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Bilaspur News: बिलासपुर कॉलेज में 200 छात्राओं ने सीखी मेहंदी लगाने की कला
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बिलासपुर कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में हाथ में लगी मेहंदी दिखाती हुई प्रोफेसर। स्रोत: कॉलेज प्
करवा चौथ के उपलक्ष्य में कार्यशाला आयोजित, प्राचार्य बोले- संस्कृति को सहेजना जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर में करवा चौथ के उपलक्ष्य में मेहंदी कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पीएस कटवाल ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। कार्यशाला में करीब 200 छात्राओं ने भाग लेकर मेहंदी लगाने की कला के बारे में जानकारी हासिल की।
प्राचार्य डॉ. पीएस कटवाल ने कहा कि मेहंदी लगाना एक कला है और इसे अपनी संस्कृति का हिस्सा मानते हुए सहेजना जरूरी है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ पारंपरिक कलाओं को भी आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्राएं मेहंदी कला को व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपना मेहंदी पार्लर भी खोल सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओं और अन्य महिला कर्मचारियों के हाथों पर मेहंदी लगाई गई। करवा चौथ को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
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इस अवसर पर कार्यशाला की संयोजक प्रो. अंजु शर्मा, डॉ. रेणु, डॉ. ज्योति, डॉ. सोनिका, प्रो. सोनिका सोंवल, सह प्राचार्य प्रो. प्रेम जीत, डॉ. विजय, प्रो. रितुराज और प्रो. अपर्णा सहित अन्य उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर में करवा चौथ के उपलक्ष्य में मेहंदी कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पीएस कटवाल ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। कार्यशाला में करीब 200 छात्राओं ने भाग लेकर मेहंदी लगाने की कला के बारे में जानकारी हासिल की।
प्राचार्य डॉ. पीएस कटवाल ने कहा कि मेहंदी लगाना एक कला है और इसे अपनी संस्कृति का हिस्सा मानते हुए सहेजना जरूरी है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ पारंपरिक कलाओं को भी आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्राएं मेहंदी कला को व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपना मेहंदी पार्लर भी खोल सकती हैं।
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कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओं और अन्य महिला कर्मचारियों के हाथों पर मेहंदी लगाई गई। करवा चौथ को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
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इस अवसर पर कार्यशाला की संयोजक प्रो. अंजु शर्मा, डॉ. रेणु, डॉ. ज्योति, डॉ. सोनिका, प्रो. सोनिका सोंवल, सह प्राचार्य प्रो. प्रेम जीत, डॉ. विजय, प्रो. रितुराज और प्रो. अपर्णा सहित अन्य उपस्थित रहे।