{"_id":"5c2ce87cbdec2256a32f0455","slug":"31546446972-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडलायुक्त ने दिए रंगीन मैप मुहैया करवाने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडलायुक्त ने दिए रंगीन मैप मुहैया करवाने के आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। किरतपुर-मनाली फोरलेन निर्माण के दौरान भूमि अधिग्रहण के लिए तैयार किए गए रंगीन मैप फोरलेन विस्थापितों और प्रभावितों को मुहैया करवाने होंगे। इस संबंध में मंडलायुक्त मंडी विकास लाबरू ने भू अर्जन अधिकारी को आदेश दिए हैं कि रंगीन मैप प्रार्थी को जल्द से जल्द मुहैया करवाएं। इस पूरी कार्रवाई से मंडलायुक्त कार्यालय को भी अवगत करवाएं। अगर मैप नहीं दे पाए तो क्यों नहीं दिए, इसकी भी पूरी जानकारी मंडलायुक्त कार्यालय मंडी को मुहैया करवाई जाए।
उल्लेखनीय है कि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति इस मैप की मांग पांच सालों से कर रही है। ताकि यह साफ हो सके कि विस्थापितों और प्रभावितों की कितनी जमीन सड़क की लंबाई और चौड़ाई में आई है। जिसके बाद शेष बची जमीन का पता लग सके। लेकिन समिति की बार बार मांग के बाद भी जिला प्रशासन के हर कार्यालय के कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल पाया और न ही कोई मैप मुहैया करवाया गया। जिस कारण कंपनी अपनी मनमानी कर विस्थापितों और प्रभावितों को नुकसान पहुंचाती रही। लेकिन अब इस संबंध में मंडलायुक्त मंडी ने कड़े आदेश जारी कर तय समय में उक्त रंगीन मैप प्रार्थी को मुहैया करवाने के आदेश दिए हैं। यही मैप मुहैया करवाने के बाद मंडलायुक्त को भी इसकी सूचना देनी होगी। अगर मैप नहीं दिए जा सके तो इसका ठोस कारण भू अर्जन अधिकारी बिलासपुर को बताना होगा।
फोरलेन विस्थापित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने बताया कि कंपनी नियमों को ताक पर रख कर कार्य कर रही है। जिस कारण लोगों को आज तक उनकी शेष बची भूमि का पता नहीं लग पाया। शेष जमीन का पता करने के लिए रंगीन मैप का होना जरूरी है। जिसके लिए मंडलायुक्त से प्रार्थना की गई थी। जहां से इस संबंध में भू अर्जन अधिकारी को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति इस मैप की मांग पांच सालों से कर रही है। ताकि यह साफ हो सके कि विस्थापितों और प्रभावितों की कितनी जमीन सड़क की लंबाई और चौड़ाई में आई है। जिसके बाद शेष बची जमीन का पता लग सके। लेकिन समिति की बार बार मांग के बाद भी जिला प्रशासन के हर कार्यालय के कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल पाया और न ही कोई मैप मुहैया करवाया गया। जिस कारण कंपनी अपनी मनमानी कर विस्थापितों और प्रभावितों को नुकसान पहुंचाती रही। लेकिन अब इस संबंध में मंडलायुक्त मंडी ने कड़े आदेश जारी कर तय समय में उक्त रंगीन मैप प्रार्थी को मुहैया करवाने के आदेश दिए हैं। यही मैप मुहैया करवाने के बाद मंडलायुक्त को भी इसकी सूचना देनी होगी। अगर मैप नहीं दिए जा सके तो इसका ठोस कारण भू अर्जन अधिकारी बिलासपुर को बताना होगा।
विज्ञापन
फोरलेन विस्थापित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने बताया कि कंपनी नियमों को ताक पर रख कर कार्य कर रही है। जिस कारण लोगों को आज तक उनकी शेष बची भूमि का पता नहीं लग पाया। शेष जमीन का पता करने के लिए रंगीन मैप का होना जरूरी है। जिसके लिए मंडलायुक्त से प्रार्थना की गई थी। जहां से इस संबंध में भू अर्जन अधिकारी को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन