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बिलासपुर में पहुंची अनीमिया रोग दूर करने वाली चिक्की

Tue, 19 Mar 2019 10:47 PM IST
Devender Devender Kumar Kumar
Updated Tue, 19 Mar 2019 10:47 PM IST
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बिलासपुर में पहुंची अनीमिया रोग दूर करने वाली चिक्की
अमर उजाला ब्यूरो
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बिलासपुर। महिलाओं में सबसे अधिक पाए जाने वाला एनीमिया रोग को दूर करने के लिए सरस मेले में चिक्की आई हुई है। यह चिक्की नारियल, मस्क मिलन और ड्राई फ्रूट के मिश्रणों से तैयार की गई है।
बिलासपुर के राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले में लगे सरस मेला में महाराष्ट्र के इस स्टाल का कुछ अलग ही रूप है। महाराष्ट्र स्टाल की मुखिया नयना कोथवल चिक्की बेचने के साथ लोगों को इसके फायदे भी गिना रही है। वहीं, इस चिक्की की महक भी पूरे सरस मेले में उपस्थित लोगों को अपनी ओर खींच रही है।
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‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में मुखिया नयना कोथवल ने बताया कि उन्होंने यह कार्य 2013 में शुरू किया था। महाराष्ट्र के नासिक जिला में यह उत्पाद तैयार किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस उत्पाद को बनाने के लिए किसी भी मशीन का उपयोग नहीं किया जाता है। खुद हाथों से इसे तैयार कर मार्केट में उतारा जाता है। महाराष्ट्र की चिक्की गुड़ से तैयार की जाती है। इस चिक्की के खाने से ब्लड प्रेशर, वजन, कमजोर हड्डियां, एनीमिया के रोगों को दूर करती है। बतातें चलें कि भारत के सबसे बड़े महालक्ष्मी सरस मेले में भी महाराष्ट्र की चिक्की उत्पाद को सम्मानित किया गया है। कैबिनेट मंत्री सुरेश प्रभु स्वयं मुंबई में पहुंचकर इस स्टाल मुखिया को सम्मानित कर चुके हैं।
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इस चिक्की को तैयार करने के लिए 11 महिलाएं काम करती हैं। उन्होंने नासिक जिला के एक गांव में अपना पूरा प्लांट तैयार किया है जहां पर इस चिक्की को तैयार किया जा रहा है। भारत की सबसे बड़ी निजी कंपनी इस लाभदायक उत्पाद को बनाने के लिए नयना कोथवल को सम्मानित कर चुकी है।

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इनसेट...
पुणे के वैज्ञानिक लगाते हैं अंतिम मुहर
महाराष्ट्र के इस उत्पाद को पुणे के वैज्ञानिक जांच करते है। पुणे में रिसर्च होने के लिए यह सारे उत्पाद बाजार में लाए जाते हैं, जहां पर चार चरणों में इसकी जांच की जाती है। उसके बाद ही इस चिक्की पर अंतिम मुहर लगाई जाती है। 2013 से शुरू हुए इस उत्पाद को अभी तक किसी भी वैज्ञानिक ने फेल नहीं किया है।
 
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