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न्यायालयों में लंबित पड़े मामलों के कारणों का लगाएंगे पता : सीजे

Fri, 18 Jan 2019 10:30 PM IST
Devender Devender Kumar Kumar
Updated Fri, 18 Jan 2019 10:30 PM IST
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न्यायालयों में लंबित पड़े मामलों के कारणों का लगाएंगे पता : सीजे
Court
अमर उजाला ब्यूरो
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने घुमारवीं न्यायिक परिसर में 77.09 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त भवन का उद्घाटन किया। न्यायमूर्ति ने बार के सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि गरीब पात्र व्यक्तियों को बेहतर न्यायिक सेवाएं प्रदान करना सुनिश्चित करें। मामलों के शीघ्र निपटारे में न्यायपालिका के साथ सहयोग, सहायता प्रदान करें ताकि लोगों के मन में न्यायालयों के प्रति ऐसी धारणा न बने कि उनके मामले सालों से अदालतों में चल रहे हैं।
न्याय के प्रति दूरदर्शी सोच रखने वाले बिलासपुर के पूर्व राजा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के इतिहास में एक उदाहरण है कि यहां के राजा ने न्यायपालिका और कार्यपालिका को स्थायी रूप से अलग करके उनकी अलग-अलग भूमिकाओं का निर्धारण किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि बिलासपुर व घुमारवीं में उन्हीं प्राचीन परंपराओं व आदर्शों का निर्वहन किया जा रहा है। आग्रह करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी इसी कार्यप्रणाली पर निरंतर कार्य किया जाता रहेगा।
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न्यायमूर्ति ने कहा कि यदि कोई भी समस्या हो तो उनके ध्यान में लाई जाए उन समस्याओं को उच्च न्यायालय द्वारा प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा और सभी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बार और बेंच दोनों की आवश्यकता होगी तो दोनों को जल्द से जल्द उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित पड़े मामलों का पता लगाया जाएगा कि वह किन कारणों से लंबित है। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के समाधान के लिए जिस भी रैंक के अतिरिक्त न्यायिक अधिकारी की आवश्यकता होगी उस रैंक का अतिरिक्त पद सृजित किया जाएगा।
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बार एसोसिएशन की मांगों पर कहा कि बार एसोसिएशन को कैंटीन के लिए स्थान उपलब्ध करवाया जाएगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश से कहा कि वे बार एसोसिएशन के साथ परामर्श करके इसे अंतिम रूप दें। एसोसिएशन की महिला सदस्यों के लिए अलग शौचालय बनाने के लिए भी आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि न्यायिक परिसर में सभी मूलभूत सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि ऐसा वातावरण तैयार हो जहां स्वतंत्र मन से काम किया जा सके और न्यायिक वितरण प्रणाली का हिस्सा और अधिक मजबूत बन सकें।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके चौधरी ने मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य का स्वागत करते हुए कहा जिला बिलासपुर की प्राचीन न्यायिक व्यवस्था व वर्तमान में न्यायिक व्यवस्थाओं के विस्तारीकरण के संदर्भ में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की।
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