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खारसी सभा के अधिवेशन में पूर्व प्रधान सहित चार लोग बर्खास्त
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)।
परिवहन सभा खारसी के अधिवेशन का आयोजन रविवार को तुन्नी घाट में किया गया। अधिवेशन श्री नयनादेवी जी मंदिर में प्रधान महेंद्र सिंह और महासचिव दौलत सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुआ। खास बात यह रही की इस अधिवेशन का आयोजन वर्ष 2103 के बाद माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों से किया गया। अधिवेशन में सभा ने श्यामलाल, लाल सिंह और बुद्धि सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
सभा के महासचिव दौलत सिंह ठाकुर ने बताया कि इतने लंबे समय से अधिवेशन न होने का कारण सभा के पूर्व प्रधान रह चुके बुद्धि सिंह थे, उन्होंने अलग-अलग मामलों में सभा की कार्यवाही पर न्यायालय से स्टे ले रखे थे। इस कारण यह अधिवेशन समय पर नहीं हो सका।। रविवार को अधिवेशन में कई अहम मुद्दों पर कार्यवाही हुई। इनमें सबसे पहले सभा सदस्य श्याम लाल, लाल सिंह और बुद्धि सिंह को बर्खास्त किया गया। इसके साथ ही बुद्धि सिंह को यह भी आदेश जारी किए गए कि जो उन्होंने सभा में रहते हुए 3 लाख 35 हजार का घोटाला किया है वो उसे पूरा करें। सभा में यह प्रस्ताव भी एकमत से पास किया गया कि सहभागी कार्य क्षेत्र में 9 पंचायतों के ऑपरेटरों की सदस्यता जारी रहेगी। इसके कार्य क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार विमला देवी की सदस्यता और गाड़ी को नहीं हटाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार अधिवेशन में लोगों ने सभा के पूर्व प्रधान बुद्धि सिंह का एकमत में बहिष्कार किया। खारसी परिवहन सभा के अधिवेशन के मौके पर खारसी संघर्ष समिति के सदस्यों ने भी श्री नयनादेवी मंदिर के गेट पर खड़े होकर करीब 200 लोगों को पर्चे बांटकर परिवहन सभा के पूर्व प्रधान की कारगुजारियों के प्रति जागरूक किया। सभा के कानूनी सलाहकार रजनीश ने कहा कि पूर्व प्रधान ने लोगों से सदस्यता के नाम और पैसा तो इकट्ठा किया लेकिन उन्हें सदस्यता नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति और पीड़ित लोग जानना चाहते हैं कि 27 जुलाई 2010 में परिवहन सभा के अधिवेशन के प्रस्ताव नंबर चार को पढ़ा जाए, जिसमें लिखा गया था कि जो सदस्यता के नाम पर 200 लोगों से पर व्यक्ति 3600 रुपये धनराशि इकट्ठा की गई है वो परिवहन सभा के सदस्यों के पास न रहकर गैर सदस्यों के पास रहेगी। संघर्ष समिति जानना चाहती है कि वो गैर सदस्य कौन है ? खारसी संघर्ष समिति ने लोगों को बांटे गए पर्चों में मांग की कि पूर्व प्रधान से सदस्यता के नाम पर की गई पैसों की उगाही और जारी किए गए रिक्वेस्ट लैटर के आधार पर सभी प्रभावित लोगों को तुरंत सदस्यता जारी की जाए।
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बरमाणा (बिलासपुर)।
परिवहन सभा खारसी के अधिवेशन का आयोजन रविवार को तुन्नी घाट में किया गया। अधिवेशन श्री नयनादेवी जी मंदिर में प्रधान महेंद्र सिंह और महासचिव दौलत सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुआ। खास बात यह रही की इस अधिवेशन का आयोजन वर्ष 2103 के बाद माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों से किया गया। अधिवेशन में सभा ने श्यामलाल, लाल सिंह और बुद्धि सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
सभा के महासचिव दौलत सिंह ठाकुर ने बताया कि इतने लंबे समय से अधिवेशन न होने का कारण सभा के पूर्व प्रधान रह चुके बुद्धि सिंह थे, उन्होंने अलग-अलग मामलों में सभा की कार्यवाही पर न्यायालय से स्टे ले रखे थे। इस कारण यह अधिवेशन समय पर नहीं हो सका।। रविवार को अधिवेशन में कई अहम मुद्दों पर कार्यवाही हुई। इनमें सबसे पहले सभा सदस्य श्याम लाल, लाल सिंह और बुद्धि सिंह को बर्खास्त किया गया। इसके साथ ही बुद्धि सिंह को यह भी आदेश जारी किए गए कि जो उन्होंने सभा में रहते हुए 3 लाख 35 हजार का घोटाला किया है वो उसे पूरा करें। सभा में यह प्रस्ताव भी एकमत से पास किया गया कि सहभागी कार्य क्षेत्र में 9 पंचायतों के ऑपरेटरों की सदस्यता जारी रहेगी। इसके कार्य क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार विमला देवी की सदस्यता और गाड़ी को नहीं हटाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार अधिवेशन में लोगों ने सभा के पूर्व प्रधान बुद्धि सिंह का एकमत में बहिष्कार किया। खारसी परिवहन सभा के अधिवेशन के मौके पर खारसी संघर्ष समिति के सदस्यों ने भी श्री नयनादेवी मंदिर के गेट पर खड़े होकर करीब 200 लोगों को पर्चे बांटकर परिवहन सभा के पूर्व प्रधान की कारगुजारियों के प्रति जागरूक किया। सभा के कानूनी सलाहकार रजनीश ने कहा कि पूर्व प्रधान ने लोगों से सदस्यता के नाम और पैसा तो इकट्ठा किया लेकिन उन्हें सदस्यता नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति और पीड़ित लोग जानना चाहते हैं कि 27 जुलाई 2010 में परिवहन सभा के अधिवेशन के प्रस्ताव नंबर चार को पढ़ा जाए, जिसमें लिखा गया था कि जो सदस्यता के नाम पर 200 लोगों से पर व्यक्ति 3600 रुपये धनराशि इकट्ठा की गई है वो परिवहन सभा के सदस्यों के पास न रहकर गैर सदस्यों के पास रहेगी। संघर्ष समिति जानना चाहती है कि वो गैर सदस्य कौन है ? खारसी संघर्ष समिति ने लोगों को बांटे गए पर्चों में मांग की कि पूर्व प्रधान से सदस्यता के नाम पर की गई पैसों की उगाही और जारी किए गए रिक्वेस्ट लैटर के आधार पर सभी प्रभावित लोगों को तुरंत सदस्यता जारी की जाए।
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