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लावारिस पशुओं से परेशान होकर छोड़ी खेतीबाड़ी
Updated Sun, 19 Nov 2017 10:50 PM IST
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बरठीं (बिलासपुर)। लावारिस पशुओं और बंदरों से परेशान होकर किसान खेतीबाड़ी छोड़ने को विवश हो रहे हैं। लोगों के अनुसार लावारिस पशु और बंदर उनकी फसल को नष्ट कर देते हैं। कईं किसानों ने तो फसलों की बुआई करना भी छोड़ दिया है।
ग्राम पंचायत कोटलु ब्राह्मणा व ग्राम पंचायत छत के गांवों में लावारिस पशुओं व बंदरों के आतंक की वजह से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोटलु ब्राह्मणा के डून, कल्लर, कोटलु-नंडलू, कोटलु-बरोट, छत पंचायत के छत, हिम्मर, लुरहाणी, पनेरड सहित अन्य गांवों में बंदरों व लावारिस पशुओं द्वारा फसलों को नष्ट करने से किसान फसलों की बुआई करने से डर रहे हैं।
पूर्व पंचायत प्रधान कोटलु ब्राह्मणा एडवोकेट रोशन लाल भारद्वाज, पूर्व पंचायत प्रधान कोटलु ब्राह्मणा रोशन लाल जंवाल, पूर्व पंचायत प्रधान छत रामानंद शर्मा, पूर्व पंचायत उपप्रधान कोटलु ब्राह्मणा प्रकाश चंद धीमान, पूर्व पंचायत उपप्रधान गज्जन सिंह ठाकुर, प्रकाश चंद, राकेश कुमार, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार, संजीव कुमार, राजेश कुमार, मनोज कुमार, संजय कुमार, नरेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि खेतों में फसल की बिजाई करने के लिए प्रति घंटा के हिसाब से 700 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। लेकिन, किसानों के लिए लावारिस पशु परेशानी का सबब बन हुए हैं। लोगों ने प्रशासन से पशुओं को लावारिस छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए नीति बनाने की मांग की है।
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ग्राम पंचायत कोटलु ब्राह्मणा व ग्राम पंचायत छत के गांवों में लावारिस पशुओं व बंदरों के आतंक की वजह से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोटलु ब्राह्मणा के डून, कल्लर, कोटलु-नंडलू, कोटलु-बरोट, छत पंचायत के छत, हिम्मर, लुरहाणी, पनेरड सहित अन्य गांवों में बंदरों व लावारिस पशुओं द्वारा फसलों को नष्ट करने से किसान फसलों की बुआई करने से डर रहे हैं।
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पूर्व पंचायत प्रधान कोटलु ब्राह्मणा एडवोकेट रोशन लाल भारद्वाज, पूर्व पंचायत प्रधान कोटलु ब्राह्मणा रोशन लाल जंवाल, पूर्व पंचायत प्रधान छत रामानंद शर्मा, पूर्व पंचायत उपप्रधान कोटलु ब्राह्मणा प्रकाश चंद धीमान, पूर्व पंचायत उपप्रधान गज्जन सिंह ठाकुर, प्रकाश चंद, राकेश कुमार, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार, संजीव कुमार, राजेश कुमार, मनोज कुमार, संजय कुमार, नरेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि खेतों में फसल की बिजाई करने के लिए प्रति घंटा के हिसाब से 700 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। लेकिन, किसानों के लिए लावारिस पशु परेशानी का सबब बन हुए हैं। लोगों ने प्रशासन से पशुओं को लावारिस छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए नीति बनाने की मांग की है।
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