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बिलासपुर में धू-धू कर जले रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले
Updated Fri, 19 Oct 2018 08:28 PM IST
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ravan dahen
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा बिलासपुर में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बिलासपुर शहर में श्रीराम भगवान की शोभा यात्रा निकाली गई। इस मौके पर पूरा शहर प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद करीब 7.30 बजे रावमापा रौड़ा में प्रांगण में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया गया। रावण का पुतला करीब 50 फुट और कुंभकरण व मेघनाद के पुतले 45 फुट ऊंचे थे।
राम नाटक समिति रौड़ा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में शुक्रवार को रावमापा छात्र बिलासपुर स्कूल रौड़ा सेक्टर के प्रांगण में अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक विजयादशमी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर रावण दहन को देखने के लिए पूरे बिलासपुर शहर के लोग रौड़ा सेक्टर में पहुंच गए थे जिस कारण मौके पर पांव धरने तक के लिए जगह तक नहीं थी। जैसे ही करीब 7.30 बजे भगवान श्रीराम ने रावण को तीर मारा तो पूरा ग्राउंड जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। वहीं रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले धू-धू कर जल उठे।
राम नाटक समिति रौड़ा के पदाधिकारी और अन्य लोग रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को खड़ा करने में जुट गए थे। शाम साढ़े 6 और 7 बजे के बीच रौड़ा रामलीला प्रांगण से दशहरा ग्राउंड की ओर भगवान श्रीराम की झांकी निकाली गई जिसमें लक्ष्मण, जामवंत, सुग्रीव, हनुमान और वानरी सेना जय श्रीराम के जयघोष कर रही थी। यहां पहुंचने पर राम और लक्ष्मण ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों पर अग्नि बाण छोड़े। बाण लगते ही पुतला धू-धू कर जलने लगा और सत्य का प्रकाश चारों तरफ फैल गया। लोग श्रीराम का जयघोष करने लगे। उसके बाद राम ने विभीषण का राज्याभिषेक किया। वहीं, एकाएक पटाखों की आवाज से पूरा प्रांगण गूंज उठा।
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उधर, राम नाटक समिति रौड़ा सेक्टर के प्रधान अविनाश कपूर ने बताया कि इस बार पुतलों पर 80 हजार के पटाखे लगाए गए हैं।
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बिलासपुर। बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा बिलासपुर में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बिलासपुर शहर में श्रीराम भगवान की शोभा यात्रा निकाली गई। इस मौके पर पूरा शहर प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद करीब 7.30 बजे रावमापा रौड़ा में प्रांगण में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया गया। रावण का पुतला करीब 50 फुट और कुंभकरण व मेघनाद के पुतले 45 फुट ऊंचे थे।
राम नाटक समिति रौड़ा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में शुक्रवार को रावमापा छात्र बिलासपुर स्कूल रौड़ा सेक्टर के प्रांगण में अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक विजयादशमी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर रावण दहन को देखने के लिए पूरे बिलासपुर शहर के लोग रौड़ा सेक्टर में पहुंच गए थे जिस कारण मौके पर पांव धरने तक के लिए जगह तक नहीं थी। जैसे ही करीब 7.30 बजे भगवान श्रीराम ने रावण को तीर मारा तो पूरा ग्राउंड जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। वहीं रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले धू-धू कर जल उठे।
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राम नाटक समिति रौड़ा के पदाधिकारी और अन्य लोग रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को खड़ा करने में जुट गए थे। शाम साढ़े 6 और 7 बजे के बीच रौड़ा रामलीला प्रांगण से दशहरा ग्राउंड की ओर भगवान श्रीराम की झांकी निकाली गई जिसमें लक्ष्मण, जामवंत, सुग्रीव, हनुमान और वानरी सेना जय श्रीराम के जयघोष कर रही थी। यहां पहुंचने पर राम और लक्ष्मण ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों पर अग्नि बाण छोड़े। बाण लगते ही पुतला धू-धू कर जलने लगा और सत्य का प्रकाश चारों तरफ फैल गया। लोग श्रीराम का जयघोष करने लगे। उसके बाद राम ने विभीषण का राज्याभिषेक किया। वहीं, एकाएक पटाखों की आवाज से पूरा प्रांगण गूंज उठा।
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उधर, राम नाटक समिति रौड़ा सेक्टर के प्रधान अविनाश कपूर ने बताया कि इस बार पुतलों पर 80 हजार के पटाखे लगाए गए हैं।
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