{"_id":"5a7887a14f1c1ba4268b89e2","slug":"21517848481-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल स्टोरेज टैंक का विधायक और आईपीएच ने किया निरीक्षण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल स्टोरेज टैंक का विधायक और आईपीएच ने किया निरीक्षण
Updated Mon, 05 Feb 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। कंदरौर धार पर बने पेयजल स्टोरेज टैंक में मरे हुए चूहे और पक्षी मिलने की खबर सामने आने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया। सोमवार सुबह आईपीएच विभाग की टीम और सदर के विधायक सुभाष ठाकुर मौके पर पहुंचे।
हालांकि जांच में पाया गया कि उक्त टैंक रोहीन योजना के लिए बनाया गया है। इसकी अभी टेस्टिंग का कार्य चल रहा है। हालांकि मौके पर तीन परिवार ऐसे थे, जिन्होंने बताया कि उन्हें पानी की सप्लाई नहीं है। ऐसे में उक्त लोग इसी टैंक के पानी का प्रयोग कर रहे हैं।
विधायक ने मौके पर पहुंचकर टैंक का निरीक्षण किया। आईपीएच के एक्सईएन को उक्त तीन परिवारों को पानी की आपूर्ति करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि रविवार को कंदरौर धार पर पानी के एक स्टोरेज टैंक से मरे हुए चूहे और पक्षी मिले थे। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पूरा सरकारी अमला सोमवार को कंदरौर धार पर स्थित पेयजल भंडारण टैंक के निरीक्षण के लिए पहुंचा। एक्सईएन का कहना था कि इस टैंक से अभी तक किसी को पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। यह टैंक रोहीन योजना के लिए बनाया गया है। इसका अभी टेस्टिंग का कार्य चला हुआ है।
विज्ञापन
यह योजना कांग्रेस से विरासत में मिली है। लेकिन मौके पर पहुंचकर देखा गया कि इस टैंक से किसी को पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। कुछ लोगों ने राजनीतिक द्वेष के चलते उक्त अफवाह फैलाई है। उन्होंने कहा कि कंदरौर धार पर स्थित जिन तीन परिवारों को पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है उन्हें विभाग जल्द पानी मुहैया करवाएगा।
आईपीएच विभाग के एक्सईएन राकेश पराशर का कहना है कि इस टैंक के क्षेत्र में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। करीब दो महीने पूर्व योजना की टेस्टिंग का कार्य किया गया था। इस कारण टैंक में पानी आया था। लेकिन अभी तक टैंक में न पानी है और न ही यहां से किसी को पानी की आपूर्ति की जा रही है।
विज्ञापन
हालांकि जांच में पाया गया कि उक्त टैंक रोहीन योजना के लिए बनाया गया है। इसकी अभी टेस्टिंग का कार्य चल रहा है। हालांकि मौके पर तीन परिवार ऐसे थे, जिन्होंने बताया कि उन्हें पानी की सप्लाई नहीं है। ऐसे में उक्त लोग इसी टैंक के पानी का प्रयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विधायक ने मौके पर पहुंचकर टैंक का निरीक्षण किया। आईपीएच के एक्सईएन को उक्त तीन परिवारों को पानी की आपूर्ति करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि रविवार को कंदरौर धार पर पानी के एक स्टोरेज टैंक से मरे हुए चूहे और पक्षी मिले थे। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पूरा सरकारी अमला सोमवार को कंदरौर धार पर स्थित पेयजल भंडारण टैंक के निरीक्षण के लिए पहुंचा। एक्सईएन का कहना था कि इस टैंक से अभी तक किसी को पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। यह टैंक रोहीन योजना के लिए बनाया गया है। इसका अभी टेस्टिंग का कार्य चला हुआ है।
विज्ञापन
यह योजना कांग्रेस से विरासत में मिली है। लेकिन मौके पर पहुंचकर देखा गया कि इस टैंक से किसी को पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। कुछ लोगों ने राजनीतिक द्वेष के चलते उक्त अफवाह फैलाई है। उन्होंने कहा कि कंदरौर धार पर स्थित जिन तीन परिवारों को पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है उन्हें विभाग जल्द पानी मुहैया करवाएगा।
आईपीएच विभाग के एक्सईएन राकेश पराशर का कहना है कि इस टैंक के क्षेत्र में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। करीब दो महीने पूर्व योजना की टेस्टिंग का कार्य किया गया था। इस कारण टैंक में पानी आया था। लेकिन अभी तक टैंक में न पानी है और न ही यहां से किसी को पानी की आपूर्ति की जा रही है।