{"_id":"5cb4b424bdec2213f10df37b","slug":"201555346468-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कपाहड़ा के तीन गांव में पानी के लिए मचा हाहाकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कपाहड़ा के तीन गांव में पानी के लिए मचा हाहाकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरठीं (बिलासपुर)।
बरठीं की कपाहड़ा पंचायत के तीन गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा है। लोगों के मुताबिक पिछले दो सप्ताह से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस वजह से लोगों को मजबूरी में नाले का पानी पीना पड़ रहा है। लोगों ने इसके लिए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को जिम्मेदार माना है। ग्राम पंचायत कपाहड़ा के तीन गांव धीणवां, धबेटी, हीरानगर और धबीरी में पिछले दो सप्ताह से पेयजल किल्लत चल रही है। इस बारे में संबंधित विभाग को शिकायत भी की गई। मगर उसके बाद भी समस्या को कोई हल नहीं निकल पाया।
चरण सिंह, राजेश कुमार, सुरेश कुमार, कमलेश कुमारी, जमुना देवी, पूजा, निशा, रंजना देवी, ऊषा, रोशनी, कांता, राम प्यारी, सुलोचना, पूनम, रंजना कुमारी, रजनी, कर्मी देवी, रत्नी, रीता देवी, सीमा देवी, प्रेमी देवी, सवित्री और ब्रम्ही देवी समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि उनके गांव के साथ विभाग सौतेला व्यवहार कर रहा है। उनके नल मात्र शोपीस बनकर रह गए हैं। कई बार विभागीय अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करवाया गया लेकिन आज दिन तक पेयजल का स्थायी हल नहीं निकाला गया।
ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय कर्मचारी उनके गांव में आते ही नहीं है जबकि उनके पीछे के गांवों में वह खड़े होकर टुल्लू पंप लगवाकर लोगों को पानी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों को कई बार अपना पानी का टैंकर मंगवाना पड़ता है, तब पेयजल की आपूर्ति करनी पड़ती है। जबकि अधिकांश वह धीणवां खड्ड के गंदे पानी का सेवन करते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग ने चंजयारा और धीणवां में टैंक भी बनाए हैं, लेकिन काफी समय से उनका प्रयोग नहीं किया गया है। अगर विभाग उन टैंकों को क्रियान्वित करता है तो उनकी पेयजल समस्या का हल हो सकता है। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की कि उक्त गांव में पेयजल की सुध ली जाए ताकि ग्रामीणों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
बरठीं की कपाहड़ा पंचायत के तीन गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा है। लोगों के मुताबिक पिछले दो सप्ताह से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस वजह से लोगों को मजबूरी में नाले का पानी पीना पड़ रहा है। लोगों ने इसके लिए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को जिम्मेदार माना है। ग्राम पंचायत कपाहड़ा के तीन गांव धीणवां, धबेटी, हीरानगर और धबीरी में पिछले दो सप्ताह से पेयजल किल्लत चल रही है। इस बारे में संबंधित विभाग को शिकायत भी की गई। मगर उसके बाद भी समस्या को कोई हल नहीं निकल पाया।
चरण सिंह, राजेश कुमार, सुरेश कुमार, कमलेश कुमारी, जमुना देवी, पूजा, निशा, रंजना देवी, ऊषा, रोशनी, कांता, राम प्यारी, सुलोचना, पूनम, रंजना कुमारी, रजनी, कर्मी देवी, रत्नी, रीता देवी, सीमा देवी, प्रेमी देवी, सवित्री और ब्रम्ही देवी समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि उनके गांव के साथ विभाग सौतेला व्यवहार कर रहा है। उनके नल मात्र शोपीस बनकर रह गए हैं। कई बार विभागीय अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करवाया गया लेकिन आज दिन तक पेयजल का स्थायी हल नहीं निकाला गया।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय कर्मचारी उनके गांव में आते ही नहीं है जबकि उनके पीछे के गांवों में वह खड़े होकर टुल्लू पंप लगवाकर लोगों को पानी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों को कई बार अपना पानी का टैंकर मंगवाना पड़ता है, तब पेयजल की आपूर्ति करनी पड़ती है। जबकि अधिकांश वह धीणवां खड्ड के गंदे पानी का सेवन करते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग ने चंजयारा और धीणवां में टैंक भी बनाए हैं, लेकिन काफी समय से उनका प्रयोग नहीं किया गया है। अगर विभाग उन टैंकों को क्रियान्वित करता है तो उनकी पेयजल समस्या का हल हो सकता है। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की कि उक्त गांव में पेयजल की सुध ली जाए ताकि ग्रामीणों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन