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ऋण न चुकाने पर 450 किसानों की संपति होगी नीलाम

Sun, 25 Jun 2017 11:44 PM IST
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:44 PM IST
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ऋण न चुकाने पर 450 किसानों की संपति होगी नीलाम
अमर उजाला ब्यूरो
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बिलासपुर।
जिला के 450 से अधिक किसानों को समय पर ऋण न चुकाने पर विभिन्न बैंकों ने नोटिस जारी किए हैं। इससे किसानों में हड़कंप मच गया है। इनमें से 50 किसानों की जमीन पहले ही बैंक ने अटैच कर ली है। हालांकि अभी तक इनकी जमीनों की नीलामी नहीं हो पाई है। मगर किसानों ने बैंक में समय रहते पैसा जमा नहीं करवाया तो उनके हाथों से जमीन भी चली जाएगी। इससे उनमें भय का माहौल बना हुआ है। किसानों को बैंकों की करीब 18 से 20 करोड़ की राशि अदा करनी है। किसानों ने कुछ समय पूर्व फूलों की खेती करने के लिए ग्रीन हाउस बनाने के लिए यह ऋण बैंकों से लिए थे। ग्रीन हाउसों के सुचारु रूप से न चलने के कारण वह लोन चुकाने में नाकामयाब रहे। ऐसे में बैंकों में देनदारी लगातार बढ़ती रही। हालांकि प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए राहत कोष पैकेज भी तैयार किया जा रहा है। इसके लिए सचिव उद्यान एवं बागवानी विभाग ने योजना बनाई है।
उल्लेखनीय है कि 2004 में यूपीए सरकार ने राष्ट्रीय उद्यान तकनीकी मिशन के तहत किसानों को ग्रीन हाउस लगाने के लिए योजना शुरू की थी। इसके तहत किसानों को 33 फीसदी सब्सिडी दी जानी थी। ऐसे में जिला के 450 किसानों ने योजना के तहत अपनी जमीनों पर ग्रीन हाउस लगाए थे। कुछ समय तक तो सबकुछ ठीक चलता रहा। मगर कुछ समय बाद किसानों को आमदनी होना बंद हो गई। इससे किसानों का कर्जा बढ़ता चला गया। इसके बाद 2007 में भाजपा सरकार ने पंडित दीनदयाल किसान बागवानी समृद्धि योजना शुरू की। इसमें किसानों को ग्रीन हाउस लगाने के लिए 80 फीसदी अनुदान दिया गया। इससे यूपीए सरकार के समय में ग्रीन हाउस लगाए किसान बैकफुट पर चले गए। तबसे किसान सरकार से उन्हें भी इसी अनुदान राशि के दायरे में लाने की मांग करते रहे हैं। मगर ऐसा नहीं हुआ। हालत यह हो गई कि बैंकों की ओर से किसानों को कई बार नोटिस जारी हो चुके हैं। मगर आर्थिक रूप से तंगहाल होने के कारण वह ऋण चुकाने में असमर्थ रहे।
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ऋण न चुकाने पर किसान ने कर लिया था आत्मदाह
इसी बीच बैरी के कुशल चंदेल किसान ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आत्मदाह कर लिया था। इसके बाद किसानों ने प्रदेश भर में प्रदर्शन भी किए। मगर इन 450 किसानों के लिए सरकार ने कोई पॉलिसी नहीं बनाई। किसानों का कहना है कि उनके साथ दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं।
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फूलों की खेती के लिए पर्याप्त नहीं बिलासपुर
विशेषज्ञों की मानें तो बिलासपुर जिला फूलों की खेती के लिए उपयुक्त नहीं है। नौणी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पहले ही इस बारे में संबंधित विभाग को अवगत भी करवा दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि 20 डिग्री से ऊपर का इलाका इन फूलों की खेती केे लिए उपयुक्त नहीं हैं। मगर इसके बाद भी संबंधित विभाग ने बिना सोचे समझे किसानों के ग्रीन हाउस लगाने के लिए झांसे में लिया। किसानों को भी इसकी बेहतर जानकारी न होने पर फसल के भी उचित दाम नहीं मिल पाए। इस कारण सैकड़ों किसानों ऋण के कुचक्र में फंस गए। जिला में दांवी घाटी के ज्यादातर किसान इस संकट से जूझ रहे हैं। ग्रीन ग्रोवर एसोसिएशन के प्रधान बलदेव ठाकुर का कहना है कि 50 किसानों की संपत्तियां अटैच की जा चुकी है, जबकि 30 को अंतिम नोटिस जारी किया गया है, जबकि कुछ को दूसरे और पहले नोटिस पहुंच चुके हैं। उनका कहना है कि बैंकों की सांठ-गांठ से पांच लाख का लोन 15 लाख के पास पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि बैंकों ने पैसा न मिलने की सूरत में कोर्ट में किसानों के खिलाफ केस किया है। अब इस संबंध में तहसीलदार ने भी नोटिस जारी कर दिया है। इसमें साफ कहा गया है कि पैसा नहीं जमा हुआ तो संपत्ति अटैच कर दी जाएगी। इससे किसान बुरी तरह से सहमे हुए है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस संबंध में उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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