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डेंगू पर नियंत्रण को उपमंडल स्तर पर गठित होगी टास्क फोर्स
Updated Tue, 24 Jul 2018 11:05 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। डेंगू नियंत्रण को लेकर अब उपमंडल स्तर पर भी टास्क फोर्स काम करेगी, वहीं डेंगू से निपटने के लिए व्हॉटसएप ग्रुप के माध्यम से भी लारवा पनपने के तथ्यों को जुटाया जाएगा। वहीं लारवा पनपने की सूचना मिलते ही उसे नष्ट करने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी। यह बात उपायुक्त विवेक भाटिया ने डेंगू नियंत्रण पर आयोजित विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जिला में 29 जुलाई के उपरांत किसी भी घर, दुकान, कबाड़ियों, होटल, ढाबा, सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थानों तथा आसपास के परिसर में डेंगू का लारवा पाए जाने की स्थिति में संबंधित मालिक को अधिनियम के तहत दंडित करके जुर्माना किया जाएगा। कहा कि मानसून का आगमन हो चुका है इसलिए डेंगू जलजनित रोग व अन्य बीमारियों पर नियंत्रण करने के लिए कारगर पग उठाना अति आवश्यक हो गया है।
कहा कि डेंगू के नियंत्रण के लिए स्वेच्छा से कार्य करने वाले स्वयं सेवियों की सेवाएं ली जाएंगी जो वार्डों के साथ-साथ गली और मोहल्लों में भी स्वच्छता के बारे लोगों को जागरूक करेंगे तथा डेंगू रोग के मच्छरों के पनपने के संभावित स्थलों का निरीक्षण करके नोडल अधिकारी को रिपोर्ट देंगे।
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इसी प्रकार शहर के साथ लगती पंचायतों में भी डेंगू के नियंत्रण के लिए आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, वार्ड सदस्य और स्वयंसेवी एकजुट होकर कार्य करेंगे। उन्होंने समस्त एसडीएम को निर्देश दिए कि वे भी अपने-अपने क्षेत्राधिकार में डेंगू नियंत्रण के लिए खंड स्वास्थ्य अधिकारियों के संयुक्त तत्वावधान में टास्क फोर्स का गठन करें ताकि ग्रामीण स्तर पर भी लोगों को जागरूक किया जा सके।
बताया कि डेंगू रोग की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की विजिलेंस कमेटी समीक्षा करेगी तथा आईपीएच, लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद की संयुक्त स्वच्छता टीम विभिन्न वार्डों की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए कार्य करेगी तथा लोगों को स्वच्छ रहने के लिए प्रेरित करेगी।
सीएमओ डॉ. वीके चौधरी ने बताया कि स्वच्छता, जागरूकता और परहेज ही डेंगू रोग का सबसे बेहतर इलाज है। इस अवसर पर एनसीडीसी दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. एसएस कादरी के अतिरिक्त नगर परिषद पार्षद, शहर के साथ लगती पंचायतों के प्रधान, जिप सदस्य व विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारियों व स्वयं सेवी संस्थाओं के सदस्यों ने भी चर्चा में भाग लिया।
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बिलासपुर। डेंगू नियंत्रण को लेकर अब उपमंडल स्तर पर भी टास्क फोर्स काम करेगी, वहीं डेंगू से निपटने के लिए व्हॉटसएप ग्रुप के माध्यम से भी लारवा पनपने के तथ्यों को जुटाया जाएगा। वहीं लारवा पनपने की सूचना मिलते ही उसे नष्ट करने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी। यह बात उपायुक्त विवेक भाटिया ने डेंगू नियंत्रण पर आयोजित विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जिला में 29 जुलाई के उपरांत किसी भी घर, दुकान, कबाड़ियों, होटल, ढाबा, सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थानों तथा आसपास के परिसर में डेंगू का लारवा पाए जाने की स्थिति में संबंधित मालिक को अधिनियम के तहत दंडित करके जुर्माना किया जाएगा। कहा कि मानसून का आगमन हो चुका है इसलिए डेंगू जलजनित रोग व अन्य बीमारियों पर नियंत्रण करने के लिए कारगर पग उठाना अति आवश्यक हो गया है।
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कहा कि डेंगू के नियंत्रण के लिए स्वेच्छा से कार्य करने वाले स्वयं सेवियों की सेवाएं ली जाएंगी जो वार्डों के साथ-साथ गली और मोहल्लों में भी स्वच्छता के बारे लोगों को जागरूक करेंगे तथा डेंगू रोग के मच्छरों के पनपने के संभावित स्थलों का निरीक्षण करके नोडल अधिकारी को रिपोर्ट देंगे।
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इसी प्रकार शहर के साथ लगती पंचायतों में भी डेंगू के नियंत्रण के लिए आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, वार्ड सदस्य और स्वयंसेवी एकजुट होकर कार्य करेंगे। उन्होंने समस्त एसडीएम को निर्देश दिए कि वे भी अपने-अपने क्षेत्राधिकार में डेंगू नियंत्रण के लिए खंड स्वास्थ्य अधिकारियों के संयुक्त तत्वावधान में टास्क फोर्स का गठन करें ताकि ग्रामीण स्तर पर भी लोगों को जागरूक किया जा सके।
बताया कि डेंगू रोग की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की विजिलेंस कमेटी समीक्षा करेगी तथा आईपीएच, लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद की संयुक्त स्वच्छता टीम विभिन्न वार्डों की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए कार्य करेगी तथा लोगों को स्वच्छ रहने के लिए प्रेरित करेगी।
सीएमओ डॉ. वीके चौधरी ने बताया कि स्वच्छता, जागरूकता और परहेज ही डेंगू रोग का सबसे बेहतर इलाज है। इस अवसर पर एनसीडीसी दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. एसएस कादरी के अतिरिक्त नगर परिषद पार्षद, शहर के साथ लगती पंचायतों के प्रधान, जिप सदस्य व विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारियों व स्वयं सेवी संस्थाओं के सदस्यों ने भी चर्चा में भाग लिया।