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पांच गांवों के लोग बंदरों और सूअरों के आतंक से परेशान
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:58 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। घुमारवीं उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत सरयून चलैहली के जमथलीघाट व घरवासड़ा तथा साथ लगते करीब 4-5 गांवों में इन दिनों बंदरों व सूअरों का आतंक बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जानवरों को हटाने जाया जाए तो वह इंसानों पर भी हमला कर देते हैं। क्षेत्र के किसानों की हालत यह हो गई है कि दिन में बंदर मक्की की फसल को नष्ट कर रहे हैं तो रात को सूअर।
किसानों का कहना है कि किसानों की हालत यह हो गई है कि वे रात दिन मक्की की फसल की देखरेख कर रहे हैं लेकिन फिर भी मक्की की सफल को इन आतंकी बंदरों से बचाना उनके बस से बाहर हो गया है।
घरवासड़ा के प्रकाश, अनिल कुमार, सतीश कुमार, जमथीघाट से रोशन, रमेश चंद, सुरेश कुमार, दीनानाथ, धर्म सिंह, बाहण गांव के इंद्र, भूरि सिंह, दीपा राम, गांव सिंबलू से मदन लाल, राज कुमार, सुरेश कुमार, गांव गुधू से राजेंद्र, प्रकाश चंद, कश्मीर सिंह, रोडा राम, प्रभुदयाल, प्रकाश चंद, ज्ञान चंद, बलबीर सिंह, प्रेम सिंह, गांव टटेहड़ा से प्रीतम चंद, जगदीश, सोहन लाल, राज कुमार, निक्कू राम, रोशन लाल आदि का कहना है कि इन बंदरों को अगर खेतों से खदेड़ने का प्रयास किया जाए तो ये बंदर हमला कर घायल करने पर उतारू हो जाते हैं।
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सरयून चलैहली पंचायत के पूर्व वार्ड सदस्य दीनानाथ ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में बंदरों ने मक्की की पूरी फसल तबाह कर दी है। तकरीबन 4 बीघा जमीन में मक्की की फसल की बुआई की थी, लेकिन आतंकी बंदरों ने उसे नष्ट कर दिया है। रात को फसल सुअर नुकसान करते हैं और दिन में बंदर। यही हाल रहा तो मजबूरी में फसल बिजाई का कार्य छोड़ना पड़ेगा। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार और वन विभाग से मांग की है कि इन बंदरों को पकड़ा जाए अन्यथा विवश होकर किसानों को सड़क पर उतर कर संघर्ष करने पर बाध्य होगा।
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बिलासपुर। घुमारवीं उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत सरयून चलैहली के जमथलीघाट व घरवासड़ा तथा साथ लगते करीब 4-5 गांवों में इन दिनों बंदरों व सूअरों का आतंक बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जानवरों को हटाने जाया जाए तो वह इंसानों पर भी हमला कर देते हैं। क्षेत्र के किसानों की हालत यह हो गई है कि दिन में बंदर मक्की की फसल को नष्ट कर रहे हैं तो रात को सूअर।
किसानों का कहना है कि किसानों की हालत यह हो गई है कि वे रात दिन मक्की की फसल की देखरेख कर रहे हैं लेकिन फिर भी मक्की की सफल को इन आतंकी बंदरों से बचाना उनके बस से बाहर हो गया है।
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घरवासड़ा के प्रकाश, अनिल कुमार, सतीश कुमार, जमथीघाट से रोशन, रमेश चंद, सुरेश कुमार, दीनानाथ, धर्म सिंह, बाहण गांव के इंद्र, भूरि सिंह, दीपा राम, गांव सिंबलू से मदन लाल, राज कुमार, सुरेश कुमार, गांव गुधू से राजेंद्र, प्रकाश चंद, कश्मीर सिंह, रोडा राम, प्रभुदयाल, प्रकाश चंद, ज्ञान चंद, बलबीर सिंह, प्रेम सिंह, गांव टटेहड़ा से प्रीतम चंद, जगदीश, सोहन लाल, राज कुमार, निक्कू राम, रोशन लाल आदि का कहना है कि इन बंदरों को अगर खेतों से खदेड़ने का प्रयास किया जाए तो ये बंदर हमला कर घायल करने पर उतारू हो जाते हैं।
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सरयून चलैहली पंचायत के पूर्व वार्ड सदस्य दीनानाथ ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में बंदरों ने मक्की की पूरी फसल तबाह कर दी है। तकरीबन 4 बीघा जमीन में मक्की की फसल की बुआई की थी, लेकिन आतंकी बंदरों ने उसे नष्ट कर दिया है। रात को फसल सुअर नुकसान करते हैं और दिन में बंदर। यही हाल रहा तो मजबूरी में फसल बिजाई का कार्य छोड़ना पड़ेगा। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार और वन विभाग से मांग की है कि इन बंदरों को पकड़ा जाए अन्यथा विवश होकर किसानों को सड़क पर उतर कर संघर्ष करने पर बाध्य होगा।