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Bilaspur News: पिकअप से बरामद हुए खैर के 33 मोछे, तीन गिरफ्तार
Sun, 02 Nov 2025 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 02 Nov 2025 11:27 PM IST
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चलैला बोटघाट पर खैर की लकड़ी के साथ पकड़ी गई पिकअप। संवाद
तीन नंबर के लिए लीड
कलोल के जंगल से काटे गए थे खैर के पेड़, तीन लाख रुपये बताई जा रही कीमत
पुलिस और वन विभाग की टीम ने बोटघाट पर दी दबिश
डीएसपी बोले, अवैध कटान व तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पुलिस थाना कोट कहलूर और वन वन विभाग की टीम ने चलैला बोटघाट लिंक रोड पर अवैध रूप से खैर की लकड़ी से भरी पिकअप गाड़ी पकड़ी है। गाड़ी में लकड़ी के 33 मोछे बरामद किए गए। मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। बाजार में इस लकड़ी की कीमत करीब तीन लाख बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कलोल जंगल की ओर से बोट के माध्यम से कुछ लोग अवैध रूप से खैर की लकड़ी ला रहे हैं, जिस पर पुलिस ने उस क्षेत्र में गश्त शुरू की। इस दौरान चलैला बोटघाट लिंक रोड पर एक पिकअप गाड़ी को संदिग्ध अवस्था में पाया गया। पुलिस ने जब इस गाड़ी की जांच की तो गाड़ी में 33 खैर के मोछे पाए गए। मौके पर वन विभाग की टीम भी मौजूद रही। पुलिस ने पकड़ी गई लकड़ी को वन विभाग के हवाले किया। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान प्रदीप कोसिरयां झंडूता, राजीव कुमार निवासी गांव धंगू बोंगेड झंडूता और विजय कुमार निवासी गांव भूतलार तहसील बड़सर के रूप में हुई है। आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने लकड़ी कलोल क्षेत्र के जंगल से काटी है। इसके बाद वह बोट के माध्यम से इसे लाए और चलैला बोटघाट पर पिकअप में डाला। वहीं पर पुलिस और वन विभाग ने इन्हें पकड़ लिया। बाजार में इस लकड़ी की कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई जा रही है।
उधर, डीएसपी मुख्यालय मदन धीमान ने बताया कि पुलिस को बीते कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग खैर की लकड़ी का अवैध कटान और तस्करी कर रहे हैं। इसी के चलते क्षेत्र में विशेष गश्त अभियान चलाया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लकड़ी किस स्थान से काटी गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। डीएसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध कटान और तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कहा कि जंगलों की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। यदि किसी को क्षेत्र में अवैध कटान या लकड़ी की ढुलाई की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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कलोल के जंगल से काटे गए थे खैर के पेड़, तीन लाख रुपये बताई जा रही कीमत
पुलिस और वन विभाग की टीम ने बोटघाट पर दी दबिश
डीएसपी बोले, अवैध कटान व तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पुलिस थाना कोट कहलूर और वन वन विभाग की टीम ने चलैला बोटघाट लिंक रोड पर अवैध रूप से खैर की लकड़ी से भरी पिकअप गाड़ी पकड़ी है। गाड़ी में लकड़ी के 33 मोछे बरामद किए गए। मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। बाजार में इस लकड़ी की कीमत करीब तीन लाख बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कलोल जंगल की ओर से बोट के माध्यम से कुछ लोग अवैध रूप से खैर की लकड़ी ला रहे हैं, जिस पर पुलिस ने उस क्षेत्र में गश्त शुरू की। इस दौरान चलैला बोटघाट लिंक रोड पर एक पिकअप गाड़ी को संदिग्ध अवस्था में पाया गया। पुलिस ने जब इस गाड़ी की जांच की तो गाड़ी में 33 खैर के मोछे पाए गए। मौके पर वन विभाग की टीम भी मौजूद रही। पुलिस ने पकड़ी गई लकड़ी को वन विभाग के हवाले किया। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान प्रदीप कोसिरयां झंडूता, राजीव कुमार निवासी गांव धंगू बोंगेड झंडूता और विजय कुमार निवासी गांव भूतलार तहसील बड़सर के रूप में हुई है। आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने लकड़ी कलोल क्षेत्र के जंगल से काटी है। इसके बाद वह बोट के माध्यम से इसे लाए और चलैला बोटघाट पर पिकअप में डाला। वहीं पर पुलिस और वन विभाग ने इन्हें पकड़ लिया। बाजार में इस लकड़ी की कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई जा रही है।
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उधर, डीएसपी मुख्यालय मदन धीमान ने बताया कि पुलिस को बीते कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग खैर की लकड़ी का अवैध कटान और तस्करी कर रहे हैं। इसी के चलते क्षेत्र में विशेष गश्त अभियान चलाया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लकड़ी किस स्थान से काटी गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। डीएसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध कटान और तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कहा कि जंगलों की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। यदि किसी को क्षेत्र में अवैध कटान या लकड़ी की ढुलाई की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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