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हड़ताल में निगम की अतिरिक्त बसें चली तो होगी कानूनी कार्रवाई

Sun, 09 Sep 2018 10:06 PM IST
Updated Sun, 09 Sep 2018 10:06 PM IST
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हड़ताल में निगम की अतिरिक्त बसें चली तो होगी कानूनी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
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घुमारवीं (बिलासपुर)। जिला बिलासपुर निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने संयुक्त रूप से कहा है कि सरकार ने यदि उनकी मांगों को नहीं माना तो शांतिपूर्वक ढंग से किया जा रहा आंदोलन उग्र कर दिया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि निजी बसों की हड़ताल के दौरान हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा बिना रूट पर बसें चलाई गईं तो सभी निजी ऑपरेटर इस पर कानूनी कार्रवाई करवाएंगे। बिना रूट परमिट के यदि एक भी पथ परिवहन निगम की बस चली तो सभी निजी बसों के ऑपरेटर इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
यह निर्णय बिलासपुर यूनियन ने घुमारवीं के लोक निर्माण विश्राम गृह में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में लिया। बैठक जिला प्रधान राजेश पटियाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें जिले के सभी ऑपरेटरों ने भाग लेकर सोमवार से चलने वाली अनिश्चित कालीन हड़ताल को लेकर चर्चा की।
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सोमवार 10 सितंबर से मांगे पूरी न होने के कारण निजी बस ऑपरेटर यूनियन हड़ताल पर जा रही है। 10 सितंबर से निजी बसों के पहिए अनिश्चित काल के लिए थम जाएंगे। जब तक सरकार द्वारा मांगों को नहीं माना जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी। यूनियन के प्रधान राजेश पटियाल ने कहा कि हड़ताल शांतिपूर्वक ढंग से की जाएगी। सभी ऑपरेटर सुबह पांच बजे से लेकर शाम तक हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों पर नजर रखेंगे। यदि कोई बस बिना रूट के चलती हुई दिखाई दी तो उस बस के चालक व परिचालक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार के समक्ष यूनियन ने कई बार अपनी मांगों को रखा लेकिन आज तक उनकी मांगों पर कोई भी ध्यान नहीं दिया गया। इसी के चलते अब यूनियन ने 10 सितंबर से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है।
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उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों की तरह यहां भी लोकल किराया 10 रुपये किया जाए, जबकि प्रति किलोमीटर में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए। जब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक निजी बसें खड़ी रहेंगी। ग्रीन टैक्स को भी वापस लिया जाए। डीजल के मूल्यों में बहुत वृद्धि हुई है, जिससे ऑपरेटरों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस मौके पर महासचिव राहुल चौहान, बलजीत कश्यप, रणवीर सेन, अमरजीत सेन, अमीन, गुलाम, हरगोपाल भंडारी, राजेंद्र चंदेल, राकेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, महेंद्र चंदेल, अर्पण, संत जोगेंद्र, तेजपाल, सुधीर, चमन, राजेंद्र सिंह, विनय पुरी, पंकज सहित 70 ऑपरेटर उपस्थित रहे।
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लगभग 326 बसों के थमेंगे पहिए
जिला भर में लगभग 326 बसें ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सेवाएं दे रही हैं। इसमें अहम बात यह है कि जिला में कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर निजी बसें ही जाती है जिस कारण हड़ताल से लोगों के रोजमर्रा के कार्यों पर प्रभाव तो पड़ेगा ही।

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स्कूल बच्चों और कर्मचारियों को झेलनी पड़ेगी परेशानी
स्कूली बच्चों सहित सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जिला भर से बच्चे बिलासपुर, घुमारवीं, बरठीं सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। बसों के पहिए थम जाने से उनके लिए भी खासी दिक्कतें आने वाली हैं।
 
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