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कंदरौर-हमीरपुर नेशनल हाईवे पर सफर करना खतरनाक
Updated Mon, 14 Aug 2017 09:56 PM IST
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नीरज महाजन
भराड़ी (बिलासपुर)।
कंदरौर से लेकर हमीरपुर तक नेशनल हाईवे को चौड़ा करने केे लिए की जा रही बेतरतीब कटिंग की वजह से मार्ग पर सफर जानलेवा हो गया है। हालत यह है कि 50 किलोमीटर के इस मार्ग में जगह-जगह पत्थर और ल्हासे गिर रहे हैं। इस वजह से यहां पर कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इस मार्ग आए दिन कोई न कोई हादसा होता रहता है, जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं। सड़क को चौड़ा करने के लिए की जा रही पहाड़ों की कटिंग से जगह-जगह लैंड स्लाइड हो रहे हैं। जिससे खतरा ओर बढ़ गया है।
सड़क पर हर जगह पड़े गड्ढों में बारिश का पानी भरा रहता है। इससे यह पता नहीं चल पाता कि गड्ढा कितना गहरा है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार होकर घायल हो रहे हैं। कई स्थानों पर बन रही पुलियों के कारण नेशनल हाईवे कई जगहों पर तालाब बन चुका है। कटिंग के कारण कई पेड़ मौत बनकर खड़े हैं जो कभी भी किसी वाहन या पैदल चल रहे व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकते हैं। जगह-जगह कीचड़ के कारण घंटों जाम की स्थिति बन रहती है। कांगड़ा से शिमला को जोड़ने वाला यह नेशनल हाईवे बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। इतना ही नहीं सड़क को चौड़ा करने में जुटे श्रमिकों को कार्य के समय किसी भी प्रकार के कोई भी सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं करवाए गए हैं। पुलों के निर्माण के लिए खुदाई करके निकाली मिट्टी के कारण खड्ढों का पानी रुका पड़ा है जो कि लोगों के खेतों में घुस गया है। सड़क निर्माण के कारण कई गांव की पानी की सप्लाई ठप पड़ी है। सड़क से होकर गुजरी पानी की पाइपें टूट चुकी हैं। नेशनल हाईवे के एसडीओ डीसी शर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम के कारण दिक्कतें आ रही हैं जिस कारण मलवा गिर रहा है। कंपनी के कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी गई हैं कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जगह-जगह जेसीबी तैनात की गई हैं। सड़क पर पड़े कीचड़ को लगातार हटाया जा रहा है। हाईवे पर कंपनी के कर्मचारियों को लगातार कार्य करने के आदेश दिए हैं। लोगों और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए वह स्वयं भी मौजूद हैं। लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में आती है परेशानी
कंदरौर-हमीरपुर नेशनल हाईवे कांगड़ा, हमीरपुर, धर्मशाला और कई अन्य जगहों से बीमार व्यक्तियों को आईजीएमसी शिमला ले जाने का यही एकमात्र मार्ग है। यहां पर आए दिन होने वाले लैंड स्लाइड के कारण के मरीज भी यहां लगने वाले जाम में घंटों फंसे रहते हैं। इससे मरीजों की जिंदगी दांव पर लग जाती है।
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कई मकान भी खतरे की जद में
हाईवे के किनारे बने कई मकान खतरे की जद में हैं। पहाड़ियों में हो रही कटिंग के कारण कई ऐसे मकान हैं जो कभी भी गिर सकते हैं। बरसात के कारण लगातार मलबा गिर रहा है। ऐसे में लोगों को अपने मकानों और परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
उखड़ी टारिंग पैदल चलना भी मुश्किल
हाईवे के निर्माण कार्य के दौरान करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मगर कई जगहों पर मौसम की पहली बरसात में ही टारिंग उखड़ गई है। इस वजह से लोगों को आवाजाही में भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
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भराड़ी (बिलासपुर)।
कंदरौर से लेकर हमीरपुर तक नेशनल हाईवे को चौड़ा करने केे लिए की जा रही बेतरतीब कटिंग की वजह से मार्ग पर सफर जानलेवा हो गया है। हालत यह है कि 50 किलोमीटर के इस मार्ग में जगह-जगह पत्थर और ल्हासे गिर रहे हैं। इस वजह से यहां पर कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इस मार्ग आए दिन कोई न कोई हादसा होता रहता है, जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं। सड़क को चौड़ा करने के लिए की जा रही पहाड़ों की कटिंग से जगह-जगह लैंड स्लाइड हो रहे हैं। जिससे खतरा ओर बढ़ गया है।
सड़क पर हर जगह पड़े गड्ढों में बारिश का पानी भरा रहता है। इससे यह पता नहीं चल पाता कि गड्ढा कितना गहरा है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार होकर घायल हो रहे हैं। कई स्थानों पर बन रही पुलियों के कारण नेशनल हाईवे कई जगहों पर तालाब बन चुका है। कटिंग के कारण कई पेड़ मौत बनकर खड़े हैं जो कभी भी किसी वाहन या पैदल चल रहे व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकते हैं। जगह-जगह कीचड़ के कारण घंटों जाम की स्थिति बन रहती है। कांगड़ा से शिमला को जोड़ने वाला यह नेशनल हाईवे बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। इतना ही नहीं सड़क को चौड़ा करने में जुटे श्रमिकों को कार्य के समय किसी भी प्रकार के कोई भी सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं करवाए गए हैं। पुलों के निर्माण के लिए खुदाई करके निकाली मिट्टी के कारण खड्ढों का पानी रुका पड़ा है जो कि लोगों के खेतों में घुस गया है। सड़क निर्माण के कारण कई गांव की पानी की सप्लाई ठप पड़ी है। सड़क से होकर गुजरी पानी की पाइपें टूट चुकी हैं। नेशनल हाईवे के एसडीओ डीसी शर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम के कारण दिक्कतें आ रही हैं जिस कारण मलवा गिर रहा है। कंपनी के कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी गई हैं कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जगह-जगह जेसीबी तैनात की गई हैं। सड़क पर पड़े कीचड़ को लगातार हटाया जा रहा है। हाईवे पर कंपनी के कर्मचारियों को लगातार कार्य करने के आदेश दिए हैं। लोगों और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए वह स्वयं भी मौजूद हैं। लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में आती है परेशानी
कंदरौर-हमीरपुर नेशनल हाईवे कांगड़ा, हमीरपुर, धर्मशाला और कई अन्य जगहों से बीमार व्यक्तियों को आईजीएमसी शिमला ले जाने का यही एकमात्र मार्ग है। यहां पर आए दिन होने वाले लैंड स्लाइड के कारण के मरीज भी यहां लगने वाले जाम में घंटों फंसे रहते हैं। इससे मरीजों की जिंदगी दांव पर लग जाती है।
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कई मकान भी खतरे की जद में
हाईवे के किनारे बने कई मकान खतरे की जद में हैं। पहाड़ियों में हो रही कटिंग के कारण कई ऐसे मकान हैं जो कभी भी गिर सकते हैं। बरसात के कारण लगातार मलबा गिर रहा है। ऐसे में लोगों को अपने मकानों और परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
उखड़ी टारिंग पैदल चलना भी मुश्किल
हाईवे के निर्माण कार्य के दौरान करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मगर कई जगहों पर मौसम की पहली बरसात में ही टारिंग उखड़ गई है। इस वजह से लोगों को आवाजाही में भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।