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बीबीएमबी की टीम ने किया डंपिंग साइटों का निरीक्षण
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:06 AM IST
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बिलासपुर। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की टीम एक बार फिर कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण की डंपिंग साइटों का निरीक्षण करने बिलासपुर पहुंची। टीम ने सतलुज नदी किनारे बसे मैहला गांव से लेकर डैहर तक के क्षेत्र का दौरा किया।
गोबिंद सागर झील में फोरलेन सड़क निर्माण कार्य से निकले मलबे को डंप किए जाने के मामलों को जांचा। बीबीएमबी के अधिशासी अभियंता आरके खन्ना की अगुवाई में आई चार सदस्यीय टीम में अधिशासी अभियंता मलकीयत सिंह, एसडीओ सुरेंद्र मोहन, पटवारी मोहन लाल शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल व उपप्रधान राकेश कुमार व चिंता देवी, समिति सदस्य बलदेव और सूरज भी मौजूद रहे। मदन लाल ने बताया कि निरीक्षण करने आई टीम ने अपनी रिपोर्ट के बारे में तो नहीं बताया, लेकिन उन्होंने इतना जरूर माना कि फोरलेन निर्माण कार्य का मलबा व मिट्टी गलत तरीके से सतलुज नदी में मिल रहा है। जो चिंता का विषय है। मदनलाल ने बताया कि टीम के निरीक्षण की उन्होंने वीडियो भी बनाई है। यदि टीम ने सही रिपोर्ट नहीं दी तो इस वीडियो को राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल को सौंप दिया जाएगा।
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गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ में बीबीएमबी के चेयरमैन से मुलाकात कर उन्हें लिखित शिकायत सौंपी थी। इसमें समिति ने बताया कि फोरलेन निर्माण कार्य के मलबे को गलत तरीके से सतलुज नदी में फेंका जा रहा है। इसी शिकायत पर टीम ने यह निरीक्षण किया है। इससे पूर्व समिति की शिकायत पर राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल के बाद हिमाचल प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की टीम भी इन साइटों का निरीक्षण कर चुकी है। इसकी रिपोर्ट अभी राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष रखी जानी है।
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गोबिंद सागर झील में फोरलेन सड़क निर्माण कार्य से निकले मलबे को डंप किए जाने के मामलों को जांचा। बीबीएमबी के अधिशासी अभियंता आरके खन्ना की अगुवाई में आई चार सदस्यीय टीम में अधिशासी अभियंता मलकीयत सिंह, एसडीओ सुरेंद्र मोहन, पटवारी मोहन लाल शामिल रहे।
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निरीक्षण के दौरान फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल व उपप्रधान राकेश कुमार व चिंता देवी, समिति सदस्य बलदेव और सूरज भी मौजूद रहे। मदन लाल ने बताया कि निरीक्षण करने आई टीम ने अपनी रिपोर्ट के बारे में तो नहीं बताया, लेकिन उन्होंने इतना जरूर माना कि फोरलेन निर्माण कार्य का मलबा व मिट्टी गलत तरीके से सतलुज नदी में मिल रहा है। जो चिंता का विषय है। मदनलाल ने बताया कि टीम के निरीक्षण की उन्होंने वीडियो भी बनाई है। यदि टीम ने सही रिपोर्ट नहीं दी तो इस वीडियो को राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल को सौंप दिया जाएगा।
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गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ में बीबीएमबी के चेयरमैन से मुलाकात कर उन्हें लिखित शिकायत सौंपी थी। इसमें समिति ने बताया कि फोरलेन निर्माण कार्य के मलबे को गलत तरीके से सतलुज नदी में फेंका जा रहा है। इसी शिकायत पर टीम ने यह निरीक्षण किया है। इससे पूर्व समिति की शिकायत पर राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल के बाद हिमाचल प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की टीम भी इन साइटों का निरीक्षण कर चुकी है। इसकी रिपोर्ट अभी राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष रखी जानी है।