल का कहना है कि यदि बस स्टैंड व टैक्सी स्टैंड की समस्या को सुलझाने के लिए दोनों ही पार्टियों के नेता अपनी रुचि दिखाते तो यह समस्या कब की हल हो गई होती। उन्होंने मात्र वोट बैंक की राजनीति की है।
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ग्रामीणों ने कहा कि बरठीं बाजार में लगभग एक हजार गाड़ियों का प्रतिदिन आना-जाना रहता है। बरठीं बाजार बिलासपुर भाखड़ा सड़क पर स्थित है। सड़क के दोनों ओर टैक्सियों सहित निजी वाहनों के खड़े रहने से बसें खड़ी करने में दिक्कत पेश आती है। बसें मुख्य चौक पर अपना जमावड़ा लगाए रहती हैं। इस कारण यहां अकसर जाम लगा रहता है। बड़गांव चौक पर सड़क को चौड़ा किया गया है। जहां गाड़ियों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। लेकिन, यह योजना भी धरी की धरी ही रह गई। स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि जो दल इन समस्याओं को निपटाएगा उसी को वे अपना वोट देंगे।
भाजपा के प्रत्याशी जेआर कटवाल का कहना है कि लोगों ने इस मुद्दे को ध्यान में लाया है। अगर वह सत्ता में आते हैं तो इस समस्या का प्रमुखता के आधार पर समाधान किया जाएगा। सरकार बनते ही सबसे पहले यह कार्य किया जाएगा।