फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   प्लास्टिक की बोतलें और कैन कूड़ा उठाने वाले वाहन को दें : डीसी

प्लास्टिक की बोतलें और कैन कूड़ा उठाने वाले वाहन को दें : डीसी

Sat, 07 Jul 2018 11:09 PM IST
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:09 PM IST
विज्ञापन
प्लास्टिक की बोतलें और कैन कूड़ा उठाने वाले वाहन को दें : डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बिलासपुर। उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने समाज में बढ़ रही प्लास्टिक की ज्वलंत समस्या से निपटने के लिए एक नई पहल को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया गया है। इसके तहत जिला बिलासपुर में फैले प्लास्टिक कचरे का सदुपयोग करते हुए एक विशालकाय पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती हुई प्रेरणाप्रद आकृति का निर्माण कार्य आरंभ किया गया है जिसके लिए उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी सजगता व कर्तव्यनिष्ठा दर्शाते हुए अपने आसपास फैले प्लास्टिक बोतल और कैन को इकट्ठा करके नगर परिषद कार्यालय तथा कूड़ा उठाने वाले वाहन को दें ताकि उसका सदुपयोग किया जा सके।
उन्होंने जिला के नागरिकों, होटल, ढाबा मालिकों, शैक्षणिक संस्थानों व स्वयं सेवी संस्थाओं से आह्वान किया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए और शहर की सुंदरता को बनाए रखने के लिए इस पुनीत कार्य में अपना बढ़-चढ़ कर सहयोग दें।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि प्लास्टिक का कचरा इंसान व जानवर दोनों के लिए गंभीर चुनौती तो है ही परंतु पर्यावरण के लिए भी किसी अभिशाप से कम नहीं। इसलिए इस गंभीर समस्या के निदान के लिए एक भव्य विशालकाय आकृति का निर्माण किया जा रहा है जिसमें प्रदेश के सुविख्यात मूर्तिकार विजय राज की सेवाएं ली जा रही हैं। इस आकृति के निर्माण के लिए प्राचार्य आईटीआई अजेश शर्मा के मार्ग दर्शन में जिला में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर के प्रशिक्षु भी सहयोग दे रहें हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि प्लास्टिक का कचरा जहर से कम नहीं है और प्लास्टिक के कचरे की समस्या से आज कोई गांव, शहर अछूते नहीं है। वर्तमान में जगह-जगह प्लास्टिक की बोतलें और कैन बिखरे पड़े रहते हैं। इसलिए आने वाले समय में बढ़ते हुए इस खतरे को किसी भी कीमत पर दर-किनार नहीं किया जा सकता। प्लास्टिक के कचरे को इधर-उधर फेंकने से बरसात के मौसम में कचरा बहकर गोबिंद सागर झील में जा रहा है जिस वजह से झील के पानी में जहर फैल रहा है और पर्यावरण दूषित हो रहा है। साथ ही मछलियां भी मर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed