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करोड़ों के खैर काटकर पहुंचा दिए गए दूसरे राज्य में
Updated Sat, 27 Jan 2018 11:56 PM IST
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tree felling
- फोटो : demo pic
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रितेश गुलेरिया
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बिलासपुर।
श्री नयना देवी क्षेत्र में खैर के हजारों पेड़ काटकर दूसरे राज्यों को भेजे जा चुके हैं। इससे क्षेत्र में जंगलों के जंगल खाली हो गए है। हालांकि अभी मामले की विजिलेंस जांच चली हुई है। लेकिन वन विभाग से जुड़े लोगों की मानें तो क्षेत्र में हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं। इसकी बाजार में करोड़ों रुपये कीमत आंकी गई है। सूत्रों की मानें तो हालत ऐसी है कि जंगलों में से पेड़ काटने के बाद जड़ों तक को माफिया उखाड़ ले गया है, ताकि मौके पर से साक्ष्य को भी हटाया जा सके। पूरे मामले की जांच में 14 सदस्यों की टीम जुटी हुई है। हालांकि विजलेंस अभी इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है। जबकि वन मंत्री ने साफ कर दिया है कि मामले के दोषी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। जांच टीम से जुड़े सूत्रों की मानें तो अभी तक हजारों पेड़ कटने की पुष्टि हो चुकी है। जबकि जांच अभी चली हुई है। श्री नयना देवी परिक्षेत्र के सलोआ खंड की वीट खुलवी, सलोआ, खरकड़ी और कोट खंड की कोट वीट में खैर के पेड़ काटे जा चुके हैं। बताया जा रहा है कि यह कटान लंबे समय से चल रहा था। लेकिन अब बड़ा सवाल यह उठता है कि इतना कटान हो चुका है। इसके बाद भी क्षेत्र में संबंधित अधिकारियों ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? वहीं इस पूरे मामले में मिलीभगत का भी अंदेशा हो रहा है। क्योंकि इतना बड़ा कटान कोई बिना किसी मिलीभगत से संभव नहीं हो सकता। इधर, इस मामले में वन मंत्री गोविंद ठाकुर का कहना है कि मामले में जो भी दोषी होगा, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही वन माफिया, खनन माफिया और ड्रग माफिया को लेकर सख्ता है। उन्होंने कहा कि श्री नयना देवी मामले में भी कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।