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मक डंपिंग को लेकर एक राज्य में दो नियम
Updated Mon, 26 Nov 2018 11:44 PM IST
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मलबा हटाती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-मनाली फोरलेन निर्माण के लिए हो रही मक डंपिंग को लेकर राज्य में दो अगल-अलग नियम पर काम हो रहा है। जहां जिला कुल्लू में अवैध रूप से की गई कम डंपिंग को लेकर वन विभाग ने जुर्माना लगाने के बाद कंपनी से उठवाया, वहीं जिला मंडी-बिलासपुर और हमीरपुर जिला के तहत आने वाले क्षेत्रों में मात्र जुर्माना करने के बाद अवैध रूप में डंपिंग की गई मिट्टी को मौके से नहीं हटाया गया।
जब अधिकारियों को इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना है कि जुर्माना कर दिया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक राज्य में मक डंपिंग को लेकर दो अलग-अलग नियम है। वहीं फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने भी इस पर सवाल खड़े किए।
समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि जहां कुल्लू में जुर्माना लगाने के बाद मिट्टी को मौके से हटवाया गया है, जबकि अन्य जिलों में केवल नाम मात्र का जुर्माना लगा कर रश्मों को अदा किया गया है। फोरलेन प्रभावित समिति बिलासपुर, मंडी और हमीरपुर जिला के तहत आने वाले क्षेत्रों में हुई अवैध डंपिंग को उठाने की लंबे समय से मांग कर रही है।
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आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार डीएफओ कुल्लू नीरज चड्ढा द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया है जिला में विभिन्न अवैध डंपिंग साइटों में 14 लाख 87116 रुपये जुर्माना लगाया गया है। जबकि मौके पर से कंपनी को मलबा हटाने को कहा गया था जिसे कंपनी ने उठा लिया है। वहीं इस संबंध में परियोजना निदेशक को भी कारण बताओं नोटिस वन विभाग ने जारी किया है जिसका जवाब आ चुका है।
वहीं डीएफओ बिलासपुर सरोज भाई पटेल ने अपने कार्यालय केे पत्र संख्या (7724) दिनांक 22-11-2018 को पुष्टि की है कि वह अवैध डंपिंग करने वालों से केवल जुर्माना ही लेंगे। जबकि एसडीएम सदर ने वन भूमि व नदी नालों से अवैध डंप की गई मिट्टी को उठाने के आदेश जारी किए हैं।
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बिलासपुर। कीरतपुर-मनाली फोरलेन निर्माण के लिए हो रही मक डंपिंग को लेकर राज्य में दो अगल-अलग नियम पर काम हो रहा है। जहां जिला कुल्लू में अवैध रूप से की गई कम डंपिंग को लेकर वन विभाग ने जुर्माना लगाने के बाद कंपनी से उठवाया, वहीं जिला मंडी-बिलासपुर और हमीरपुर जिला के तहत आने वाले क्षेत्रों में मात्र जुर्माना करने के बाद अवैध रूप में डंपिंग की गई मिट्टी को मौके से नहीं हटाया गया।
जब अधिकारियों को इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना है कि जुर्माना कर दिया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक राज्य में मक डंपिंग को लेकर दो अलग-अलग नियम है। वहीं फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने भी इस पर सवाल खड़े किए।
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समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि जहां कुल्लू में जुर्माना लगाने के बाद मिट्टी को मौके से हटवाया गया है, जबकि अन्य जिलों में केवल नाम मात्र का जुर्माना लगा कर रश्मों को अदा किया गया है। फोरलेन प्रभावित समिति बिलासपुर, मंडी और हमीरपुर जिला के तहत आने वाले क्षेत्रों में हुई अवैध डंपिंग को उठाने की लंबे समय से मांग कर रही है।
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आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार डीएफओ कुल्लू नीरज चड्ढा द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया है जिला में विभिन्न अवैध डंपिंग साइटों में 14 लाख 87116 रुपये जुर्माना लगाया गया है। जबकि मौके पर से कंपनी को मलबा हटाने को कहा गया था जिसे कंपनी ने उठा लिया है। वहीं इस संबंध में परियोजना निदेशक को भी कारण बताओं नोटिस वन विभाग ने जारी किया है जिसका जवाब आ चुका है।
वहीं डीएफओ बिलासपुर सरोज भाई पटेल ने अपने कार्यालय केे पत्र संख्या (7724) दिनांक 22-11-2018 को पुष्टि की है कि वह अवैध डंपिंग करने वालों से केवल जुर्माना ही लेंगे। जबकि एसडीएम सदर ने वन भूमि व नदी नालों से अवैध डंप की गई मिट्टी को उठाने के आदेश जारी किए हैं।