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हरित, श्वेत, नीली क्रांति से 2022 तक किसानों की आय होगी दोगुना: अनुराग
Updated Tue, 27 Nov 2018 11:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। झंडूता के पियुंगलि (कोसरियां) में आयोजित एक दिवसीय मछुआरा सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पशु एवं मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर विशेष रूप से शामिल रहे। उन्होंने कहा कि 2022 तक प्रधानमंत्री के देश को गरीब मुक्त करने के सपने को साकार करने तथा किसान की आय को दोगुना करने के लिए पशुपालन व मत्स्य विभाग की महत्वाकांक्षी योजना के तहत केंद्र सरकार ने वर्ष 2018-19 में 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
वहीं, सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि हरित क्रांति, श्वेत व नीली क्रांति के माध्यम से 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए अनेकों योजनाओं को चलाया जा रहा है। मछुआरों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार द्वारा 3 हजार करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया गया है। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
पूर्व विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि गोबिंद सागर झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य सतपाल मेहता ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रदेश में लगभग 12,560 मछुआरों एवं मत्स्य कृषक परिवार मछली से अपनी आजीविका कमा रहे हैं। इस अवसर पर बेहतरीन मछली उत्पादन करने वाली सहकारी सभाओं को सम्मानित किया गया तथा मछुआरों को जाल वितरित किए गए। मत्स्य सहकारी सभा दौबड़ ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 5100 रुपये दिए। सम्मेलन में 34 मत्स्य सहकारी समितियों ने भाग लिया।
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इस अवसर पर पूर्व मंत्री रिखीराम कौंडल, जिला अध्यक्ष राकेश गौतम, स्थानीय प्रधान कुलदीप कुमार, भाजपा फिशरमैन प्रकोष्ठ के राज्य अध्यक्ष मुनीर अख्तर लाली, मीडिया प्रभारी सोनल शर्मा, दिनेश चंदेल, उपनिदेशक पशु पालन विनोद कुंदी, उपनिदेशक कृषि डॉ. डीएस पंत, पीओ डीआरडीए संजीत सिंह, संयुक्त निदेशक मत्स्य श्याम लाल के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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बिलासपुर। झंडूता के पियुंगलि (कोसरियां) में आयोजित एक दिवसीय मछुआरा सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पशु एवं मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर विशेष रूप से शामिल रहे। उन्होंने कहा कि 2022 तक प्रधानमंत्री के देश को गरीब मुक्त करने के सपने को साकार करने तथा किसान की आय को दोगुना करने के लिए पशुपालन व मत्स्य विभाग की महत्वाकांक्षी योजना के तहत केंद्र सरकार ने वर्ष 2018-19 में 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
वहीं, सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि हरित क्रांति, श्वेत व नीली क्रांति के माध्यम से 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए अनेकों योजनाओं को चलाया जा रहा है। मछुआरों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार द्वारा 3 हजार करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया गया है। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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पूर्व विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि गोबिंद सागर झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य सतपाल मेहता ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रदेश में लगभग 12,560 मछुआरों एवं मत्स्य कृषक परिवार मछली से अपनी आजीविका कमा रहे हैं। इस अवसर पर बेहतरीन मछली उत्पादन करने वाली सहकारी सभाओं को सम्मानित किया गया तथा मछुआरों को जाल वितरित किए गए। मत्स्य सहकारी सभा दौबड़ ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 5100 रुपये दिए। सम्मेलन में 34 मत्स्य सहकारी समितियों ने भाग लिया।
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इस अवसर पर पूर्व मंत्री रिखीराम कौंडल, जिला अध्यक्ष राकेश गौतम, स्थानीय प्रधान कुलदीप कुमार, भाजपा फिशरमैन प्रकोष्ठ के राज्य अध्यक्ष मुनीर अख्तर लाली, मीडिया प्रभारी सोनल शर्मा, दिनेश चंदेल, उपनिदेशक पशु पालन विनोद कुंदी, उपनिदेशक कृषि डॉ. डीएस पंत, पीओ डीआरडीए संजीत सिंह, संयुक्त निदेशक मत्स्य श्याम लाल के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।