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Bilaspur News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 4300 मामलों का निपटारा
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बिलासपुर में 6231 मामले रखे गए, आपसी सहमति से 12.68 करोड़ रुपये से जुड़े विवाद सुलझे
एक दिन में बड़ी संख्या में मामलों का समाधान, पक्षकारों को मिली लंबी अदालती प्रक्रिया से राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अदालतों में लंबे समय से चल रहे विवादों के समाधान के लिए शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले के सभी न्यायालयों में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया। लोक अदालत में कुल 6231 मामले समझौते के लिए रखे गए थे। इनमें से 4300 मामलों में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद विवाद समाप्त कर दिए गए। निपटाए गए मामलों में कुल 12 करोड़ 68 लाख 56 हजार 773 रुपये की राशि से जुड़े विवाद शामिल रहे।
निपटाए गए 4300 मामलों में 4229 मामले पहले से विभिन्न न्यायालयों में लंबित थे। वहीं, 71 मामले ऐसे थे जो अदालत में दाखिल होने से पहले के स्तर पर थे। इन मामलों में भी पक्षकारों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद विवाद का समाधान कर दिया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित मामलों के निपटारे के लिए पक्षकारों को आपसी समझौते का अवसर दिया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में सहमति बनने पर मामलों को आगे की लंबी न्यायिक प्रक्रिया में ले जाने के बजाय समाप्त कर दिया गया। इससे पक्षकारों का समय और खर्च बचा।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की अध्यक्ष ज्योत्सना सुमंत डढवाल ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति से विवादों का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जिले में कुल 6231 मामले सूचीबद्ध किए गए थे। इनमें 5946 लंबित और 285 पूर्व मुकदमेबाजी स्तर के मामले शामिल थे।
लोक अदालत में रखे गए 6231 मामलों में से 4300 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें अदालतों में लंबित मामलों के साथ 71 पूर्व मुकदमेबाजी स्तर के विवाद भी शामिल रहे। इस तरह बड़ी संख्या में पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली।
आपसी सहमति से मामलों के निपटारे से पक्षकारों के साथ न्यायिक व्यवस्था को भी राहत मिली। लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान होने से अदालतों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी मदद मिली।
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एक दिन में बड़ी संख्या में मामलों का समाधान, पक्षकारों को मिली लंबी अदालती प्रक्रिया से राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अदालतों में लंबे समय से चल रहे विवादों के समाधान के लिए शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले के सभी न्यायालयों में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया। लोक अदालत में कुल 6231 मामले समझौते के लिए रखे गए थे। इनमें से 4300 मामलों में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद विवाद समाप्त कर दिए गए। निपटाए गए मामलों में कुल 12 करोड़ 68 लाख 56 हजार 773 रुपये की राशि से जुड़े विवाद शामिल रहे।
निपटाए गए 4300 मामलों में 4229 मामले पहले से विभिन्न न्यायालयों में लंबित थे। वहीं, 71 मामले ऐसे थे जो अदालत में दाखिल होने से पहले के स्तर पर थे। इन मामलों में भी पक्षकारों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद विवाद का समाधान कर दिया गया।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित मामलों के निपटारे के लिए पक्षकारों को आपसी समझौते का अवसर दिया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में सहमति बनने पर मामलों को आगे की लंबी न्यायिक प्रक्रिया में ले जाने के बजाय समाप्त कर दिया गया। इससे पक्षकारों का समय और खर्च बचा।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की अध्यक्ष ज्योत्सना सुमंत डढवाल ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति से विवादों का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जिले में कुल 6231 मामले सूचीबद्ध किए गए थे। इनमें 5946 लंबित और 285 पूर्व मुकदमेबाजी स्तर के मामले शामिल थे।
लोक अदालत में रखे गए 6231 मामलों में से 4300 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें अदालतों में लंबित मामलों के साथ 71 पूर्व मुकदमेबाजी स्तर के विवाद भी शामिल रहे। इस तरह बड़ी संख्या में पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली।
आपसी सहमति से मामलों के निपटारे से पक्षकारों के साथ न्यायिक व्यवस्था को भी राहत मिली। लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान होने से अदालतों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी मदद मिली।