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किस आधार पर गिराए मकान तहसीलदार को बताना होगा
Updated Thu, 27 Sep 2018 09:32 PM IST
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बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के नाम पर मार्च महीने किस आधार पर बागठेडू में तीन मकान गिराए गए थे, इस संबंध में दो दिन में तहसीलदार को बताना होगा। वहीं तहसीलदार को यह भी बताना होगा की पीड़ित परिवार द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर गौर क्यों नहीं किया गया और प्रार्थना पत्र सरकारी कार्यालय से कहां गायब हुआ है। उक्त आदेश एसडीएम घुमारवीं शशिपाल शर्मा ने एक अपील की सुनवाई के दौरान दिए। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए राजस्व विभाग ने मदल लाल शर्मा, निर्मला देवी और रामपाल के मकानों को गिरा दिया था। हालांकि कार्रवाई से पूर्व उक्त लोगों ने तथ्यों सहित एक प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें कहा गया था कि उनके घर फोरलेन अलाइनमेंट प्लान, भूमि अधिग्रहण प्लान, निशानदेही, आईआरसी की गाइड लाइन में नहीं आते हैं। इस लिए किसी भी कार्रवाई से पूर्व निशानदेही कर यह तय कर लिया जाए कि उनके मकान वास्तव में फोरलेन निर्माण में आते हैं या नहीं। क्योंकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में नियम अनुसार कार्रवाई के आदेश दिए थे। जिसके तहत पहले निशानदेही जरूरी थी।
प्रार्थी के अनुसार उनके प्रार्थना पत्र के बाद भी उनकी एक बात नहीं सुनी गई। जिसके बाद जबरन कार्रवाई करते हुए तीन परिवारों को बेघर कर दिया गया। प्रार्थी के प्रार्थना पत्र ही सरकारी कार्यालय से गायब कर दिए हैं। प्रार्थी का कहना है कि यह पूरा कार्य एक षड्यंत्र के तहत किया गया है। वहीं अब एसडीएम ने मामले की सुनवाई करते हुए तहसीलदार घुमारवीं को दो दिन में मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट करने के आदेश जारी किए हैं।
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प्रार्थी के अनुसार उनके प्रार्थना पत्र के बाद भी उनकी एक बात नहीं सुनी गई। जिसके बाद जबरन कार्रवाई करते हुए तीन परिवारों को बेघर कर दिया गया। प्रार्थी के प्रार्थना पत्र ही सरकारी कार्यालय से गायब कर दिए हैं। प्रार्थी का कहना है कि यह पूरा कार्य एक षड्यंत्र के तहत किया गया है। वहीं अब एसडीएम ने मामले की सुनवाई करते हुए तहसीलदार घुमारवीं को दो दिन में मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट करने के आदेश जारी किए हैं।
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