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हिमाचल के कृषक मित्रों को स्थाई पॉलिसी का इंतजार
Updated Thu, 07 Jun 2018 10:36 PM IST
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कृषक मित्रों के लिए बनाई जलाए स्थायी पॉलिसी
कृषक मित्र संघ घुमारवीं इकाई की बैठक में सरकार से उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। कृषक मित्र संघ घुमारवीं इकाई की बैठक प्रधान प्यारेलाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें घुमारवीं ब्लॉक के करीब 40 कृषक मित्रों ने भाग लिया।
ब्लॉक सचिव राज कुमार ने बताया कि प्रदेश में करीब 3243 कृषक मित्र अक्तूबर 2010 से सेवाएं दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नि:शुल्क सेवाएं दे रहे कृषक मित्रों के बारे में अभी तक किसी भी सरकार ने स्थायी नीति नहीं बनाई है। महंगाई के दौर में जीवन यापन करना कठिन हो गया है।
कृषक मित्र संघ के प्रधान प्यारे लाल ने कहा कि शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलकर समस्याओं के बारे में अवगत करवाएगा। 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में कृषक मित्रों की पंचायतों में नियुक्ति हुई थी। कृषक मित्र प्रदेश और केंद्र सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम बिना वेतन ईमानदारी से निभा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने ठोस नीति बनाना ही जरूरी नहीं समझा। कृषक मित्रों को प्रदेश के विभिन्न कृषि प्रशिक्षण केंद्रों में विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराएगा और शीघ्र स्थायी नीति बनाने का आग्रह किया जाएगा। इस अवसर पर मनोहर लाल, सुरेंद्र कुमार, सोहनलाल, सुशील कुमार, राम सिंह, प्रवीण कुमार जगन्नाथ मौजूद रहे।
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कृषक मित्र संघ घुमारवीं इकाई की बैठक में सरकार से उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। कृषक मित्र संघ घुमारवीं इकाई की बैठक प्रधान प्यारेलाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें घुमारवीं ब्लॉक के करीब 40 कृषक मित्रों ने भाग लिया।
ब्लॉक सचिव राज कुमार ने बताया कि प्रदेश में करीब 3243 कृषक मित्र अक्तूबर 2010 से सेवाएं दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नि:शुल्क सेवाएं दे रहे कृषक मित्रों के बारे में अभी तक किसी भी सरकार ने स्थायी नीति नहीं बनाई है। महंगाई के दौर में जीवन यापन करना कठिन हो गया है।
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कृषक मित्र संघ के प्रधान प्यारे लाल ने कहा कि शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलकर समस्याओं के बारे में अवगत करवाएगा। 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में कृषक मित्रों की पंचायतों में नियुक्ति हुई थी। कृषक मित्र प्रदेश और केंद्र सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम बिना वेतन ईमानदारी से निभा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने ठोस नीति बनाना ही जरूरी नहीं समझा। कृषक मित्रों को प्रदेश के विभिन्न कृषि प्रशिक्षण केंद्रों में विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराएगा और शीघ्र स्थायी नीति बनाने का आग्रह किया जाएगा। इस अवसर पर मनोहर लाल, सुरेंद्र कुमार, सोहनलाल, सुशील कुमार, राम सिंह, प्रवीण कुमार जगन्नाथ मौजूद रहे।
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