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Bilaspur News: जिले में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस की 2300 डोज पहुंची

Sat, 28 Feb 2026 11:49 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sat, 28 Feb 2026 11:49 PM IST
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2300 doses of Human Papilloma Virus arrived in the district
अभियान शुरू होने की तारीख का जल्द होगा फैसला
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14 से 15 आयु वर्ग के बीच की किशोरियों को लगेगी वैक्सीन
भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने के लिए है विशेष अभियान

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस( एचपीवी) वैक्सीन की 2300 डोज प्राप्त हो चुकी हैं। हालांकि, टीकाकरण अभियान कब से शुरू होगा, इसकी आधिकारिक तिथि अभी तय नहीं हुई है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की वीडियो कॉन्फ्रेंस में अभियान की रूपरेखा, लक्षित आयु वर्ग और स्कूल-स्तरीय माइक्रो प्लानिंग पर विशेष चर्चा की गई।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार युवतियों में सर्वाइकल कैंसर के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। भारत सरकार ने 2024 के केंद्रीय बजट में सर्वाइकल वैक्सीनेशन कार्यक्रम को देशभर में शुरू करने की घोषणा की थी। इसी कड़ी में हिमाचल सरकार ने भी इस वर्ष अप्रैल से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की स्कूल जाने वाली, स्कूल से बाहर की सभी लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन देने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम किया जा सके। बता दें कि सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) में होने वाला कैंसर है। यह एचपीवी संक्रमण के कारण होता है। शुरुआत में यह योनि के ऊपरी हिस्से (सर्विक्स) से शुरू होकर समय रहते इलाज न होने पर मूत्राशय, मलाशय और गंभीर अवस्था में शरीर के अन्य अंगों तक फैल सकता है। भारत में हर साल लगभग 1.25 लाख महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के नए मामले सामने आते हैं, जबकि 75 हजार से अधिक महिलाओं की मौत इस बीमारी से हो जाती है। वैश्विक स्तर पर होने वाली सर्वाइकल कैंसर से मौतों का लगभग एक चौथाई हिस्सा भारत में दर्ज किया जाता है। यह कैंसर सबसे अधिक 35 से 44 आयु वर्ग की महिलाओं में पाया जाता है, लेकिन संक्रमण की शुरुआत किशोरावस्था में हो सकती है इसीलिए कम उम्र में टीकाकरण को प्रभावी माना जाता है।
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जिले में 2300 डोज पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ब्लॉक स्तर पर संभावित लाभार्थियों का आंकलन शुरू कर दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर छात्राओं की सूची तैयार की जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में कोल्ड-चेन व्यवस्था, वैक्सीनेटर की तैनाती, अभिभावक सहमति पत्र और जागरूकता गतिविधियों पर चर्चा हुई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि जिले को एचपीवी वैक्सीन की 2300 डोज प्राप्त हो चुकी हैं। अभियान की तिथि राज्य स्तर से निर्देश मिलते ही घोषित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग पूरी तरह तैयार है और 14-15 वर्ष की सभी पात्र बालिकाओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। अभिभावकों से अपील की कि वे टीकाकरण को लेकर किसी भी भ्रांति में न आएं। एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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इनसेट
क्यों जरूरी है एचपीवी वैक्सीन एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। किशोरावस्था में टीकाकरण से भविष्य में कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है। वैक्सीन राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा अनुमोदित और सुरक्षित मानी गई है। टीकाकरण के साथ समय पर स्क्रीनिंग (जैसे पैप स्मीयर) भी जरूरी है।

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जागरूकता ही बचाव
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि टीकाकरण के साथ जन जागरूकता बेहद जरूरी है। कई बार जानकारी के अभाव में परिवार टीका लगवाने में हिचकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर प्रारंभिक अवस्था में पकड़ा जाए तो पूरी तरह ठीक हो सकता है। इसलिए टीकाकरण, नियमित जांच और स्वच्छता तीनों पर समान ध्यान देना चाहिए।
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