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नौकरीपेशा, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को हुई परेशानी
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:09 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। देशभर में निजी बस ऑपरेटरों की अपनी मांगों को लेकर सोमवार से शुरू हुई हड़ताल का असर पहले ही दिन जिला भर में देखने को मिला। निजी बसें न मिलने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। निजी बसों के न चलने से नौकरीपेशा, स्कूल व कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को खासी परेशानी हुई।
जिले के कई ऐसे इलाके थे जहां पर केवल निजी बसें ही जाती हैं। ऐसे में यहां के लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि एचआरटीसी ने भी अपनी तरफ से लोगों को बस सुविधा मुहैया करवाने की कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन कई जगहों पर लोगों को खासी दिक्कतें हुईं।
स्वारघाट में ज्योरीपतन-स्वारघाट, बागछाल-स्वारघाट, ज्योरीपतन-नयना देवी, बाघछाल-नयना देवी, नयना देवी-भाखड़ा, नयना देवी-आनंदपुर, नयना देवी-ऊना छोटे निजी बस रूट के साथ-साथ दूसरे जिलों से बद्दी, नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्रों के निजी बस रूट भी ठप रहे और लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
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लंबी दूरी की बसों के पीछे से ही भरी आने पर लोगों को निराशा हाथ लगी। बसों की हड़ताल का लाभ टैक्सी ऑपरेटरों ने उठाया। सवारियों से मनचाहे दाम वसूल रहे हैं। हालांकि इससे निपटने के लिए एचआरटीसी ने अतिरिक्त बसें चलाई हैं लेकिन वह पर्याप्त नहीं हुई। इसके अलावा सुंदरनगर, सलापड़, बरमाणा, ब्रह्मपुखर के लिए भी बिलासपुर बस अड्डा से अतिरिक्त बसें चलाई गईं।
इसके अलावा घुमारवीं बस अड्डा से बरठीं, लदरौर, बलद्वाड़ा के लिए भी निगम ने अतिरिक्त बसों का प्रबंध कर रखा था। अतिरिक्त 18 बसों के अलावा निगम ने वर्कशॉप में खड़ी लंबी दूरी की सभी बसों को सड़क पर उतार दिया था लेकिन उसके बावजूद भी कई जगहों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निगम की ओर से छुट्टी पर गए और रेस्ट पर गए सभी चालकों व परिचालकों को वापस बुला लिया था, जो पूरा दिन बसों में दिखे। एचआरटीसी की ओर से विभिन्न रूटों पर 80 बसें अतिरिक्त भेजी गई थीं। इसमें एक लाख से ज्यादा लोगों ने सफर किया।
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बिलासपुर। देशभर में निजी बस ऑपरेटरों की अपनी मांगों को लेकर सोमवार से शुरू हुई हड़ताल का असर पहले ही दिन जिला भर में देखने को मिला। निजी बसें न मिलने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। निजी बसों के न चलने से नौकरीपेशा, स्कूल व कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को खासी परेशानी हुई।
जिले के कई ऐसे इलाके थे जहां पर केवल निजी बसें ही जाती हैं। ऐसे में यहां के लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि एचआरटीसी ने भी अपनी तरफ से लोगों को बस सुविधा मुहैया करवाने की कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन कई जगहों पर लोगों को खासी दिक्कतें हुईं।
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स्वारघाट में ज्योरीपतन-स्वारघाट, बागछाल-स्वारघाट, ज्योरीपतन-नयना देवी, बाघछाल-नयना देवी, नयना देवी-भाखड़ा, नयना देवी-आनंदपुर, नयना देवी-ऊना छोटे निजी बस रूट के साथ-साथ दूसरे जिलों से बद्दी, नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्रों के निजी बस रूट भी ठप रहे और लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
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लंबी दूरी की बसों के पीछे से ही भरी आने पर लोगों को निराशा हाथ लगी। बसों की हड़ताल का लाभ टैक्सी ऑपरेटरों ने उठाया। सवारियों से मनचाहे दाम वसूल रहे हैं। हालांकि इससे निपटने के लिए एचआरटीसी ने अतिरिक्त बसें चलाई हैं लेकिन वह पर्याप्त नहीं हुई। इसके अलावा सुंदरनगर, सलापड़, बरमाणा, ब्रह्मपुखर के लिए भी बिलासपुर बस अड्डा से अतिरिक्त बसें चलाई गईं।
इसके अलावा घुमारवीं बस अड्डा से बरठीं, लदरौर, बलद्वाड़ा के लिए भी निगम ने अतिरिक्त बसों का प्रबंध कर रखा था। अतिरिक्त 18 बसों के अलावा निगम ने वर्कशॉप में खड़ी लंबी दूरी की सभी बसों को सड़क पर उतार दिया था लेकिन उसके बावजूद भी कई जगहों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निगम की ओर से छुट्टी पर गए और रेस्ट पर गए सभी चालकों व परिचालकों को वापस बुला लिया था, जो पूरा दिन बसों में दिखे। एचआरटीसी की ओर से विभिन्न रूटों पर 80 बसें अतिरिक्त भेजी गई थीं। इसमें एक लाख से ज्यादा लोगों ने सफर किया।