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देसी गाय की नस्ल में सुधार पर खर्च होंगे 4.50 करोड़ : कंवर
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नम्होल में आयोजित कामधेनु हितकारी मंच के कार्यक्रम में दुग्ध उत्पादकों चैक वितरित करते हुए मंत्
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। पशुपालन कृषि ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सरकार देसी गाय की नस्ल में सुधार के लिए 4.50 करोड़ रुपये की राशि व्यय कर रही है। वे रविवार को कामधेनु हितकारी मंच नम्होल में दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित कर रहे थे।
समारोह में 1128 दुग्ध उत्पादकों को लगभग 58 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। इसमें 35 दुग्ध उत्पादकों को 20 हजार रुपये से अधिक की राशि 103 दुग्ध उत्पादकों को 10 हजार रुपये से 20 हजार रुपये तक की राशि तथा 990 दुग्ध उत्पादकों को 1 हजार रुपये से 10 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए।
उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल 2012 को सरकार ने कामधेनु संस्था को हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया था। वर्तमान में इस संस्थान ने प्रतिदिन 30 हजार लीटर दूध क्षमता का मिल्क प्लांट, कैटल फीड प्लांट, चार मिल्क कलेक्शन सेंटर और कामधेनु कैफे सहित लगभग 12 करोड़ रुपये के अधोसंरचना स्थापित की है। उन्होंने कहा कि सरकार कम ब्याज पर दो करोड़ रुपये तक के ऋण की सुविधा प्रदान कर रही है।
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प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री कृषक बकरी पालन योजना आरंभ की है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी गाय का दूध और घी की गुणवत्ता उच्च श्रेणी की होती है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा, जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रेम ठाकुर, जिला परिषद सदस्य सत्या देवी ठाकुर, मत्स्य विभाग के निदेशक सतपाल मेहता, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. लाल गोपाल, मंडल अध्यक्ष श्री नयना देवी जी लेखराज, कामधेनु हितकारी मंच के अध्यक्ष नानक चंद ठाकुर, महासचिव जीतराम, मिल्कफेड के पूर्व निदेशक सुरेंद्र भारती, यूको बैंक के पूर्व निदेशक संतराम, पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधि मंच के साथ जुड़े दुग्ध उत्पादक उपस्थित रहे।
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समारोह में 1128 दुग्ध उत्पादकों को लगभग 58 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। इसमें 35 दुग्ध उत्पादकों को 20 हजार रुपये से अधिक की राशि 103 दुग्ध उत्पादकों को 10 हजार रुपये से 20 हजार रुपये तक की राशि तथा 990 दुग्ध उत्पादकों को 1 हजार रुपये से 10 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए।
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उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल 2012 को सरकार ने कामधेनु संस्था को हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया था। वर्तमान में इस संस्थान ने प्रतिदिन 30 हजार लीटर दूध क्षमता का मिल्क प्लांट, कैटल फीड प्लांट, चार मिल्क कलेक्शन सेंटर और कामधेनु कैफे सहित लगभग 12 करोड़ रुपये के अधोसंरचना स्थापित की है। उन्होंने कहा कि सरकार कम ब्याज पर दो करोड़ रुपये तक के ऋण की सुविधा प्रदान कर रही है।
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प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री कृषक बकरी पालन योजना आरंभ की है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी गाय का दूध और घी की गुणवत्ता उच्च श्रेणी की होती है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा, जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रेम ठाकुर, जिला परिषद सदस्य सत्या देवी ठाकुर, मत्स्य विभाग के निदेशक सतपाल मेहता, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. लाल गोपाल, मंडल अध्यक्ष श्री नयना देवी जी लेखराज, कामधेनु हितकारी मंच के अध्यक्ष नानक चंद ठाकुर, महासचिव जीतराम, मिल्कफेड के पूर्व निदेशक सुरेंद्र भारती, यूको बैंक के पूर्व निदेशक संतराम, पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधि मंच के साथ जुड़े दुग्ध उत्पादक उपस्थित रहे।