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छह दिन में लगी करीब दस करोड़ की चपत
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:42 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा(बिलासपुर)। ट्रांसपोर्टरों की देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते जिला बिलासपुर में ऑपरेटरों और कंपनियों को करीब दस करोड़ के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान बरमाणा व बागा सीमेंट फैक्ट्री को हड़ताल के चलते माल ढुलाई बंद होने से उठाना पड़ रहा है। 6 दिनों में 1 लाख 20 हजार मीट्रिक टन सीमेंट व क्लिंकर सप्लाई नहीं हो सका। जिला के गोदामों में भी सीमेंट अब धीरे-धीरे समाप्त होने लग पड़ा है जिससे निर्माण कार्यों पर भी असर पड़ सकता है। अगर ऐसा होता है जो आने वाले समय में कामगारों और मजदूरों को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। जिला में वर्तमान में करीब 7000 हजार
ट्रक ऑपरेटर हड़ताल पर हैं।
छह दिन में अगर बिलासपुर जिले की ही बात की जाए तो करोड़ों का नुकसान इस हड़ताल के कारण हो चुका है। बिलासपुर जिले में ट्रांसपोर्टरों की यह अनिश्चितकालीन हड़ताल शांतिपूर्वक ढंग से देखने को मिल रही है। अगर यह हड़ताल और लंबी चली जाएगी तो धीरे-धीरे अन्य कारोबारों पर भी अब प्रभाव पड़ना शुरू हो जाएगा। दूसरी तरफ सीमेंट उद्योग को भी इस हड़ताल के कारण करोड़ों का नुकसान प्रतिदिन उठाना पड़ रहा है और प्रतिदिन लाखों रुपये फैक्ट्री में कार्य करने वाले मजदूरों और अधिकारियों के पड़ रहे हैं।
एशिया की सबसे बड़ी बरमाणा यूनियन बीडीटीएस सभा के प्रधान रमेश ठाकुर ने बताया कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट के पदाधिकारियों की ओर से कोई भी कॉल नहीं आई है कि केंद्र सरकार के साथ इस हड़ताल को लेकर कोई बातचीत हुई है। उन्होंने कहा की प्रदेश के समस्त यूनियन व सोसायटियों के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर इस देशव्यापी अनिश्चितकालीन चक्का जाम हड़ताल में अपना समर्थन दिया है।
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बरमाणा(बिलासपुर)। ट्रांसपोर्टरों की देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते जिला बिलासपुर में ऑपरेटरों और कंपनियों को करीब दस करोड़ के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान बरमाणा व बागा सीमेंट फैक्ट्री को हड़ताल के चलते माल ढुलाई बंद होने से उठाना पड़ रहा है। 6 दिनों में 1 लाख 20 हजार मीट्रिक टन सीमेंट व क्लिंकर सप्लाई नहीं हो सका। जिला के गोदामों में भी सीमेंट अब धीरे-धीरे समाप्त होने लग पड़ा है जिससे निर्माण कार्यों पर भी असर पड़ सकता है। अगर ऐसा होता है जो आने वाले समय में कामगारों और मजदूरों को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। जिला में वर्तमान में करीब 7000 हजार
ट्रक ऑपरेटर हड़ताल पर हैं।
छह दिन में अगर बिलासपुर जिले की ही बात की जाए तो करोड़ों का नुकसान इस हड़ताल के कारण हो चुका है। बिलासपुर जिले में ट्रांसपोर्टरों की यह अनिश्चितकालीन हड़ताल शांतिपूर्वक ढंग से देखने को मिल रही है। अगर यह हड़ताल और लंबी चली जाएगी तो धीरे-धीरे अन्य कारोबारों पर भी अब प्रभाव पड़ना शुरू हो जाएगा। दूसरी तरफ सीमेंट उद्योग को भी इस हड़ताल के कारण करोड़ों का नुकसान प्रतिदिन उठाना पड़ रहा है और प्रतिदिन लाखों रुपये फैक्ट्री में कार्य करने वाले मजदूरों और अधिकारियों के पड़ रहे हैं।
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एशिया की सबसे बड़ी बरमाणा यूनियन बीडीटीएस सभा के प्रधान रमेश ठाकुर ने बताया कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट के पदाधिकारियों की ओर से कोई भी कॉल नहीं आई है कि केंद्र सरकार के साथ इस हड़ताल को लेकर कोई बातचीत हुई है। उन्होंने कहा की प्रदेश के समस्त यूनियन व सोसायटियों के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर इस देशव्यापी अनिश्चितकालीन चक्का जाम हड़ताल में अपना समर्थन दिया है।
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